{"_id":"5f72ac5957823600353969a0","slug":"people-are-hunting-sharks-for-corona-virus-vaccine-a-natural-oil-will-immune-human-in-better-way","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए बढ़ा समुद्री शार्क का शिकार, जानकारों ने विलुप्त होने की जताई चिंता","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए बढ़ा समुद्री शार्क का शिकार, जानकारों ने विलुप्त होने की जताई चिंता
Tue, 29 Sep 2020 09:09 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: Tanuja Yadav
Updated Tue, 29 Sep 2020 09:09 AM IST
विज्ञापन
कोरोना वैक्सीन के लिए शार्कों का किया जा रहा शिकार
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए अब दुनिया में तेजी से समुद्री शार्क का शिकार किया जा रहा है। कई वाइल्डलाइफ जानकार इस बात की चेतावनी दे चुके हैं अगर ऐसा करने से ना रोका गया तो इस काम के लिए के लिए दुनिया के करीब डेढ़ लाख से ज्यादा शार्कों को मारा जा सकता है।
विज्ञापन
शार्कों का शिकार इसलिए किया जा रहा है ताकि इनके लिवर में बनने वाले एक प्राकृतिक तेल स्क्वैलीन को प्राप्त किया जा सके। शार्क में पाए जाने वाले इस तेल का इस्तेमाल बुखार के वैक्सीन की प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए किया जाता है। कई कंपनियां शार्क के लिवर में पाए जाने वाले इस तेल का उपयोग वैक्सीन बनाने में कर रही हैं।
विज्ञापन
हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की गई है कि शार्क से मिले स्क्वैलीन प्राकृतिक तेल से बनी वैक्सीन कितनी कारगार है। शार्क संरक्षण के लिए काम करने वाले समूह शार्क एलाइज का कहना है कि अगर दुनिया में लोगों को कोरोना से बताने के लिए इस तेल की बनी वैक्सीन दी जाएगी तो इसके लिए दुनिया के 2,40,000 शार्कों को मारा जा सकता है।
विज्ञापन
हालांकि कुछ जानकार शार्क एलाइज के आंकड़ों को बहुत कम मानते हैं। उनका कहना है कि कोरोना के किसी मरीज को ठीक करने के लिए वैक्सीन की दो डोज देनी होती है। इस हिसाब से अगर पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमित मरीजों को बचाना है तो कम से कम पांच लाख शार्कों की कुर्बानी देनी होगी। इससे हमारा समुद्री पर्यावरण खत्म हो सकता है।
शार्क एलाइज का कहना है कि किसी जानवर को मारकर कुछ प्राप्त करना कभी भी टिकाऊ नहीं रहा है। शार्क को समुद्र के चरम शिकारी जीव है और यह प्रजनन भी बड़ी संख्या में करती है। उनका कहना है कि यह महामारी कब तक चलेगी, इसकी बात की कोई जानकारी नहीं है लेकिन अगर इसी तरह शार्कों का शिकार चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब समुद्र से शार्क को नामोनिशान मिट जाए।