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Pakistan: चीफ जस्टिस पर केस दर्ज कराने के लिए बनेगी समिति, इमरान खान की जमानत पर सुनवाई आज

Tue, 16 May 2023 01:48 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, इस्लामाबाद।
पीटीआई, इस्लामाबाद। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 16 May 2023 01:48 AM IST
सार

यह प्रस्ताव पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता डॉ. शाजिया सोबिया द्वारा पेश किया गया जिसे नेशनल असेंबली ने सर्वसम्मति से पारित किया।

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Pak National Assembly adopts motion seeking formation of committee to file case against Chief Justice
पाकिस्तान नेशनल असेंबली (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI

विस्तार

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पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (संसद) ने सोमवार को देश के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल के खिलाफ सर्वोच्च न्यायिक परिषद में कदाचार और शपथ से भटकने को लेकर मामला दर्ज करने के लिए सर्वसम्मति से पांच सदस्यीय समिति के गठन का प्रस्ताव पारित किया। यह सरकार और शीर्ष अदालत के बीच बढ़ते तनाव का एक और उदाहरण है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता डॉ. शाजिया सोबिया द्वारा पेश किया गया जिसे सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया। सोबिया ने किसी भी न्यायाधीश या पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ सर्वोच्च न्यायिक परिषद में मामला दर्ज करने के लिए समिति के गठन का प्रस्ताव नेशनल असेंबली में पेश किया। निचले सदन ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। 

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सर्वोच्च न्यायिक परिषद किसी भी मौजूदा न्यायाधीश के खिलाफ कार्यवाही करने का एकमात्र न्यायाधिकरण (Forum) है। सरकार द्वारा कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मुख्य न्यायाधीश बंदियाल की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने बीते शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद जमानत दे दी थी, जिसके बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट पर दबाव बढ़ा दिया है।
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नेशनल असेंबली में रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने कहा कि समय आ गया है कि संसद इस स्थिति में अपनी संवैधानिक भूमिका निभाए। आसिफ ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को न्यायपालिका के अनुचित समर्थन की जांच करने के साथ-साथ मामले पर संविधान के अनुच्छेद 209 के तहत सर्वोच्च न्यायिक परिषद को एक संदर्भ भेजने के लिए एक संसदीय समिति के गठन की मांग की।

उन्होंने कहा,देश की न्यायपालिका के 75 साल के इतिहास में ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनका देश पर व्यापक प्रभाव पड़ा है, लेकिन हाल में न्यायपालिका में एक समूह ने एक राजनीतिक समूह का समर्थन करना शुरू कर दिया है। आसिफ ने कहा, समय आ गया है कि संसद संविधान द्वारा दिए गए अधिकार और कानून के तहत सर्वोच्च न्यायिक परिषद को कदाचार का एक संदर्भ भेजे।

लाहौर में कोर कमांडर के घर, कराची में रेंजर्स की एक चौकी, रावलपिंडी में सेना के जनरल हेडक्वार्टर (जीएचक्यू) और मियांवाली में पाक वायुसेना के अड्डे पर हुए हमलों पर उन्होंने कहा कि शहीदों के स्मारकों को अपवित्र करने वालों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि खान के समर्थकों ने अपने नेतृत्व के निर्देश पर ‘जिन्ना हाउस’ पर हमला किया था, जो एक शर्मनाक कृत्य था क्योंकि यह इमारत देश की राष्ट्रीय विरासत है।

पीएमएल-एन पार्टी की उपाध्यक्ष मरियम नवाज शरीफ ने सोमवार को मुख्य न्यायाधीश बांदियाल के इस्तीफे की मांग की और उन्हें देश में “अराजकता” और “संकट” के लिए दोषी ठहराया। वह सर्वोच्च न्यायालय के बाहर सत्तारूढ़ गठबंधन के धरने में भी शामिल हुईं और अदालत के हाल के कुछ फैसलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री खान को पूरी तरह से राहत मिली है।

वहीं, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया है, लेकिन जब तक शीर्ष न्यायपालिका के न्यायाधीशों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए संबंधित कानूनों में बदलाव नहीं किया जाता, तब तक इसका कोई कानूनी औचित्य नहीं है। वरिष्ठ वकील हामिद खान ने कहा कि मौजूदा कानून कहता है कि राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री की सलाह पर मौजूदा न्यायाधीश के खिलाफ शिकायत दर्ज करनी चाहिए।

इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने पीटीआई नेता फवाद चौधरी को आज अदालत में पेश करने का दिया आदेश

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष फवाद चौधरी को आज अदालत में पेश करने का आदेश दिया है। पाक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फवाद चौधरी को बुधवार (10 मई) को इस्लामाबाद में सुप्रीम कोर्ट के बाहर गिरफ्तार किया गया था। यह घटनाक्रम पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच आया था। रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए फवाद चौधरी सुबह 11 बजे (स्थानीय समयानुसार) पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के अंदर मौजूद थे।


शीर्ष अदालत के परिसर से बाहर आने के बाद चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया था। इस्लामाबाद पुलिस ने चौधरी को मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डिनेंस (एमपीओ) की धारा 3 के तहत गिरफ्तार किया  था और उन्हें सचिवालय पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया था। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने ट्वीट किया, 12 मई तक आईएचसी से सुरक्षात्मक जमानत मिलने के बावजूद फवाद चौधरी को सुप्रीम कोर्ट के बाहर से गिरफ्तार किया गया। पाकिस्तान में जंगल का कानून चल रहा है।

इमरान की जमानत पर सुनवाई आज

इमरान खान सोमवार को लाहौर हाईकोर्ट में पेश हुए, जहां उनके समर्थकों की ओर से हिंसक प्रदर्शन के कारण उनके खिलाफ दर्ज आतंकवाद के मामले में जमानत की सुनवाई के लिए मंगलवार का दिन तय किया गया। इमरान अपनी पत्नी बुशरा बीबी के साथ पेश हुए। बुशरा को कोर्ट ने अल कादिर ट्रस्ट केस में 23 मई तक जमानत दे दी।

सांसद की मांग, इमरान को फांसी दो

पाकिस्तान की संसद में एक सांसद राजा रियाज अहमद खान ने कहा कि इमरान को फांसी पर लटका देना चाहिए, लेकिन अदालतें उनका दामाद की तरह स्वागत कर रही हैं।

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