{"_id":"6ad45ed3bc255bb0ee01cd30","slug":"unrest-french-student-protest-workers-support-govt-buildings-torched-loot-mayor-bali-bagayoko-face-of-movement-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"फ्रांस के छात्र आंदोलन को श्रमिकों का साथ: सरकारी इमारतें फूंकी, लूटपाट; प्रदर्शन का चेहरा मेयर बाली बगायोको?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
फ्रांस के छात्र आंदोलन को श्रमिकों का साथ: सरकारी इमारतें फूंकी, लूटपाट; प्रदर्शन का चेहरा मेयर बाली बगायोको?
Sun, 18 Oct 2026 11:23 AM IST
ज्योति भास्कर
एजेंसी, पेरिस।
एजेंसी, पेरिस।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:23 AM IST
सार
फ्रांस की राजधानी पेरिस के रिपब्लिक स्क्वायर से लेकर लियोन तक माहौल तनावपूर्ण है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में हैं और देश की राजनीतिक स्थिति बंटी हुई है। छात्र आंदोलन और हिंसक घटनाओं पर प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकॉर्नू ने कहा कि हिंसा के जरिये सरकार पर दबाव नहीं बनाया जा सकेगा। छात्रों के प्रदर्शन के बीच 53 साल के एक मेयर युवाओं की आवाज बनकर उभरे हैं।
विज्ञापन
फ्रांस में छात्र आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट-एजेंसी
विस्तार
फ्रांस में महंगाई, बढ़ती ईंधन कीमतों और सार्वजनिक सेवाओं में गिरावट के खिलाफ प्रदर्शन शनिवार को कई शहरों में हिंसक हो गए। छात्रों के आंदोलन से जुड़ी इस राष्ट्रव्यापी लामबंदी के दौरान पेरिस में एक कार और अखबार के कियोस्क में आग लगा दी गई। पुलिस ने नकाबपोश प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
विज्ञापन
लियोन में एक पर्यटन कार्यालय में आग लग गई, जबकि मार्सेई में दुकानों और नगर पुलिस स्टेशन को नुकसान पहुंचा। कुछ प्रदर्शनकारी शहर के सिटी हॉल की लॉबी में भी घुस गए। देशभर में 270 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। प्रदर्शनकारियों में छात्रों के अलावा 2018 के येलो वेस्ट आंदोलन से जुड़े लोग और ट्रेड यूनियन के समर्थक शामिल हैं। प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकॉर्नू ने कहा कि फ्रांस हिंसा से भयभीत नहीं होगा। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रदर्शन के अधिकार के साथ लोगों और संपत्ति के सम्मान की अपील की है।
विज्ञापन
श्रमिक संगठन भी कूदे
पेरिस में प्रदर्शन शुरू होने के बाद यलो वेस्ट आंदोलन की तर्ज पर मजदूर यूनियनों और अन्य नागरिकों ने भी सरकारी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जरूरी चीजों, ईंधन और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बहुत बढ़ गए हैं, जिससे आम जनता और युवाओं के लिए गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन
प्रदर्शन का चेहरा बने मेयर बाली बगायोको
फ्रांस में छात्रों के प्रदर्शन के बीच 53 साल के एक मेयर युवाओं की आवाज बनकर उभरे हैं। ग्रे सूट और टाई पहनकर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच खड़े होने वाले बाली बगायोको की तस्वीरें सोशल मीडिया और टीवी पर लगातार दिखाई दे रही हैं। समर्थक उन्हें स्पाइडरमैन कह रहे हैं, तो दक्षिणपंथी नेता उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगा रहे हैं। बगायोको पेरिस के पास स्थित सेंट-डेनिस पियरेफिट-सुर-सीन के मेयर हैं। बगायोको का तर्क है कि गरीब इलाकों के बच्चों को खराब शिक्षा देना भी एक तरह की व्यवस्थागत हिंसा है।
पर्यटक बेहाल, दुकानें बंद
पेरिस में प्रदर्शन के दौरान हिंसा का असर आम लोगों और पर्यटकों पर भी पड़ा। ओपेरा हाउस के पास एक चर्चित डिपार्टमेंट स्टोर के आसपास आंसू गैस फैलने से पर्यटक खांसते और परेशान होते दिखे। आसपास के दुकानदारों ने एहतियातन अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। राजधानी के कई इलाकों में दुकानों और रेस्तरां के शीशे तोड़े गए। कारों और कूड़ेदानों में आग लगाए जाने की घटनाएं भी सामने आईं। शाम तक प्रदर्शनकारियों के कुछ समूह चैंप्स-एलिसे, कॉनकॉर्ड और ला मेडेलीन जैसे प्रमुख इलाकों तक पहुंच गए, जिन्हें अधिकृत प्रदर्शन मार्ग से बाहर रखा गया था।
राष्ट्रपति चुनाव से पहले बढ़ा दबाव
फ्रांस में प्रदर्शन ऐसे समय तेज हुए हैं, जब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में हैं और देश की राजनीतिक स्थिति बंटी हुई है। फ्रांस की उधारी लागत दो दशक से अधिक समय के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं में गिरावट ने सरकार पर दबाव बढ़ाया है।
पीएम बोले-सरकार डरने वाली नहीं
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और लोगों-संपत्ति के सम्मान पर जोर दिया। प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकॉर्नू ने कहा कि हिंसा के जरिये सरकार पर दबाव नहीं बनाया जा सकेगा। अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले यह आंदोलन सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक और कानून-व्यवस्था की चुनौती बन रहा है।