{"_id":"66e31b7c8e9245953f049d7e","slug":"pakistan-sindh-province-minor-hindu-girl-abduction-married-off-to-elderly-man-religious-conversion-2024-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pakistan Religious Conversion: सिंध प्रांत में 16 साल की लड़की का अधेड़ से जबरन निकाह; धर्म परिवर्तन भी कराया","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Pakistan Religious Conversion: सिंध प्रांत में 16 साल की लड़की का अधेड़ से जबरन निकाह; धर्म परिवर्तन भी कराया
Thu, 12 Sep 2024 10:19 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कराची
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कराची
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 12 Sep 2024 10:19 PM IST
सार
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक नाबालिग हिंदू लड़की का अपहरण कर धर्म परिवर्तन और जबरन निकाह कराने का मामला सामने आया है। इस्लाम कबूलने को मजबूर की गई नाबालिग का निकाह बुजुर्ग से कराया गया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पाकिस्तान में एक नाबालिग के धर्म परिवर्तन और जबरन निकाह का मामला सामने आया है। 16 वर्षीय लड़की को बुधवार को हुंगुरू में उसके गांव से अगवा किया गया। पाकिस्तान दरावर इत्तेहाद संगठन के प्रमुख शिवा फकीर काची ने बताया कि नाबालिग का जबरन निकाह उम्र में बहुत बड़े शख्स से करा दिया गया। निकाह के बाद नाबालिग को इस्लाम कबूल करा दिया गया। लड़की को समुरा इलाके के पास एक मदरसे में ले जाकर इस्लाम कबूल कराया गया। यहीं उसका निकाह कराया गया। लड़की के माता-पिता गुरुवार को अपनी बेटी से मिलने गए, लेकिन मौलवी ने उन्हें अंदर दाखिल नहीं होने दिया।
गरीब परिवारों को निशाना बनाते हैं
यह मामला ऐसे समय में आया है जब अदालत के आदेश के बाद हैदराबाद से अगवा की गई एक अन्य नाबालिग हिंदू को परिवार को सौंपा गया। इस पीड़िता को लगभग एक साल तक यातना दी गई। दरावर इत्तेहाद संगठन के प्रमुख शिवा फकीर काची के मुताबिक दूसरे समुदाय की लड़कियों का जबरन निकाह और धर्म परिवर्तन बेहद आम बात हो चुकी है। छोटी बेटियों और बहनों को जबरन ले जाते हैं और मुस्लिम पुरुषों से उनकी शादी करा दी जाती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अधिकांश हिंदू परिवार गरीब हैं, इसलिए उनकी महिलाएं आसान लक्ष्य होती हैं। उनका अपहरण होता है। परिवार की तरफ से शिकायत के बावजूद सिस्टम से पर्याप्त समर्थन नहीं मिलता है। ऐसे में पीड़ितों की वापसी सुनिश्चित करने में बेहद जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
नाइंसाफी के खिलाफ लड़ना जारी रखेंगे
फकीर काची ने कहा कि उनका संगठन हिंदू समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है। अपहृत किशोरी लड़की को बरामद करने के लिए संस्था कानून का सहारा लेगी। उन्होंने कहा कि नाबालिग को मुक्त कराने में कितना समय लगेगा, यह कहना मुश्किल है। लेकिन हम अन्याय और अपराध के खिलाफ लड़ना जारी रखेंगे।
विज्ञापन
2022 में भी आया था ऐसा मामला
गौरतलब है कि ऐसी ही एक अन्य वारदात में करीब ढाई साल पहले एक अन्य हिंदू लड़की को भी अगवा किया गया था। उसका अपहरण शादी के ठीक तीन दिन बाद हुआ था। जनवरी 2022 में मामला सुर्खियों में आने के बाद धर्म परिवर्तन और मुस्लिम व्यक्ति से जबरन शादी जैसी बातें भी सामने आईं। हालांकि, 14 महीने बाद वह लड़की जालिमों के चंगुल से भागने में सफल रही। पुलिस उसे लेकर उसके मायके गई थी, लेकिन कुछ महीनों के बाद, उसका फिर से अपहरण हुआ और उसे अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन
गरीब परिवारों को निशाना बनाते हैं
यह मामला ऐसे समय में आया है जब अदालत के आदेश के बाद हैदराबाद से अगवा की गई एक अन्य नाबालिग हिंदू को परिवार को सौंपा गया। इस पीड़िता को लगभग एक साल तक यातना दी गई। दरावर इत्तेहाद संगठन के प्रमुख शिवा फकीर काची के मुताबिक दूसरे समुदाय की लड़कियों का जबरन निकाह और धर्म परिवर्तन बेहद आम बात हो चुकी है। छोटी बेटियों और बहनों को जबरन ले जाते हैं और मुस्लिम पुरुषों से उनकी शादी करा दी जाती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अधिकांश हिंदू परिवार गरीब हैं, इसलिए उनकी महिलाएं आसान लक्ष्य होती हैं। उनका अपहरण होता है। परिवार की तरफ से शिकायत के बावजूद सिस्टम से पर्याप्त समर्थन नहीं मिलता है। ऐसे में पीड़ितों की वापसी सुनिश्चित करने में बेहद जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
नाइंसाफी के खिलाफ लड़ना जारी रखेंगे
फकीर काची ने कहा कि उनका संगठन हिंदू समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है। अपहृत किशोरी लड़की को बरामद करने के लिए संस्था कानून का सहारा लेगी। उन्होंने कहा कि नाबालिग को मुक्त कराने में कितना समय लगेगा, यह कहना मुश्किल है। लेकिन हम अन्याय और अपराध के खिलाफ लड़ना जारी रखेंगे।
विज्ञापन
2022 में भी आया था ऐसा मामला
गौरतलब है कि ऐसी ही एक अन्य वारदात में करीब ढाई साल पहले एक अन्य हिंदू लड़की को भी अगवा किया गया था। उसका अपहरण शादी के ठीक तीन दिन बाद हुआ था। जनवरी 2022 में मामला सुर्खियों में आने के बाद धर्म परिवर्तन और मुस्लिम व्यक्ति से जबरन शादी जैसी बातें भी सामने आईं। हालांकि, 14 महीने बाद वह लड़की जालिमों के चंगुल से भागने में सफल रही। पुलिस उसे लेकर उसके मायके गई थी, लेकिन कुछ महीनों के बाद, उसका फिर से अपहरण हुआ और उसे अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है।