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पाकिस्तान में चरम पर हिंसा: 2025 में 2414 आम लोग मारे गए, तीन महीनों में 900+ मरे; इस प्रांत में बरसती है मौत

Wed, 08 Oct 2025 12:17 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 08 Oct 2025 12:17 PM IST
सार

Spiral of Violence In Pakistan: पाकिस्तान में इस साल हिंसा का नया रिकॉर्ड बनता दिख रहा है। पड़ोसी देश में पिछले तीन महीनों में 900 से ज्यादा मौतें हुईं हैं। CRSS की रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा में 46% की बढ़ोतरी हुई है। जबकि खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

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Over 900 killed as civilians death rise sharply in Pakistan's spiral of violence, News in Hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान में पिछले तीन महीनों में हिंसा के मामले तेजी से बढ़ गए हैं। इस दौरान आतंकवादी हमलों और सैन्य ऑपरेशनों में कम से कम 901 लोग मारे गए और 599 लोग घायल हुए। यह जानकारी सोमवार को इस्लामाबाद स्थित सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (सीआरएसएस) की नई रिपोर्ट में सामने आई। इस रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले तीन महीनों के मुकाबले हिंसा में 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है। साल 2025 में अब तक पाकिस्तान में 2414 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं, जो लगभग पिछले साल की कुल मौतों (2546) के बराबर हैं। ऐसे में विशेषज्ञ मान रहे हैं कि 2025 साल के अंत तक पाकिस्तान का यह दशक का सबसे खतरनाक साल बन सकता है।
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सेना और पुलिस के ऑपरेशन में हुई ज्यादातर मौतें
रिपोर्ट में हिंसा के स्वरूप में बदलाव भी देखा गया है। पिछले साल अधिकतर मौतें आतंकवादी हमलों में हुई थीं, जबकि इस साल अधिकतर मौतें सेना और पुलिस के ऑपरेशनों में हुई हैं। जुलाई से सितंबर के बीच दर्ज मौतों में 57 प्रतिशत आतंकवादी, 24 प्रतिशत आम नागरिक, 18 प्रतिशत सुरक्षा बल शामिल हैं।
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कौन से क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए?
इसमें सबसे पहला नाम खैबर पख्तूनख्वा का है, जहां सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिला है, इसमें 638 मौतें और 200 से ज्यादा घटनाएं शामिल हैं। दूसरे नंबर पर बलूचिस्तान का है, जहां 230 मौतें, ज्यादातर पाकिस्तान की सेना के ऑपरेशनों के कारण हुई हैं। वहीं इस कड़ी में तीसरा नंबर सिंध प्रांत का है, यहां भी हिंसा बढ़ी, 21 मौतें हुईं, जबकि पिछली अवधि में केवल 8 मौतें हुई थीं।


नागरिकों की मौतें चिंता का कारण
आम लोग अब भी अधिकांश हमलों का निशाना बने हुए हैं। हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा के टिराह घाटी में पाकिस्तान एयरफोर्स की हवाई कार्रवाई में 21 लोग मरे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। पाकिस्तान-नियंत्रित जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार और खराब जीवन स्तर के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कम से कम 10 लोग मारे गए। सिंध के शिकारपुर जिले में रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ, जिसमें सात लोग घायल हुए और जफर एक्सप्रेस के चार डिब्बे पटरी से उतर गए।

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2025 खत्म होने में अभी भी ढाई महीने से ज्यादा समय
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुल 329 हिंसक घटनाओं में 123 हमले नागरिकों पर किए गए, 106 हमले सुरक्षा बलों पर और लगभग 100 हमले आतंकवादियों पर किए गए हैं। नागरिकों को सबसे ज्यादा चोटें आईं, इसमें 355 घायल, जबकि सुरक्षा बल 209 और आतंकवादी केवल 35 घायल हुए। सीआरएसएस की रिपोर्ट पाकिस्तान की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर चेतावनी देती है। अगर यह रुझान जारी रहा, तो 2025 पाकिस्तान का दशक का सबसे खतरनाक साल बन सकता है।

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