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Pakistan: नाबालिग को जबरदस्ती इस्लाम में बदल, शादी करने की कोशिश, तीन पर मुकदमा दर्ज
Wed, 10 Apr 2024 07:42 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा झा
Updated Wed, 10 Apr 2024 07:42 PM IST
सार
आरोपी 11 वर्षीय लड़की को जबरन इस्लाम में परिवर्तित कर शादी करना चाहते थे। पंजाब मंत्री रमेश सिंह अरोरा ने इस घटना की निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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विस्तार
पाकिस्तान के शेखुपूरा जिले में तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि ये तीनों 11 वर्षीय लड़की को जबरन इस्लाम में परिवर्तित कर शादी करना चाहते थे। पंजाब मंत्री रमेश सिंह अरोरा ने इस घटना की निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
फेरोजवाला के निवासी सलीम मसीह ने बताया कि 27 मार्च को पुलिस थाने से उनके घर कुछ पुलिसवाले आए और उसे अगले दिन अपनी बेटी के साथ कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए। अगले दिन वह अपनी बेटी और रिश्तेदारों के साथ अदालत पहुंचा तो पता चला कि उसके पड़ोसी इमरान सरफराज ने उसके खिलाफ शिकायत की है।
मसीह ने बताया कि सरफराज ने 10 अक्तूबर 2023 का शादी का प्रमाणपत्र भी था। जिसका उसको पता ही नहीं था। सरफराज ने बेटी की शादी सार्वजनिक तौर पर कराने के लिए मसीह पर दबाव बनाया। इसके बाद मसीह ने अपनी बेटी का जन्म प्रमाणपत्र दिखाया जिसमें उसकी उम्र सिर्फ 11 साल थी। अदालत ने सच सामने आने के बाद सरफराज की याचिका खारिज करते हुए पुलिस से उस पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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वाटर पार्क ले जाने के लालच में करवाए थे शादी के प्रमाण पर हस्ताक्षर
मसीह की बेटी ने बताया कि अरोपी उसका पड़ोसी था, पड़ोसी ने उसे वाटर पार्क लेकर जाने का लालच देकर शादी के दस्तावेज पर साइन करवाए थे। उसने बताया कि उसे नहीं पता था कि वह कागज शादी के प्रमाणपत्र हैं।
कोर्ट ने गवाह और सरफराज की मां पर कार्रवाई के दिए निर्देश
कोर्ट ने सरफराज की याचिका खारिज कर दी। साथ ही पुलिस का उसपर, उसकी मां और शादी के सभी गवाह पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मंत्री रमेश सिंह आरोरा ने मामला संज्ञान में आते ही सलीम मसीह के घर जाकर से घटनाक्रम के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि वे पुलिस में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखवाएं।
बढ़ रहीं है नाबालिगों के धर्मांतरण की घटनाएं
गत वर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा एक रिपोर्ट में पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की कम उम्र की लड़कियों और युवा महिलाओं के अपहरण, जबरन विवाह और धर्मांतरण में कथित वृद्धि पर चिंता व्यक्त की थी। इन प्रथाओं पर अंकुश लगाने और पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रयास करने के लिए कहा गया था। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार तथाकथित विवाह और धर्मांतरण में धार्मिक अधिकारियों की भागीदारी, सुरक्षा बलों और न्याय प्रणाली की मिलीभगत होती है।
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फेरोजवाला के निवासी सलीम मसीह ने बताया कि 27 मार्च को पुलिस थाने से उनके घर कुछ पुलिसवाले आए और उसे अगले दिन अपनी बेटी के साथ कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए। अगले दिन वह अपनी बेटी और रिश्तेदारों के साथ अदालत पहुंचा तो पता चला कि उसके पड़ोसी इमरान सरफराज ने उसके खिलाफ शिकायत की है।
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मसीह ने बताया कि सरफराज ने 10 अक्तूबर 2023 का शादी का प्रमाणपत्र भी था। जिसका उसको पता ही नहीं था। सरफराज ने बेटी की शादी सार्वजनिक तौर पर कराने के लिए मसीह पर दबाव बनाया। इसके बाद मसीह ने अपनी बेटी का जन्म प्रमाणपत्र दिखाया जिसमें उसकी उम्र सिर्फ 11 साल थी। अदालत ने सच सामने आने के बाद सरफराज की याचिका खारिज करते हुए पुलिस से उस पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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वाटर पार्क ले जाने के लालच में करवाए थे शादी के प्रमाण पर हस्ताक्षर
मसीह की बेटी ने बताया कि अरोपी उसका पड़ोसी था, पड़ोसी ने उसे वाटर पार्क लेकर जाने का लालच देकर शादी के दस्तावेज पर साइन करवाए थे। उसने बताया कि उसे नहीं पता था कि वह कागज शादी के प्रमाणपत्र हैं।
कोर्ट ने गवाह और सरफराज की मां पर कार्रवाई के दिए निर्देश
कोर्ट ने सरफराज की याचिका खारिज कर दी। साथ ही पुलिस का उसपर, उसकी मां और शादी के सभी गवाह पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मंत्री रमेश सिंह आरोरा ने मामला संज्ञान में आते ही सलीम मसीह के घर जाकर से घटनाक्रम के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि वे पुलिस में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखवाएं।
बढ़ रहीं है नाबालिगों के धर्मांतरण की घटनाएं
गत वर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा एक रिपोर्ट में पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की कम उम्र की लड़कियों और युवा महिलाओं के अपहरण, जबरन विवाह और धर्मांतरण में कथित वृद्धि पर चिंता व्यक्त की थी। इन प्रथाओं पर अंकुश लगाने और पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रयास करने के लिए कहा गया था। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार तथाकथित विवाह और धर्मांतरण में धार्मिक अधिकारियों की भागीदारी, सुरक्षा बलों और न्याय प्रणाली की मिलीभगत होती है।