पंडोरा पेपर्स: अब तो अमेरिका का ये राज्य ही बन गया है टैक्स हैवेन, तीन राज्य पहले से ही हैं बदनाम!
आईसीआईजे के खोजी पत्रकारों के मुताबिक साउथ डकोटा अमेरिका का चौथा राज्य है, जो गोपनीय ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन की अनुमति देकर फूल-फल रहा है। आईसीआईजे के मुताबिक ट्रस्ट एक ऐसा ढांचा है, जो पूरी तरह गोपनीयता पर आधारित है। इसके तहत धनी-मानी लोग अपनी संपत्ति (नकदी, महल, शेयर, महंगी कलाकृतियां आदि) किसी ट्रस्ट को ट्रांसफर कर देते हैं...
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इंटरनेशनल कॉन्जर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जनर्लिस्ट्स (आईसीआईजे) ने पंडोरा पेपर्स नाम से जो नए खुलासे किए हैं, उनसे सामने आया एक अहम तथ्य यह है कि अमेरिका का साउथ डकोटा राज्य भी अब एक टैक्स हैवेन बन गया है। उसका नाम उन स्थानों में शामिल हो गया है, जहां दुनिया के धनी-मानी लोग अवैध या अनैतिक ढंग से अपने धन को लाकर रखते हैं। इन दस्तावेजों के मुताबिक अमेरिका के डेलावेयर, नवादा और वायमिंग जैसे क्षेत्रों में पहले से ही टैक्स फ्री धन रखने की सुविधा है।
पंडोरा पेपर्स दुनिया के जिन प्रमुख अखबारों में एक साथ छप रहा है, उनमें फ्रांस का अखबार ला मोंद भी है। इस अखबार की एक रिपोर्ट में कहा गया है- ‘अमेरिका तेजी से देश से बाहर धन रखने का केंद्र (ऑफशोर फाइनेंशियल सेंटर) बनता जा रहा है। पंडोरा पेपर्स से दस्तावेजों के साथ उस बात की पुष्टि हुई है, जिसे कई एनजीओ और अर्थशास्त्री पहले से कहते रहे हैं। वे एनजीओ और अर्थशास्त्री टैक्स हैवेन्स (कर बचाने के अड्डों) के बारे में दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत (अमेरिका) के अस्पष्ट राजनीतिक रुख की निंदा करते रहे हैं। अमेरिका एक तरफ विदेशी टैक्स हैवैन्स से लड़ने की बात करता है, जबकि उसने डेलावेयर, नेवाडा और वायोमिंग जैसे अपने ही क्षेत्रों को टैक्स फ्री जोन के रूप में उभरने दिया है।’
आईसीआईजे के खोजी पत्रकारों के मुताबिक साउथ डकोटा अमेरिका का चौथा राज्य है, जो गोपनीय ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन की अनुमति देकर फूल-फल रहा है। आईसीआईजे के मुताबिक ट्रस्ट एक ऐसा ढांचा है, जो पूरी तरह गोपनीयता पर आधारित है। इसके तहत धनी-मानी लोग अपनी संपत्ति (नकदी, महल, शेयर, महंगी कलाकृतियां आदि) किसी ट्रस्ट को ट्रांसफर कर देते हैं। इस तरह वह संपत्ति उनके नाम पर नहीं दिखती। जबकि ट्रस्ट असल में उनके ही हाथ में होता है। टैक्स हैवेन्स में ऐसे ट्रस्ट गोपनीय रूप से रजिस्टर्ड करवाए जाते हैं।
आईसीआईजे ने एक ऐसे ही ऑफशोर ट्रस्ट- ट्राइडेंट का जिक्र किया है। इसे सायओक्स फॉल्स में रजिस्टर कराया गया, जहां की आबादी सिर्फ एक लाख 80 हजार है। दस्तावेजों के मुताबिक ये ट्रस्ट ऑफशोर सर्विस प्रदान करता है। उसके जरिए मध्य-पश्चिम अमेरिका में स्थित इस जगह पर करोड़ों डॉलर की रकम लाकर रखी गई है। दस्तावेजों के मुताबिक अपने धन पर टैक्स बचाने के लिहाज से दुनिया भर के धनी लोगों के लिए यह एक अहम पसंदीदा जगह बन गया है। साउथ डकोटा राज्य में रजिस्टर्ड ट्रस्टों के पास कुल 360 अरब डॉलर की संपत्ति है।
दसियों हजार दस्तावेजों के अपने अध्ययन के आधार पर आईसीआईजे ने कहा है कि अमेरिकी सरकार की नीतियों का फायदा साउथ डकोटा राज्य को मिला है। अमेरिका ने टैक्स हैवेन कैरीबियाई द्वीपों पर पारदर्शिता बरतने के लिए दबाव बनाया। उसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग अपना धन साउथ डकोटा ले गए। इन बातों के प्रमाण पंडोरा पेपर्स में मौजूद हैं।
आईसीआईजे ने बताया है कि पहले टैक्स हैवेन के रूप में चर्चित रहे बहामा ने 2018 मनी-लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून बनाया। उसके तहत कंपनियों और कुछ ट्रस्टों के लिए ये बताना जरूरी कर दिया गया कि धन का मालिक कौन है। पंडोरा पेपर्स के मुताबिक ये कानून बनने के कुछ ही दिन बाद डॉमिकन रिपब्लिक के पूर्व उप राष्ट्रपति कार्लोस मोरालेस ट्रोंकोसो के परिजन बहामा गए और वहां से अपना धन साउथ डकोटा ले गए। ऐसा करने वाले वे अकेले व्यक्ति नहीं हैं।