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Pakistan: पाकिस्तान ने पूरे नहीं किए IMF के लक्ष्य, हासिल कर पाएगा 7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की अगली किस्त?
Wed, 06 Aug 2025 08:04 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 06 Aug 2025 08:04 PM IST
सार
Pakistan: पाकिस्तान आईएमएफ के सात अरब डॉलर पैकेज की अगली किस्त के लिए तय पांच में से तीन लक्ष्य पूरे नहीं कर पाया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि सरकार ने 2.4 ट्रिलियन रुपये का प्राथमिक बजट अधिशेष हासिल किया, जो आईएमएफ के लक्ष्य से ऊपर है और 24 वर्षों में सबसे अच्छा है।
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पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ,आईएमएफ
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से सात अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की दूसरी समीक्षा के लिए निर्धारित पांच लक्ष्यों में से तीन को पूरा करने में चूक गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में बुधवार को यह जानकारी दी गई।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी राजकोषीय संचालन सारांश के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष (जो जून में खत्म हुआ) में प्रांतों को 1.2 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये बचाने का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन खर्च बढ़ने के कारण प्रांत यह लक्ष्य पूरा नहीं कर सके। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अखबार ने यह जानकारी दी।
इसके अलावा, पाकिस्तान का संघीय राजस्व बोर्ड (एफबीआर) भी दो महत्वपूर्ण शर्तें पूरा करने में असफल रहा। बोर्ड को पूरे साल में 12.3 ट्रिलियन रुपये का राजस्व एकत्र करना था और ताजिर दोस्त योजना के तहत खुदरा व्यापारियों से 50 अरब रुपये वसूलने थे, लेकिन यह लक्ष्य पूरा नहीं हुआ।
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हालांकि, पाकिस्तान एक अहम लक्ष्य पाने में कामयाब रहा। सरकार ने 2.4 ट्रिलियन रुपये का प्राथमिक बजट अधिशेष हासिल किया। इसमें चारों प्रांतों की कुल राजस्व प्राप्तियां भी शामिल हैं। यह लगातार दूसरा साल है, जब पाकिस्तान ने प्राथमिक अधिशेष हासिल किया है और यह पिछले 24 वर्षों में सबसे अधिक है। यह आईएमएफ के तय लक्ष्य से भी ऊपर है।
ये भी पढ़ें: मुनीर के राष्ट्रपति बनने की अटकलों पर पाकिस्तान की सेना का बयान, कहा- ये सभी अटकलें बेबुनियाद
रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त मंत्रालय ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की काफी कोशिश की, लेकिन मुश्किलें उन प्रांतों से आईं जो सीधे तौर पर संघीय सरकार के नियंत्रण में नहीं हैं। कुल मिलाकर पाकिस्तान का राजकोषीय घाटा भी कम होकर जीडीपी के 5.4% या 6.2 ट्रिलियन रुपये पर आ गया, जो कि मूल रूप से तय 5.9% लक्ष्य से बेहतर है। पूरे साल खर्चों पर सख्त नियंत्रण रखा गया।
आईएमएफ ने कुल मिलाकर सात अरब डॉलर के इस पैकेज के तहत लगभग 50 शर्तें रखी हैं। इनमें से कुछ तिमाही, कुछ सालाना आधार पर देखी जाती हैं और इन्हीं के आधार पर अगली किस्त जारी की जाती है। हालांकि, सरकार ने राजकोषीय स्थिरता के कुछ स्तर तक पहुंचने में सफलता पाई है, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि सिर्फ दो प्रमुख मदों (ब्याज भुगतान और रक्षा खर्च ) के लिए संघीय सरकार की जरूरतों से 1.2 ट्रिलियन रुपये कम राजस्व प्राप्त हुआ। बाकी खर्चों के लिए सरकार को और कर्ज लेना पड़ा।
2.4 ट्रिलियन रुपये के प्राथमिक अधिशेष लक्ष्य के मुकाबले संघीय सरकार ने 2.7 ट्रिलियन रुपये का अधिशेष दिखाया, जो कि जीडीपी का 2.4% है। प्रांतीय सरकारों ने आईएमएफ और केंद्र सरकार को 1.2 ट्रिलियन रुपये का नकद अधिशेष देने का आश्वासन दिया था, लेकिन सभी चार प्रांत मिलकर सिर्फ 921 अरब रुपये ही इकट्ठा कर पाए। इस तरह आईएमएफ का लक्ष्य 280 अरब रुपये से चूक गया।
ये भी पढ़ें: 'सुनिश्चित करेंगे दोबारा न हो ऐसी त्रासदी...', हिरोशिमा परमाणु बम हमले की 80वीं बरसी पर बोले जापान के पीएम इशिबा
ताजिर दोस्त योजना के तहत एफबीआर कोई खास राजस्व नहीं जुटा सका, जबकि इसका सालाना लक्ष्य 50 अरब रुपये रखा गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इन खामियों के बावजूद सरकार को अगले महीने होने वाली समीक्षा बैठक में ज्यादा कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। अगली एक अरब डॉलर की किस्त मिलने की संभावना बनी हुई है, क्योंकि बाकी महत्वपूर्ण शर्तों पर अच्छी प्रगति हुई है। यह सात अरब डॉलर का पैकेज पिछले साल तय हुआ था और इसने देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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वित्त मंत्रालय की ओर से जारी राजकोषीय संचालन सारांश के मुताबिक, बीते वित्त वर्ष (जो जून में खत्म हुआ) में प्रांतों को 1.2 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये बचाने का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन खर्च बढ़ने के कारण प्रांत यह लक्ष्य पूरा नहीं कर सके। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अखबार ने यह जानकारी दी।
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इसके अलावा, पाकिस्तान का संघीय राजस्व बोर्ड (एफबीआर) भी दो महत्वपूर्ण शर्तें पूरा करने में असफल रहा। बोर्ड को पूरे साल में 12.3 ट्रिलियन रुपये का राजस्व एकत्र करना था और ताजिर दोस्त योजना के तहत खुदरा व्यापारियों से 50 अरब रुपये वसूलने थे, लेकिन यह लक्ष्य पूरा नहीं हुआ।
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हालांकि, पाकिस्तान एक अहम लक्ष्य पाने में कामयाब रहा। सरकार ने 2.4 ट्रिलियन रुपये का प्राथमिक बजट अधिशेष हासिल किया। इसमें चारों प्रांतों की कुल राजस्व प्राप्तियां भी शामिल हैं। यह लगातार दूसरा साल है, जब पाकिस्तान ने प्राथमिक अधिशेष हासिल किया है और यह पिछले 24 वर्षों में सबसे अधिक है। यह आईएमएफ के तय लक्ष्य से भी ऊपर है।
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रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त मंत्रालय ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की काफी कोशिश की, लेकिन मुश्किलें उन प्रांतों से आईं जो सीधे तौर पर संघीय सरकार के नियंत्रण में नहीं हैं। कुल मिलाकर पाकिस्तान का राजकोषीय घाटा भी कम होकर जीडीपी के 5.4% या 6.2 ट्रिलियन रुपये पर आ गया, जो कि मूल रूप से तय 5.9% लक्ष्य से बेहतर है। पूरे साल खर्चों पर सख्त नियंत्रण रखा गया।
आईएमएफ ने कुल मिलाकर सात अरब डॉलर के इस पैकेज के तहत लगभग 50 शर्तें रखी हैं। इनमें से कुछ तिमाही, कुछ सालाना आधार पर देखी जाती हैं और इन्हीं के आधार पर अगली किस्त जारी की जाती है। हालांकि, सरकार ने राजकोषीय स्थिरता के कुछ स्तर तक पहुंचने में सफलता पाई है, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि सिर्फ दो प्रमुख मदों (ब्याज भुगतान और रक्षा खर्च ) के लिए संघीय सरकार की जरूरतों से 1.2 ट्रिलियन रुपये कम राजस्व प्राप्त हुआ। बाकी खर्चों के लिए सरकार को और कर्ज लेना पड़ा।
2.4 ट्रिलियन रुपये के प्राथमिक अधिशेष लक्ष्य के मुकाबले संघीय सरकार ने 2.7 ट्रिलियन रुपये का अधिशेष दिखाया, जो कि जीडीपी का 2.4% है। प्रांतीय सरकारों ने आईएमएफ और केंद्र सरकार को 1.2 ट्रिलियन रुपये का नकद अधिशेष देने का आश्वासन दिया था, लेकिन सभी चार प्रांत मिलकर सिर्फ 921 अरब रुपये ही इकट्ठा कर पाए। इस तरह आईएमएफ का लक्ष्य 280 अरब रुपये से चूक गया।
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ताजिर दोस्त योजना के तहत एफबीआर कोई खास राजस्व नहीं जुटा सका, जबकि इसका सालाना लक्ष्य 50 अरब रुपये रखा गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इन खामियों के बावजूद सरकार को अगले महीने होने वाली समीक्षा बैठक में ज्यादा कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। अगली एक अरब डॉलर की किस्त मिलने की संभावना बनी हुई है, क्योंकि बाकी महत्वपूर्ण शर्तों पर अच्छी प्रगति हुई है। यह सात अरब डॉलर का पैकेज पिछले साल तय हुआ था और इसने देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।