फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Passenger forced to swap extra legroom seat with couple on turkish airlines flight

Turkish Airlines: फ्लाइट में सीट बदलने के लिए यात्री को किया मजबूर, असुविधा के साथ गुजारने पड़े सात घंटे

Fri, 01 Dec 2023 04:24 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्तांबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्तांबुल Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 01 Dec 2023 04:24 PM IST
सार

Turkish Airlines: इस्तांबुल से किलिमंजारो जा रही टर्किश एयरलाइंस की उड़ान में एक यात्री अपनी एक्स्ट्रा लेगरूम सीट के साथ सफर कर रहा था। लेकिन, उसे एक जोड़े के साथ अपनी सीट की अदला-बदली करने के लिए मजबूर किया गया।

विज्ञापन
Passenger forced to swap extra legroom seat with couple on turkish airlines flight
airlines (Representational Image) - फोटो : iStock

विस्तार

हाल ही में इस्तांबुल से किलिमंजारो जा रही टर्किश एयरलाइंस की उड़ान में एक यात्री अपनी एक्स्ट्रा लेगरूम सीट के साथ सफर कर रहा था। लेकिन, उसे एक जोड़े के साथ अपनी सीट की अदला-बदली करने के लिए मजबूर किया गया। कोंडे नास्ट ट्रैवलर ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। 

विज्ञापन

 

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना सितंबर के महीने में हुई। टॉड प्लमर ने एक टिकट बुक किया था और उन्हें 11D की पेशकश की गई थी। उनकी लंबाई 6 फुट 2 इंच है, इसलिए उन्होंने एक्स्ट्रा लेगरूम के साथ सीट बुक थी। यह सीट मिलने से वह खुश थे, लेकिन उनकी यह खुशी कुछ क्षणों तक के लिए ही रही। दरअसल, क्रू मेंबर्स ने डबल बुकिंग के कारण उनसे अपनी सीट एक जोड़े के साथ बदलने को कहा। प्लमर के मुताबिक, गेट एजेंट ने उनसे कहा कि उन्हें 9D सीट के साथ एडजस्ट होना पड़ेगा।  

विज्ञापन
विज्ञापन

क्रू मेंबर्स ने जब प्लमर से अपनी सीट जोड़े के साथ बदलने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि वह जहां बैठे हैं, उससे खुश हैं और वहीं पर रहना चाहते हैं। हालांकि, बाद में प्लमर को हार माननी पड़ी और उन्होंने जोड़े के साथ अपनी सीट बदल दी। इसके बाद प्लमर को 9D सीट पर बैठकर ही अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ी। 

विज्ञापन

प्लमर ने कहा कि इसके बाद अगले सात घंटों से अधिक समय तक वह असहज होकर यात्रा करते रहे और चुपचाप गुस्से से उबलते रहे। उन्होंने कहा, सात घंटों से ज्यादा समय तक मैं चुपचाप गुस्से से उबलता रहा, क्योंकि मेरे घुटने सामने वाली सीट से टकरा रहे थे और मेरे पैरों में ऐंठन हो रही थी। 

प्लमर ने कहा कि वह एक समझदार व्यक्ति हैं और आपात स्थिति होती तो वह अपनी सीट बदल देते। उन्होंने कहा, अगर चिकित्सा आपात स्थिति होती या एक बच्चे को अपने माता-पिता के साथ बैठने की आवश्यकता होती तो मैं समान या उससे अधिक मूल्य की सीट पर चला गया होता। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed