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फिलीपींस ने चीन को दिया झटका: अपने देश में कायम रखेगा अमेरिकी सैनिक अड्डे
Sat, 31 Jul 2021 02:53 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मनीला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मनीला
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Sat, 31 Jul 2021 02:53 PM IST
सार
शुक्रवार को ऑस्टिन के साथ एक साझा प्रेस कांफ्रेंस में लोरेंजाना ने कहा कि राष्ट्रपति दुतेर्ते अब इस समझौते को रद्द नहीं करेंगे। पत्रकारों ने जब यह पूछा कि दुतेर्ते ने अपना पुराना इरादा क्यों छोड़ा, तो लोरेंजाना ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने सिर्फ यह कहा- ‘राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते से अमेरिकी विदेश मंत्री ऑस्टिन की हुई बातचीत के बाद अब वीएफए पूरी ताकत के साथ लागू है।’
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फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते
- फोटो : Agency (File Photo)
विस्तार
फिलीपींस में राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते की सरकार अपने देश में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बनाए रखने पर सहमत हो गई है। गुजरे वर्षों में दुतेर्ते ने कई बार धमकी दी थी कि वे अमेरिकी सैनिकों को अपने देश से निकाल देंगे। लेकिन फिलीपींस के रक्षा मंत्री देलफिन लोरेंजाना ने शुक्रवार को एलान किया कि अब दुतेर्ते सरकार ने ये इरादा छोड़ दिया है। उन्होंने ये बात अमेरिकी विदेश मंत्री लॉयड ऑस्टिन की दुतेर्ते से हुई बातचीत के बाद कही। ऑस्टिन की 29 जुलाई को यहां दुतेर्ते से मुलाकात हुई थी। फिलीपींस सरकार के इस निर्णय को अमेरिका की बड़ी कूटनीतिक जीत माना गया है। साथ ही यह चीन के लिए बड़ा झटका है।
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फिलीपींस में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती विजिटिंग फोर्सेज एग्रीमेंट (वीएफए) के तहत हुई थी। शुक्रवार को ऑस्टिन के साथ एक साझा प्रेस कांफ्रेंस में लोरेंजाना ने कहा कि राष्ट्रपति दुतेर्ते अब इस समझौते को रद्द नहीं करेंगे। पत्रकारों ने जब यह पूछा कि दुतेर्ते ने अपना पुराना इरादा क्यों छोड़ा, तो लोरेंजाना ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने सिर्फ यह कहा- ‘राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते से अमेरिकी विदेश मंत्री ऑस्टिन की हुई बातचीत के बाद अब वीएफए पूरी ताकत के साथ लागू है।’ ऑस्टिन ने कहा कि इस फैसले से अमेरिका को अब दीर्घकालिक योजना बनाने का मौका मिलेगा। इन योजनाओं में विभिन्न प्रकार के सैनिक अभ्यास भी शामिल हैं।
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वीएफए पर दस्तखत 1999 में हुए थे। उसमें फिलीपींस में हजारों की संख्या में तैनात अमेरिकी फौजियों के यहां आने और यहां से जाने के बारे में नियम तय किए गए। साथ ही नियमित ढंग से युद्ध अभ्यास करने संबंधी नियम भी इस समझौते में शामिल हैं। चीन के साथ बढ़ते टकराव के कारण अमेरिका की निगाह में इस करार का महत्त्व बढ़ गया है। इस समझौते के तहत अमेरिका को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपने सैनिक और युद्धक साजो-सामान रखने की सुविधा मिली हुई है। इससे वह दक्षिण चीन सागर में आसानी से अपने नौवहन मिशन को अंजाम दे पाता है।
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इसके पहले दुतेर्ते ने फरवरी 2020 में मनीला स्थित अमेरिकी दूतावास को सूचित कर दिया था कि वे वीएफए खत्म करने पर विचार कर रहे हैं। तब उनके एक करीबी को अमेरिका ने वीजा देने से इनकार कर दिया था। उससे नाराज होकर दुतेर्ते ने ये कदम उठाया था। उसके बाद उन्होंने ये धमकी कई बार दोहराई। कुछ महीने उन्होंने कहा था कि वे इस समझौते को तब तक ही जारी रखेंगे, जब तक इससे फिलीपींस को फायदा होता हो।
अब दुतेर्ते ने ये फैसला ठीक उस समय पलटा है, जब देश में राष्ट्रपति का माहौल बन रहा है। फिलीपींस में मई 2022 में अगला राष्ट्रपति चुनाव होगा। दुतेर्ते दो कार्यकाल के लिए लगातार चुनाव जीत चुके हैं। फिलीपींस के संविधान के मुताबिक इस बार वे राष्ट्रपति का चुनाव नहीं लड़ सकते। लेकिन उनकी पीडीपी-लबान पार्टी ने उनसे अपील की है कि वे उप-राष्ट्रपति का चुनाव लड़ें। उस हाल में किसी कठपुतली नेता को राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
इस बीच कुछ पर्यवेक्षकों ने कहा है कि दुतेर्ते का रुख अकसर बदलता रहता है। इसलिए अभी उन्होंने वीएफए के बारे में जो फैसला लिया है, उस पर वे आगे भी टिके रहेंगे, यह जरूरी नहीं है।