फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan ruling coalition PDM shocked to see elections in front Imran khan party stopped Jail Bharo movement

Pakistan: चुनाव सामने देख कर बौखलाया पाकिस्तान का सत्ताधारी गठबंधन, इमरान की पार्टी ने रोका जेल भरो आंदोलन

Thu, 02 Mar 2023 08:46 PM IST
रोहित राज इंटरनेशनल डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
इंटरनेशनल डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: रोहित राज Updated Thu, 02 Mar 2023 08:46 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और खैबर पख्तूनवा की प्रांतीय असेंबलियों के चुनाव 90 दिन के अंदर कराने के निर्देश दे दिए हैं, फिर भी कई पर्यवेक्षकों को अंदेशा है कि शहबाज शरीफ सरकार अभी भी चुनाव टालने के तरीके ढूंढ सकती है।

विज्ञापन
Pakistan ruling coalition PDM shocked to see elections in front Imran khan party stopped Jail Bharo movement
पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के नेता - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट से झटका लगने के बाद सत्ताधारी गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) में बेचैनी पैदा हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और खैबर पख्तूनवा की प्रांतीय असेंबलियों के चुनाव 90 दिन के अंदर कराने के निर्देश दे दिए हैं, फिर भी कई पर्यवेक्षकों को अंदेशा है कि शहबाज शरीफ सरकार अभी भी चुनाव टालने के तरीके ढूंढ सकती है। उधर यह फैसला आने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने अपना ‘जेल भरो आंदोलन’ रोक दिया है।
विज्ञापन


दोनों प्रांतों में पीटीआई समर्थित सरकारें थीं। देश में जल्द आम चुनाव कराने की अपनी मुहिम के तहत पीटीआई की सरकारों ने इस्तीफा दे दिया और प्रांतीय असेंबलियां भंग करवा लीं। पाकिस्तान के कानून के मुताबिक सदन भंग होने के 90 दिन के अंदर नया चुनाव कराना जरूरी है। लेकिन निर्वाचन आयोग इसका पालन नहीं कर रहा था। आरोप है कि आयोग शहबाज शरीफ सरकार के दबाव में काम कर रहा है। इन हालात से पैदा हुए विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अपनी पहल पर हस्तक्षेप किया। बुधवार को उसने अपना फैसला सुनाया।
विज्ञापन


कानून विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की भावना पर अमल हो, तो देश में जारी संवैधानिक संकट का हल निकल सकता है। लेकिन राजनीतिक दलों के जिद्दी रुख के कारण ऐसे समाधान की उम्मीद मजबूत नहीं है। प्रधानमंत्री की भतीजी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) की प्रमुख नेता मरियम नवाज के एक बयान को सत्ता पक्ष के रुख का संकेत माना जा रहा है। मरियम ने कहा है कि ‘पहले इंसाफ, फिर चुनाव होगा।’ इंसाफ से उनका मतलब इमरान खान पर लगे आरोपों पर फैसले से है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजनीतिक विश्लेषक जैगाम खान ने कहा है- ‘मरियम का यह बयान उनकी हताशा को दिखाता है। शायद मरियम को यह अहसास हो चुका है कि पीएमएल-नवाज लगातार अधिक अलोकप्रिय होती जा रही है।’ लेकिन खान ने कहा- ‘अपने राजनीतिक विरोधियों के प्रति इमरान खान के सख्त रुख के कारण भी राजनीतिक संकट का हल होने की संभावना नहीं है।’

राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर रसूल बख्श रईस ने कहा है कि इंसाफ हुआ है या नहीं, यह तय करने का अधिकार मरियम नवाज या किसी दूसरे राजनेता को नहीं है। इंसाफ करना सुप्रीम कोर्ट का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा संवैधानिक संकट के बीच अपना फैसला दे दिया है। उन्होंने कहा- ‘मौजूदा सरकार हारने के डर से चुनाव कराना नहीं चाहती।’

थिंक टैंक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ लेजिस्लेटिव डेवलपमेंट एंड ट्रांसपैरेंसी के अध्यक्ष अहमद बिलाल महबूब ने राय जताई है कि हालांकि चुनावों के दौरान सियासी टकराव और तीखा होगा, फिर भी चुनाव संवैधानिक प्रावधानों के तहत तय समय पर होने चाहिए।


पर्यवेक्षकों को अंदेशा है कि सरकार आर्थिक संकट का बहाना बना कर चुनाव टलवाने की कोशिश कर सकती है। पाकिस्तान का आर्थिक संकट हर रोज ज्यादा गहरा होता जा रहा है। विश्लेषकों ने कहा है कि अगर चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन की हार हो जाती है, तो संघीय सरकार की साख और खत्म हो जाएगी। उससे राजनीतिक और आर्थिक संकटों और गंभीर रूप ले लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed