Pakistan: इमरान खान को झटका, गोपनीय दस्तावेज लीक मामले में जमानत और FIR रद्द करने की मांग वाली अर्जी खारिज
इमरान खान ने मामले में जमानत के साथ-साथ संघीय जांच एजेंसी द्वारा अगस्त में दर्ज प्राथमिकी के खिलाफ इस्लामाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद 16 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल, पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को गोपनीय दस्तावेज लीक मामले में (साइफर मामले) जेल में बंद खान की जमानत और प्राथमिकी रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष खान ने मामले में जमानत के साथ-साथ संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) द्वारा अगस्त में दर्ज प्राथमिकी के खिलाफ इस्लामाबाद हाईकोर्ट (आईएचसी) का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक ने सुनवाई पूरी होने के बाद 16 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसकी घोषणा उन्होंने शुक्रवार को की।
क्या है गोपनीय दस्तावेज लीक मामला
पिछले साल मार्च में इमरान खान की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले एक जनसभा के दौरान इमरान खान ने जेब से एक कागज निकालकर लहराया था और दावा किया था कि उनकी सरकार गिराने के लिए अंतरराष्ट्रीय साजिश रची जा रही है। आरोप है कि बीते साल मार्च में वॉशिंगटन से पाकिस्तान स्थित दूतावास में एक केबल भेजा गया था, जो लीक हो गया और इमरान खान ने कथित तौर पर उसे ही जनसभा के दौरान लहराया था। हालांकि बाद में पूछताछ के दौरान इमरान खान ने गोपनीय दस्तावेज के रैली में लहराने से इनकार किया था। इमरान ने ये भी कहा कि उनसे वह गोपनीय दस्तावेज गुम हो गया है और उन्हें याद नहीं आ रहा है कि उन्होंने उसे कहां रख दिया है।
26 सितंबर तक बढ़ाई गई न्यायिक हिरासत
बता दें कि इमरान खान और शाह महमूद कुरैशी पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक फायदे के लिए गोपनीय दस्तावेज को गलत तरीके से अपने पास रखा और उसका दुरुपयोग किया। इसके लिए इमरान खान और शाह महमूद कुरैशी को आधिकारिक गोनीयता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। गौरतलब है कि इस मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट पहले ही इमरान खान की सजा को निलंबित कर चुका है, लेकिन इसके बावजूद इमरान खान जेल में हैं।
पिछले साल अप्रैल में सत्ता से बेदखल होने के बाद से खान के खिलाफ 150 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।