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Pakistan: विपक्ष के हंगामे के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री परवेज इलाही ने विश्वास मत जीता
Thu, 12 Jan 2023 07:46 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
एएनआई, इस्लामाबाद
एएनआई, इस्लामाबाद
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 12 Jan 2023 07:46 AM IST
सार
पीटीआई और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायदे (पीएमएल-क्यू) गठबंधन ने 186 सांसदों के समर्थन से बहुमत हासिल किया।
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ
- फोटो : Agency
विस्तार
पाकिस्तान में सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत में कई हफ्तों की राजनीतिक अशांति के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री चौधरी परवेज इलाही ने गुरुवार की तड़के विश्वास मत जीतकर प्रांतीय विधानसभा में बहुमत साबित किया। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने ट्वीट किया, संकल्प के पक्ष में 186 वोट पड़े। चौधरी परवेज इलाही को पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में सदन से विश्वास मत मिला है।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने बताया कि आधी रात के बाद विश्वास मत शुरू हुआ और पीटीआई और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायदे (पीएमएल-क्यू) गठबंधन ने 186 सांसदों के समर्थन से बहुमत हासिल किया। यह वोट लाहौर उच्च न्यायालय के फैसले के बाद आयोजित किया गया। पंजाब के राज्यपाल बाली-उर-रहमान के पास यह अधिकार था कि वह चालू सत्र के दौरान भी मुख्यमंत्री से सदन का विश्वास हासिल करने के लिए कह सकते थे।
इससे पहले बुधवार को लाहौर उच्च न्यायालय ने कहा था कि मुख्यमंत्री के पास 186 सांसदों का समर्थन होना चाहिए। प्रांतीय विधानसभा (एमपीए) के 186 सदस्यों ने पंजाब के मंत्री मियां असलम इकबाल और पीटीआई नेता राजा बशारत द्वारा लाए गए एक प्रस्ताव पर पंजाब के मुख्यमंत्री के समर्थन में मतदान किया।
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पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, विपक्ष ने सत्र का बहिष्कार किया। साथ ही दावा किया कि पूर्व-अपेक्षित कानूनी आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया गया था और पंजाब के राज्यपाल का विश्वास मत का आदेश विचाराधीन था।
विश्वास मत जीतने के बाद इलाही ने पीटीआई के नेताओं मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन को आज के सत्र के दौरान उनका समर्थन करने के लिए धन्यवाद दिया।
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द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार ने बताया कि आधी रात के बाद विश्वास मत शुरू हुआ और पीटीआई और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायदे (पीएमएल-क्यू) गठबंधन ने 186 सांसदों के समर्थन से बहुमत हासिल किया। यह वोट लाहौर उच्च न्यायालय के फैसले के बाद आयोजित किया गया। पंजाब के राज्यपाल बाली-उर-रहमान के पास यह अधिकार था कि वह चालू सत्र के दौरान भी मुख्यमंत्री से सदन का विश्वास हासिल करने के लिए कह सकते थे।
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इससे पहले बुधवार को लाहौर उच्च न्यायालय ने कहा था कि मुख्यमंत्री के पास 186 सांसदों का समर्थन होना चाहिए। प्रांतीय विधानसभा (एमपीए) के 186 सदस्यों ने पंजाब के मंत्री मियां असलम इकबाल और पीटीआई नेता राजा बशारत द्वारा लाए गए एक प्रस्ताव पर पंजाब के मुख्यमंत्री के समर्थन में मतदान किया।
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पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, विपक्ष ने सत्र का बहिष्कार किया। साथ ही दावा किया कि पूर्व-अपेक्षित कानूनी आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया गया था और पंजाब के राज्यपाल का विश्वास मत का आदेश विचाराधीन था।
विश्वास मत जीतने के बाद इलाही ने पीटीआई के नेताओं मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन को आज के सत्र के दौरान उनका समर्थन करने के लिए धन्यवाद दिया।