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Politics: आम चुनाव की पारदर्शिता पर कटघरे पाकिस्तान, COG चीफ जोनाथन की रिपोर्ट में इमरान के दल PTI का भी जिक्र
Tue, 30 Sep 2025 11:31 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 30 Sep 2025 11:31 PM IST
सार
पाकिस्तान में आम चुनाव-2024 की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।13 सदस्यीय राष्ट्रमंडल स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षक दल ने कहा कि ऐसे कई कारक रहे, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया। नाइजीरिया के पूर्व राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन की इस रिपोर्ट में पूर्व पीएम इमरान खान के दल का भी जिक्र किया गया है। पढ़िए ये खबर
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पाकिस्तान में चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल (सांकेतिक)
- फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
पाकिस्तान में फरवरी 2024 में हुए आम चुनाव की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और समावेशिता पर गंभीर सवाल उठाते हुए राष्ट्रमंडल (कॉमनवेल्थ) के स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षक दल ने कहा है कि कई ऐसे कारक रहे, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया। इनमें सबसे अहम था इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) को उसका पारंपरिक चुनाव चिह्न 'बैट' (क्रिकेट का बल्ला) न दिया जाना।
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पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) की अपील पर रिपोर्ट
नाइजीरिया के पूर्व राष्ट्रपति गुडलक जोनाथन की अगुवाई वाले 13 सदस्यीय कॉमनवेल्थ ऑब्जर्वर ग्रुप (सीओजी) को पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ईसीपी) के आमंत्रण पर तैनात किया गया था। मंगलवार को जारी अपनी अंतिम रिपोर्ट में इस दल ने कहा कि पीटीआई और उसके उम्मीदवारों को स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के लिए मजबूर किया गया, जिससे समान अवसर की स्थिति प्रभावित हुई।
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पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध
जोनाथन ने रिपोर्ट में लिखा, हमने चिंता के साथ देखा कि चुनाव पूर्व माहौल में कई ऐसे कारक मौजूद थे, जिन्होंने निष्पक्ष प्रतियोगिता की संभावना को कम किया। चुनाव की रात मोबाइल नेटवर्क सेवाओं को बंद करना पारदर्शिता को प्रभावित करने वाला कदम था, जिससे परिणाम जुटाने और प्रसारित करने में कठिनाई हुई। साथ ही पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध, अभिव्यक्ति की आज़ादी में कमी और पत्रकारों पर हमलों के मामलों में सजा से बचने की संस्कृति ने मीडिया को आत्म-सेंसरशिप के लिए मजबूर किया।
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एक ही राजनीतिक दल की चुनावी क्षमता पर असर पड़ा
अफ्रीकी देश नाइजीरिया के पूर्व राष्ट्रपति जोनाथन ने कहा, जब इन घटनाओं को अलग-अलग देखा जाए तो कुछ हद तक इन्हें सही ठहराने वाले तर्क मिल सकते हैं, लेकिन जब सामूहिक रूप से देखा गया तो यह साफ हुआ कि इन फैसलों ने एक ही राजनीतिक दल की चुनावी क्षमता को प्रभावित किया।
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पाकिस्तान की चुनावी प्रक्रिया में सुधार के लिए कई सिफारिशें
सीओजी ने पाकिस्तान की चुनावी प्रक्रिया में सुधार के लिए कई सिफारिशें दी हैं, जिनमें कानूनी ढांचे और उसके इस्तेमाल में पारदर्शिता, चुनाव प्रशासन, महिलाओं की भागीदारी, चुनाव पूर्व अभियान और मीडिया की भूमिका से जुड़े सुधार शामिल हैं। राष्ट्रमंडल महासचिव शर्ली बोट्चवे ने पर्यवेक्षकों की ईमानदार मेहनत और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की और कहा कि पाकिस्तानी सरकार और चुनाव आयोग से इन सिफारिशों को लागू करने के लिए संपर्क किया गया है।
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मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी पर उठे थे सवाल
फरवरी 2024 के आम चुनाव के नतीजे में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के शहबाज शरीफ दूसरी बार प्रधानमंत्री बने। हालांकि चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताओं के आरोप लगे। ब्रिटेन के तत्कालीन विदेश मंत्री लॉर्ड डेविड कैमरन ने भी चुनाव के दिन इंटरनेट बंद करने, परिणामों में देरी और गिनती प्रक्रिया में गड़बड़ी पर चिंता जताई थी।