लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   World ›   Pakistan PM Shehbaz Sharif rakes up Kashmir issue at UNGA

Pakistan: यूएनजीए में पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर राग, बोला- युद्ध कोई विकल्प नहीं, बातचीत से निकले हल

एएनआई, संयुक्त राष्ट्र Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 23 Sep 2022 11:47 PM IST
सार

पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने कह कि भारत को रचनात्मक जुड़ाव के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए विश्वसनीय कदम उठाने चाहिए। हम पड़ोसी हैं और हमेशा के लिए हैं, चुनाव हमारा है कि हम शांति से रहें या एक-दूसरे से लड़ते रहें।

Pakistan PM Shehbaz Sharif
Pakistan PM Shehbaz Sharif - फोटो : ANI
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि हम भारत सहित अपने सभी पड़ोसियों के साथ शांति चाहते हैं। शहबाज शरीफ ने कहा कि मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि भारत इस संदेश को समझे कि दोनों देश एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।



पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को फिर कश्मीर पर जहर उगला। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासभा में उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा, 5 अगस्त 2019 को भारत ने एकतरफा और मनमाने ढंग से फैसला लेते हुए अनुच्छेद 370 के जरिये जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर दिया। इसके कारण शांति की उम्मीदें धूमिल हुईं व क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ युद्ध कोई विकल्प नहीं है।


शरीफ ने कश्मीर राग आलापते हुए कहा, पाकिस्तान को अपने पड़ोस में स्थिर वातावरण चाहिए। हम अपने सभी पड़ोसियों से शांति चाहते हैं। हालांकि, दक्षिण एशिया में टिकाऊ शांति व स्थिरता के लिए जम्मू-कश्मीर समस्या का न्यायोचित समाधान जरूरी है। यह सही समय है कि भारत ये समझे कि दोनों देश पूरी तरह शस्त्र सज्जित हैं। सिर्फ शांतिपूर्ण बातचीत से ही इन समस्याओं का समाधान हो सकता है ताकि दुनिया भविष्य में और शांतिपूर्ण हो सके। भारत को सकारात्मक स्थिति बनाने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। हम पड़ोसी हैं। फैसला हमें लेना है कि शांति चाहते हैं या लड़ना चाहते हैं।

कश्मीर में सैन्य तैनाती बढ़ाई
शहबाज ने आरोप लगाया कि भारत ने जम्मू-कश्मीर में अपनी सैन्य तैनाती और बढ़ाई है जिसके कारण यह दुनिया में सबसे अधिक सैन्यीकृत क्षेत्र बन गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लोग हमेशा कश्मीरियों के साथ खड़े रहेंगे। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों को अपने संसाधन हथियार खरीदने पर जाया नहीं करना चाहिए।

हम शांति से रहें या एक-दूसरे से लड़ते रहें
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि भारत को रचनात्मक जुड़ाव के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए विश्वसनीय कदम उठाने चाहिए। हम पड़ोसी हैं और हम हमेशा के लिए हैं, चुनाव हमारा है कि हम शांति से रहें या एक-दूसरे से लड़ते रहें।

शहबाज शरीफ ने न्यूयॉर्क में 77 वें संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि 1947 के बाद से हमने तीन युद्ध किए हैं और इसके परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों में केवल दुख, गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है। अब यह हमारे ऊपर है कि हम अपने मतभेदों, हमारी समस्याओं और हमारे मुद्दों को शांतिपूर्ण बातचीत और चर्चा के माध्यम से हल करें।
विज्ञापन

शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ के बारे में भी सभा को बताया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में आई भयंकर बाढ़ ने 400 से अधिक बच्चे समेत 1500 लोग इस बाढ़ में मारे गए। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण बीमारी और कुपोषण से कहीं अधिक खतरे में हैं। वहीं लाखों लोग तंबू लगाकर रह रहे हैं।

पाकिस्तान के पीएम ने कहा बाढ़ के कारण एक करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से नीचे धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के नेताओं को लोगों की भलाई करने के लिए एक साथ आना होगा। उन्होंने कहा कि अभी पाकिस्तान की तत्काल प्राथमिकता तेजी से आर्थिक विकास सुनिश्चित करना और लाखों लोगों को गरीबी और भूख से बाहर निकालना है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में बाढ से करीब 80 लाख लोग विस्थापित हुए हैं और संयुक्त राष्ट्र ने अधिकारियों और भागीदारों के साथ प्रभावित आबादी तक राहत सामग्री पहुंचा रहा है। शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त ने कहा कि पाकिस्तान में 76 लाख लोग बाढ़ से विस्थापित हुए हैं, जिनमें से लगभग 600,000 लोग राहत स्थलों में रह रहे हैं।

शेख हसीना ने उठाया रोहिंग्याओं का मुद्दा
इधर, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बैठक के दौरान अपने संबोधन में रोहिंग्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रोहिंग्याओं की लंबे समय तक उपस्थिति ने अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, सुरक्षा और सामाजिक-राजनीतिक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव डाला है। प्रत्यावर्तन पर अनिश्चितता के कारण निराशा हुई है।

यूएनएससी सुधार में प्रगति न होने पर जी-4 असंतुष्ट
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की इस सप्ताह अमेरिका यात्रा का केंद्रीय विषय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार है। गुरुवार को ग्रुप ऑफ फोर (जी4) के बैनर तले उन्होंने जर्मनी, ब्राजील और जापान के समकक्षों के साथ बैठक की। जी4 का प्राथमिक ध्यान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार और सदस्यों को इसकी स्थायी सदस्यता दिलाने पर केंद्रित है।

उन्होंने सुधारों पर जोर देने का संकल्प दोहराया और इस दिशा में प्रगति न होने पर असंतोष जताया। बैठक के बाद ट्वीट में जयशंकर ने कहा, बिंदु आधारित बहुपक्षीय सुधार की दिशा में काम करने का संयुक्त संकल्प दोहराया गया। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमारा सहयोग जारी रहेगा। भारत अभी परिषद का अस्थायी सदस्य है।

उसका दो साल का कार्यकाल इस साल 31 दिसंबर को समाप्त हो जाएगा। यूएनएससी के स्थायी सदस्य बनने के एक-दूसरे के प्रयासों को समर्थन दोहराने के साथ ही जी4 ने अफ्रीकी देशों को भी इसमें स्थायी और अस्थायी प्रतिनिधित्व देने का समर्थन किया।

संयुक्त वक्तव्य में जी4 ने कहा, संयुक्त राष्ट्र की निर्णय लेने वाली संस्थाओं में तत्काल सुधार की जरूरत है, क्योंकि वैश्विक मुद्दे जटिल होते जा रहे हैं और एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इन समस्याओं से निपटने में यूएनएससी की अक्षमता से सुधार की तत्काल जरूरत दिखती है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00