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फ्रांसः महिलाओं की ज्यादा नियुक्ति बनी फांस, पेरिस सिटी हॉल पर 81 लाख रुपये जुर्माना

Sun, 20 Dec 2020 12:08 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: अनवर अंसारी Updated Sun, 20 Dec 2020 12:08 PM IST
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Paris City Hall fined 90 thousand euros for appointing women in top positions, know what is the reason
पेरिस - फोटो : पिक्साबे

फ्रांस के नगर निकाय ‘पेरिस सिटी हॉल’ में 2018 में शीर्ष पदों पर ज्यादा महिलाओं को नियुक्त करके लैंगिक समानता बनाए रखने के नियम का उल्लंघन करने के आरोप में 90,000 यूरो (लगभग 81,20,144 रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। पेरिस की मेयर ऐनी हिडाल्गो ने मंगलवार को शहर परिषद की बैठक में जुर्माने को अनुचित और असंगत बताया है। 

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पेरिस सिटी हॉल में 2018 में 11 महिलाओं और पांच पुरुषों को शीर्ष पदों पर नियुक्त किया गया था। इस तरह से 69 फीसदी नियुक्ति महिलाओं की हुई। इसेेे देखते हुए  निकाय सेवा मंत्रालय ने यह जुर्माना लगाया है। 
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इन नियम का किया गया उल्लंघन
दरअसल, ये नियुक्तियां साल 2013 के उस नियम की अनदेखी है, जिसमें महिलाओं को सिविल सेवा में वरिष्ठ पदों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सुवादेत लॉ पारित किया गया। इस कानून के तहत महिला और पुरुष दोनों की 40 प्रतिशत नियुक्ति जरूरी है। 
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फ्रांस में इस नियम को इसलिए बनाया गया ताकि वरिष्ठ पदों तक महिलाओं की पहुंच हो सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि किसी भी विभाग में 60 फीसदी से अधिक एक ही लिंग के व्यक्ति ना हो जाए। 

मेयर ने कहा, महिलाओं को बढ़ावा देने की जरूरत
पेरिस की मेयर ऐनी हिडाल्गो ने कहा, हां, हमें दृढ़ता के साथ महिलाओं को बढ़ावा देने की जरूरत है, क्योंकि फ्रांस अब भी इस मुद्दे पर काफी पिछड़ा है। लैंगिक समानता प्राप्त करने के लिए, गति को तेज करना और यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि नामांकन में पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं हों।

 
फ्रांस में इसलिए इस कानून की जरूरत पड़ी
यूरोपीय देशों में सबसे उदारवादी और धर्मनिरपेक्ष होने के बाद भी फ्रांस में महिलाओं के साथ भेदभाव होता आ रहा है। वरिष्ठ पदों पर पुरुषों का कब्जा और महिलाओं की भागीदारी काफी सीमित है। प्रशासनिक पदों पर हालात और भी बदतर है। साल 2018 में सिविल सेवाओं में केवल 31 फीसदी महिलाएं ही थीं। इस तरह महिला बराबरी के मामले में फ्रांस काफी पिछड़ा हुआ है।

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