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Pakistan: पाकिस्तान में अब फैली भूकंप की अफवाह, दशहत के साये में देश भर के लोग

Fri, 10 Feb 2023 02:26 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 10 Feb 2023 02:26 PM IST
सार

Pakistan: व्हाट्सएप के जरिए फैल रहे ऐसे कई संदेशों में कहा गया है कि संभावित भूंकप का पूरे दक्षिण एशिया पर असर होगा, लेकिन पाकिस्तान और उसकी सीमा से लगे भारतीय इलाकों में ज्यादा तबाही होगी...

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Pakistan: Rumors of earthquake now spread in Pakistan via social media
तुर्की-सीरिया भूकंप - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

घोर आर्थिक संकट, जरूरी चीजों के अभाव और सियासी उथल-पुथल के जी रहे पाकिस्तान के लोगों पर अब भूकंप की दहशत का साया भी पड़ गया है। तुर्किये और सीरिया में आए भयंकर भूकंप से हुए नुकसान के वीडियो और तस्वीरों के साथ-साथ देश में सोशल मीडिया पर ऐसी चर्चा भी फैली हुई है कि पाकिस्तान में जबरदस्त भूकंप आने वाला है। व्हाट्सएप के जरिए फैल रहे ऐसे कई संदेशों में कहा गया है कि संभावित भूंकप का पूरे दक्षिण एशिया पर असर होगा, लेकिन पाकिस्तान और उसकी सीमा से लगे भारतीय इलाकों में ज्यादा तबाही होगी।

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ऐसी अफवाहें उस समय और जोर पकड़ गईं जब खुद को ‘सोलर सिस्टम जियोमेट्री सर्वे’ करने वाले एक संगठन के ट्विटर हैंडल पर ऐसी आशंका जताई गई। उसमें दावा किया गया कि चंद्रमा की गतिविधि के आधार पर भूकंप की भविष्यवाणी करना संभव है। ऐसी भविष्यवाणी में बताया जा सकता है कि भूकंप किस जगह पर आएगा। इस ट्विटर हैंडल पर कहा गया- ‘बैंगनी (पर्पल) बैंड के आसपास एक से छह दिन के भीतर तीव्र भूकंपीय गतिविधियों की संभावना है। यह एक अनुमान है। अन्य क्षेत्र भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।’ पर्पल बैंड का अर्थ पाकिस्तान के करीब बताया गया।

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इसके बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसे नीदरलैंड्स के “भूकंप विज्ञानी” फ्रैंक हूगरबीट्स का बताया गया। उसमें उस व्यक्ति को कहते सुना गया कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और भारत के करीब भूंकपीय गतिविधियां तैयार हो रही हैं। हालांकि वह वीडियो पहले का था, जिसमें चार से छह फरवरी के बीच रिक्टर स्केल पर छह या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आने की आशंका जताई गई थी। सोशल मीडिया पर डाले गए कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि हूगरबीट्स ने तुर्किये और सीरिया में भूकंप आने की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी। हालांकि हूगरबीट्स की भविष्यवाणी की तारीख निकल चुकी है, उसके बावजूद उसकी पाकिस्तान के लगभग हर इलाके में डर फैलाने में खास भूमिका रही है।

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जबकि वैज्ञानिकों ने ऐसी तमाम आशंकाओं का खंडन किया है। उन्होंने दो टूक कहा है कि भूकंप आने की पहले से भविष्यवाणी संभव नहीं है। उन्होंने कहा है कि जिन संगठनों और हूगरबीट्स जैसे व्यक्तियों ने सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई है, उनका नजरिया पूरी तरह अवैज्ञानिक है। अमेरिकी एजेंसी यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने अपनी वेबसाइट पर साफ लिख रखा है- ‘यूएसजीस या किसी अन्य वैज्ञानिक ने कभी किसी बड़े भूकंप की भविष्यवाणी नहीं की है। भूकंप कैसे आता है, इस बारे में हमें कुछ मालूम नहीं है, न ही निकट भविष्य में ऐसा हो पाने की संभावना है।’

दुनिया की जानी-मानी वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग संस्था कैलटेक ने कहा है- ‘फिलहाल यह बताना संभव नहीं है कि भूकंप कब आएगा, कहां आएगा और उसकी तीव्रता क्या होगी।’ वैज्ञानिकों ने भय फैलाने के लिए हूगरबीट्स की कड़ी आलोचना की है। लेकिन पिछले कुछ दिनों के अंदर ट्विटर पर हूगरबीट्स के फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसमें दस लाख की बढ़ोतरी हुई है।

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