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Pakistan: शहबाज शरीफ को अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिका दायर; सुनवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

Wed, 05 Jul 2023 05:17 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 05 Jul 2023 05:17 PM IST
सार

Pakistan: पाकिस्तान की एक अदालत में याचिका दायर कर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को अयोग्य ठहराने की मांग की गई है। दावा किया गया है कि उन्होंने अपने बड़े भाई नवाज शरीफ के इलाज के बाद ब्रिटेन से लौटने के संबध में अदालत से 'झूठा वादा' किया था। 

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Petition seeking Pak PM Shehbaz Sharif's disqualification filed in Lahore High Court
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ - फोटो : सोशल मीडिया (फाइल)

विस्तार

पाकिस्तान की एक अदालत में याचिका दायर कर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को अयोग्य ठहराने की मांग की गई है। दावा किया गया है कि उन्होंने अपने बड़े भाई नवाज शरीफ के इलाज के बाद ब्रिटेन से लौटने के संबध में अदालत से 'झूठा वादा' किया था। 

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हालांकि, लाहौर उच्च न्यायालय (एलएचसी) ने मंगलवार को सुनवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करते हुए कहा कि यह याचिका तब दायर की जानी चाहिए थी जब शहबाज पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान अपना वादा पूरा करने में विफल रहे।

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सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सर्वोच्च नेता और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बड़े भाई नवाज नवंबर 2019 से ब्रिटेन में निर्वासन में रह रहे हैं। याचिकाकर्ता अजहर अब्बास ने दलील दी कि शहबाज शरीफ ने नवंबर 2019 में उच्च न्यायालय की दो न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष 'झूठा हलफनामा' दायर किया था कि अगर उन्हें (नवाज शरीफ को) इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दी जाती है तो वह चार सप्ताह के भीतर अपने बड़े भाई की वापसी सुनिश्चित करेंगे।

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याचिकाकर्ता ने कहा कि उच्च न्यायालय ने शहबाज शरीफ के हलफनामे को स्वीकार कर लिया और नवाज शरीफ  को इलाज के लिए चार सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी। लेकिन नवाज शरीफ नवंबर 2019 से यूरोप और खाड़ी देशों की यात्रा कर रहे हैं, लेकिन वह पाकिस्तान नहीं लौट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि नवाज शरीफ ने अदालत से राहत पाने के लिए अपनी बीमारी का बहाना किया। याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि शहबाज शरीफ को संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के प्रावधानों के तहत अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। 
 

सहायक अटॉर्नी जनरल शेराज जका ने रिट याचिका की विचारणीयता पर आपत्ति जताते हुए कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में पीड़ित व्यक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को उस समय की संघीय सरकार (इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) ने विदेश यात्रा की अनुमति दी थी। उन्होंने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता के पास एक उचित मंच पर जाने का उपाय था यदि उसे लगता है कि कोई अपराध हुआ है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि याचिका को सुनवाई योग्य न मानते हुए खारिज कर दिया जाए। इसके बाद लाहौर हाई कोर्ट ने सुनवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। 

तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ लाहौर की कोट लखपत जेल में सात साल कैद की सजा काट रहे थे जब लाहौर उच्च न्यायालय ने उन्हें नवंबर 2019 में चिकित्सा आधार पर देश छोड़कर लंदन जाने की अनुमति दी थी। पीटीआई के प्रमुख और अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान ने आरोप लगाया है कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने शरीफ को जेल से बाहर निकालने की प्रक्रिया की थी और बाद में उनके साथ एक समझौता किया था। पीएमएल-एन का कहना है कि आम चुनाव की तारीख की घोषणा होने के बाद उसके सर्वोच्च नेता पाकिस्तान लौट आएंगे। देश में चुनाव अक्टूबर में होने हैं क्योंकि मौजूदा सरकार का कार्यकाल 13 अगस्त को समाप्त हो रहा है।

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