न्यूजीलैंड: मस्जिद हमले की पहली बरसी पर लोगों को किया याद
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न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में एक साल पहले हुए हमले की पहली बरसी पर बड़ी संख्या में लोग अल नूर मस्जिद के बाहर जुटे और मारे गए लोगों को याद किया। कोरोना वायरस के चलते हमले की पहली बरसी पर रविवार को प्रस्तावित राष्ट्रीय स्मारक कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था।
कार्यक्रम रद्द होने के बावजूद लोग नूर मस्जिद के बाहर जमा हुए और मृतकों को याद किया। इस दौरान टू टंगाटा क्लब से जुड़े लोगों ने न्यूूजीलैंड का पारंपरिक हाउरो हका नृत्य प्रस्तुत किया। मस्जिद के इमाम जमाल फौदा ने टंगाटा क्लब का स्वागत किया।
लिनवुड मस्जिद पर हुए हमले में बाल बाल बचे मजहरुद्दीन सैयद अहमद ने कहा कि आमतौर पर बरसी मुस्लिम परंपरा का हिस्सा नहीं है, लेकिन हम लोग मृतकों की याद में यहां जमा हुए हैं। अहमद ने कहा कि एक साल पहले हुए हमले में हमने अपने दोस्तों, परिवार और करीबी लोगों को खोया है।
यह भावुक पल है: प्रधानमंत्री
इससे पहले शनिवार को न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने राष्ट्रीय स्मारक कार्यक्रम रद्द होने की जानकारी दी थी। रविवार को उन्होंने ट्वीट किया, ‘यह बहुत भावुक पल है। आज सुबह जब मैं उठी, तो मैं अवाक थी। मैं बता नहीं सकती कि मैं कैसा महसूस कर रही हूं।’ बता दें कि एक साल पहले न्यूजीलैंड की दो मस्जिदों पर हुए हमले में करीब 50 लोगों की मौत हो गई थी।