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बासमती चावल के जीआई टैग को लेकर भारत के खिलाफ यूरोपियन यूनियन जाएगा पाकिस्तान
Wed, 07 Oct 2020 03:15 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 07 Oct 2020 03:15 PM IST
सार
- यूरोपियन यूनियन में बासमती को लेकर भारत के दावे को गलत साबित करेगा पाकिस्तान
- पाकिस्तान ने कहा, भारत ही नहीं पाकिस्तान में भी भारी मात्रा में बासमती की पैदावार
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भारतीय बासमती चावल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अब भारत और पाकिस्तान के बीच बासमती चावल को लेकर भी तनातनी शुरू हो गई है। पाकिस्तान सरकार को ये चिंता सता रही है कि कहीं भारत को बासमती चावल के उत्पादन का एकाधिकार न मिल जाए और कहीं यूरोपियन यूनियन (ईयू) भारत को बासमती चावल को जीआई (ज्योग्राफिकल इंडिकेशन टैग) की मान्यता न दे दे। पाकिस्तान ने दावा किया है कि पाकिस्तान में भी बासमती चावल की फसल खूब होती है और भारत का ये दावा गलत है कि वही बासमती चावल का इकलौता उत्पादक है।
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पाकिस्तान ने तय किया है कि वह भारत के दावे के खिलाफ यूरोपियन यूनियन में विरोध दर्ज कराएगा और बताएगा कि पाकिस्तान में भी अच्छी गुणवत्ता का बासमती चावल काफी मात्रा में होता है और वह इसका निर्यात भी करता है। इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री के वाणिज्य सलाहकार रजाक दाउद की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक में ये फैसला लिया गया। बैठक में वाणिज्य सचिव, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष और पाकिस्तान चावल निर्यातक संघ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
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बैठक के बाद एक बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान बासमती चावल उत्पादन करने वाला एक प्रमुख देश है और भारत का ये दावा बेबुनियाद और गलत है कि वही इकलौता ऐसा देश है। रजाक दाउद ने कहा है कि उनकी कोशिश है कि ईयू में भारत के इस दावे को गलत साबित करते हुए ये सुनिश्चित करेगा कि भारत को बासमती चावल का जीआई टैग न मिल सके।
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