फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan Crisis: Pakistan parliament approves revised budget and taking actions to clinch IMF deal

Pakistan Crisis: आईएमएफ का दिल पसीज जाए, इसलिए ताबड़तोड़ एलान कर रहा है पाकिस्तान

Sun, 25 Jun 2023 10:45 PM IST
स्वप्निल शशांक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sun, 25 Jun 2023 10:45 PM IST
सार

नई निवेश परिषद की स्थापना स्पेशल इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन काउंसिल (एसआईएफसी) नाम से की गई है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ करेंगे। कई केंद्रीय मंत्री और प्रांतों के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर भी इसके सदस्यों में शामिल हैं।

विज्ञापन
Pakistan Crisis: Pakistan parliament approves revised budget and taking actions to clinch IMF deal
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कराची बंदरगाह के चार टर्मिलनों को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को लीज पर देने के शहबाज शरीफ सरकार के फैसले को हताशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। कहा गया है कि देश के डिफॉल्ट करने के मंडरा खतरे के कारण सरकार हताश हो गई है और किसी भी तरह विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए हाथ-पांव मार रही है। 
विज्ञापन


पाकिस्तान सरकार ने पिछले दिनों बंदरगाह के टर्मिनलों को यूएई को लीज पर देने का फैसला किया। उसके बाद उसने एक नई निवेश परिषद के गठन की घोषणा की है। समझा जाता है कि इन कदमों के जरिए पाकिस्तान सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) को संदेश देना चाहती है कि राजस्व जुटाने के मुद्दे पर वह गंभीर है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक सरकार ने अभी भी आईएमएफ से कर्ज की नई किस्तें मिलने की उम्मीद नहीं छोड़ी है। इसलिए वह कुछ असाधारण कदम उठा रही है।
विज्ञापन


नई निवेश परिषद की स्थापना स्पेशल इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन काउंसिल (एसआईएफसी) नाम से की गई है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ करेंगे। कई केंद्रीय मंत्री और प्रांतों के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर भी इसके सदस्यों में शामिल हैं। इसका मकसद देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लाना बताया गया है। काउंसिल ने कहा है कि वह देश में कारोबार की प्रक्रिया को आसान बनाएगी, और सरकार निवेशकों के प्रति सहयोग का रुख अपनाए, इसे सुनिश्चित किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी बीच यूएई के अबू धाबी पोर्ट ग्रुप ने गुरुवार को औपचारिक एलान किया कि पाकिस्तान सरकार ने कराची पोर्ट टर्मिनल पर चार स्थान उसे पांच साल की लीज पर देने का फैसला किया है। इसके बदले ये कंपनी बंदरगाह पर सुविधाओं को दुरुस्त करने के कार्य में अगले दस साल की अवधि में 22 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी। लेकिन कंपनी ने यह नहीं बताया है कि लीज की पूरी अवधि में उसे कितना मुनाफा होगा।
 
इस बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक संसाधन मंत्री मुसादिक मलिक ने एलान किया है कि तीन ‘दोस्त’ देशों ने पाकिस्तान में जल्द ही 20 से 25 बिलियन डॉलर तक के निवेश का वादा किया है। 

विश्लेषकों के मुताबिक पाकिस्तान सरकार की तरफ से ये ताबड़तोड़ घोषणाएं इसलिए की जा रही हैं कि मौजूद ऋण प्रोग्राम की अवधि खत्म होने के पहले आईएमएफ अपना रुख नरम कर कर्ज की किस्त जारी कर दे। यह अवधि इसी महीने की 30 तारीख को पूरी हो जाएगी। आईएमएफ को मनाने की कोशिश में शहबाज शरीफ ने गुरुवार को आईएमएफ की प्रबंधन निदेशक क्रिस्टेलीना जियोर्गिएवा से भी मुलाकात की। वो दोनों कर्ज संकट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए उस रोज पेरिस में थे। 


हालांकि, पाकिस्तान सरकार के हाल में उठाए कदमों से विशेषज्ञ बहुत आशान्वित नहीं हैं। अमेरिकी थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल में स्थित साउथ एशिया सेंटर में फेलॉ शूजा नवाज ने कहा है कि एसआईएफसी का गठन एक अच्छी पहल है, लेकिन इसके सफल होने की संभावना कम है। वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से बातचीत में उन्होंने कहा- ‘पाकिस्तान की सिविल और अर्थव्यवस्था संबंधी नौकरशाही की कमजोरियों को देखते हुए इसकी सफलता को तय मान कर नहीं चला जा सकता। पाकिस्तान में आर्थिक निर्णय प्रक्रिया का व्यापक राजनीतिकरण हो चुका है।’
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed