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पाकिस्तान : पहली पत्नी की मर्जी के बिना दूसरा निकाह रचाने के जुर्म में कारोबारी को जेल
Mon, 01 Apr 2019 11:28 AM IST
अमर शर्मा
भाषा, लाहौर
भाषा, लाहौर
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 01 Apr 2019 11:28 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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पाकिस्तान में एक व्यक्ति को अपनी पहली पत्नी की मर्जी के बिना गुपचुप दूसरी शादी रचाने के जुर्म में तीन महीने की जेल की सजा सुनाई गई है।
लाहौर कैंटोनमेंट कोर्ट के मजिस्ट्रेट काशिफ अब्बास ने "पहली पत्नी की अनिवार्य मर्जी" के बिना दूसरी शादी करने के जुर्म में कारोबारी शोएब जाहिद को सजा सुनाई और उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
मजिस्ट्रेट ने 30 मार्च को दिए गए अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा पेश मौखिक और दस्तावेजी सबूतों से साबित होता है कि उसके पति ने अपराध किया।
शिकायतकर्ता राबिया युनूस ने अदालत को बताया कि उसके पति ने गुपचुप तरीके से दूसरी शादी रचाई।
गौरतलब है कि 2014 मुस्लिम परिवार कानून के तहत कोई भी व्यक्ति मौजूदा शादी के अस्तित्व में रहते हुए दूसरी शादी नहीं कर सकता और ना ही बिना समुचित अनुमति के ऐसी कोई भी शादी इस कानून के तहत पंजीकृत होगी।
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लाहौर कैंटोनमेंट कोर्ट के मजिस्ट्रेट काशिफ अब्बास ने "पहली पत्नी की अनिवार्य मर्जी" के बिना दूसरी शादी करने के जुर्म में कारोबारी शोएब जाहिद को सजा सुनाई और उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
मजिस्ट्रेट ने 30 मार्च को दिए गए अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा पेश मौखिक और दस्तावेजी सबूतों से साबित होता है कि उसके पति ने अपराध किया।
शिकायतकर्ता राबिया युनूस ने अदालत को बताया कि उसके पति ने गुपचुप तरीके से दूसरी शादी रचाई।
गौरतलब है कि 2014 मुस्लिम परिवार कानून के तहत कोई भी व्यक्ति मौजूदा शादी के अस्तित्व में रहते हुए दूसरी शादी नहीं कर सकता और ना ही बिना समुचित अनुमति के ऐसी कोई भी शादी इस कानून के तहत पंजीकृत होगी।
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