फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pak Taliban militant behind kidnapping cum murder of Canadian journo killed in encounter

कनाडा की पत्रकार के अपहरण और हत्या मामले में वांछित पाकिस्तान-तालिबानी आतंकी मुठभेड़ में ढेर

Wed, 10 Jun 2020 04:21 PM IST
Rohit Ojha वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Rohit Ojha Updated Wed, 10 Jun 2020 04:21 PM IST
विज्ञापन
Pak Taliban militant behind kidnapping cum murder of Canadian journo killed in encounter
Khadija Abdul Qahaar - फोटो : social media

कनाडा की पत्रकार खदीजा अब्दुल कहर के अपहरण और हत्या के मामले में वांछित पाकिस्तान-तालिबान का आतंकवादी अमीन शाह पेशावर में मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। 

विज्ञापन


खैबर-पख्तूनख्वा के पुलिस प्रमुख सनाउल्ला अब्बासी ने कहा कि प्रतिबंधित आतकंवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का शीर्ष आतंकवादी शाह आतंकवाद के कई मामलों में वांछित था। उन्होंने कहा कि उसने 2008 में कहर (55) का अपहरण कर 2010 में पाकिस्तान में उनकी हत्या कर दी थी।
विज्ञापन


तालिबान ने कहर को रिहा करने के लिए फिरौती के तौर पर 20 लाख अमेरिकी डॉलर और हिरासत में लिए गए अपने कुछ नेताओं को छोड़ने की मांग रखी थी। अब्बासी ने कहा कि शाह आत्मसमर्पण करने से इनकार करने के बाद पुलिस कर्मियों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


कनाडा की पत्रकार कहर का उनके अनुवादक सलमान खान और रसोइया तथा वाहन चालक जार मोहम्मद के साथ अशांत उत्तरी वजीरिस्तान कबाइली क्षेत्र के मीरानशाह की यात्रा के दौरान 11 नवंबर 2008 को अपहरण कर लिया गया था। कनाडा और पाकिस्तान की सरकार ने कहर की सुरक्षित रिहाई के लिए संयुक्त अभियान चलाया, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।

एक धार्मिक दल के प्रयासों के चलते आठ महीने बाद खान और महमूद को छोड़ दिया गया था। खान ने अपनी रिहाई के बाद बताया था कि 'जिहादुन्स्पुन डॉट कॉम' नामक वेबसाइट की मालिक और प्रकाशक कहर हेपेटाइटिस से जूझ रही थीं और मौत के लिए मानसिक रूप से तैयार थीं।

उन्हें अपनी रिहाई की ज्यादा उम्मीद नहीं थी। कहर ने पाकिस्तान को पूरी तरह युद्ध क्षेत्र करार देते हुए यहां से निकलने के लिए मदद मांगी थी। इससे पहले अपहरणकर्ताओं ने 30 मार्च 2009 तक फिरौती की मांग पूरी न होने पर कहर को मारने की धमकी दी थी।


मीरानशाह प्रेस क्लब को भेजे गए वीडियो में कहर यह गुहार लगाती नजर आईं थीं कि मुझे बचा लीजिए, मैं कनाडा सरकार, मानवाधिकार संगठनों और मीडिया संघों से इनकी सभी मांगें मान लेने और मुझे छुड़ाने का अनुरोध करती हूं, वरना ये मुझे जान से मार देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed