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पाकिस्तान स्वास्थ्य सेवा में भी भारत पर निर्भर, 250 करोड़ रुपये के टीकों का किया आयात
Fri, 26 Jul 2019 05:14 PM IST
Trainee Trainee
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Fri, 26 Jul 2019 05:14 PM IST
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इमरान खान-नरेंद्र मोदी
- फोटो : File Photo
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पाकिस्तान की आर्थिक व्यवस्था इतनी चरमरा गई है कि उसे रेबीज रोधी और विष रोधी जैसे टीकों के लिए भी भारत पर ही निर्भर होना पड़ रहा है। पाकिस्तान ने पिछले 16 महीनों के दौरान भारत से 250 करोड़ रुपये से अधिक के रेबीज रोधी और विष रोधी टीकों की खरीदारी की है। एक स्थानीय अखबार ने यह खबर दी है।
पाकिस्तान के अखबार ‘द नेशन’ ने बृहस्पतिवार को एक खबर प्रकाशित की। इसके अनुसार पाकिस्तान में पर्याप्त मात्रा में टीके नहीं बनने के कारण उसने पिछले 16 महीनों में भारत से 3.6 करोड़ डॉलर यानी 250 करोड़ रुपये से अधिक के टीकों का आयात किया है।
पाकिस्तान के सांसद रहमान मलिक ने भारत से खरीदी जा रही दवाओं की मात्रा और इनके मूल्य के बारे में सवाल किया। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय ने संसद की स्थायी समिति को इस बारे में जानकारी दी।
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मंत्रालय ने कहा कि रेबीजरोधी और विषरोधी दोनों तरह के टीके देश में बनाए जाते हैं। हालांकि इससे मांग की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस कारण भारत से इन्हें आयात किया जा रहा है।
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पाकिस्तान के अखबार ‘द नेशन’ ने बृहस्पतिवार को एक खबर प्रकाशित की। इसके अनुसार पाकिस्तान में पर्याप्त मात्रा में टीके नहीं बनने के कारण उसने पिछले 16 महीनों में भारत से 3.6 करोड़ डॉलर यानी 250 करोड़ रुपये से अधिक के टीकों का आयात किया है।
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पाकिस्तान के सांसद रहमान मलिक ने भारत से खरीदी जा रही दवाओं की मात्रा और इनके मूल्य के बारे में सवाल किया। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय ने संसद की स्थायी समिति को इस बारे में जानकारी दी।
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मंत्रालय ने कहा कि रेबीजरोधी और विषरोधी दोनों तरह के टीके देश में बनाए जाते हैं। हालांकि इससे मांग की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस कारण भारत से इन्हें आयात किया जा रहा है।