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बांग्लादेश: एक और मंदिर को निशाना बनाया गया, मां काली की मूर्ति और कई वस्तुएं चोरी

Mon, 21 Sep 2026 06:12 PM IST
राहुल कुमार आईएएनएस, ढाका।
आईएएनएस, ढाका। Published by: राहुल कुमार Updated Mon, 21 Sep 2026 06:12 PM IST
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Bangladesh: Another temple targeted; idol of Goddess Kali and several items stolen.
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा। - फोटो : आईएएनएस

बांग्लादेश में एक और हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है। चोर अपने साथ मां काली की मूर्ति, जेवरात और वस्तुएं भी ले उड़े। मामला फरीदपुर के उत्तर कालीबाड़ी मंदिर का बताया जा रहा है। सोमवार को पुलिस के हवाले से स्थानीय मीडिया ने खबर प्रकाशित की। मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, चोरी शनिवार रात करीब 10:30 बजे से रविवार सुबह 5:45 बजे के बीच हुई।

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बांग्लादेश के प्रमुख अखबार 'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, चोरी की गई कीमती चीजों में देवी काली की मूर्ति, उन्हें सजाने वाले लगभग 7-8 तोले सोने के गहने, भगवान विष्णु, राधा-कृष्ण और मनसा की पीतल की छोटी मूर्तियां, और शिवलिंग के चारों ओर लिपटा हुआ लगभग 8-10 तोले वजन का चांदी का सांप शामिल थे। मंदिर के पुजारी देबी प्रसाद चक्रवर्ती के अनुसार, मां काली की मूर्ति शिव की सफेद संगमरमर की मूर्ति पर रखी हुई थी।
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उन्होंने कहा, "शिव की सफेद संगमरमर की मूर्ति वहीं छोड़ दी गई, जबकि अज्ञात चोर या चोरों ने काली की मूर्ति चुरा ली।" उन्होंने आगे बताया कि चोरी किए गए सभी सामानों का कुल वजन लगभग 40 किलोग्राम था, जिसमें अकेले काली की मूर्ति का वजन कम से कम 20 किलोग्राम था। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कुशल चक्रवर्ती ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे और चोरी का सामान अभी तक बरामद नहीं हुआ है।
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'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के अनुसार, घटना की पुष्टि करते हुए प्रभारी अधिकारी महमूदुल हसन ने कहा, "कई पुलिस टीमें चोरी में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पहले ही काम शुरू कर चुकी हैं।"

इस ताजा घटना ने पूरे बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों में चिंताजनक वृद्धि को उजागर किया है। यह सिलसिला पूर्व में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान शुरू हुआ था और मौजूदा बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) प्रशासन के तहत भी जारी है।

इस महीने की शुरुआत में, 2001 से 2006 तक बीएनपी-जमात-ए-इस्लामी गठबंधन के पांच साल के शासन को याद करते हुए, अवामी लीग ने आरोप लगाया कि उस दौरान देश भर में अल्पसंख्यक समुदायों पर जो अत्याचार हुए थे, वे अब 2026 में फिर से देखे जा रहे हैं।

पार्टी ने कहा, "मंदिरों पर हमले, घरों में आग लगाना, जमीन पर कब्जा करना, महिलाओं के साथ क्रूर यौन हिंसा और अनगिनत हिंदुओं को बांग्लादेश छोड़ने के लिए मजबूर करना—वही तस्वीर आज 2026 में हमारी आंखों के सामने फिर से उभर रही है।"

एक अलग बयान में, अवामी लीग ने यह भी कहा कि अगस्त 2024 से पूरे बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों को बड़े पैमाने पर भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है, जिसमें नौकरी से निकालना, प्रमोशन न देना, सरकारी नौकरी पर प्रतिबंध और घरों, जमीन व व्यवसायों पर कब्जा शामिल है।


रंगपुर शहर में रिटायर्ड हिंदू टीचर गणपति चक्रवर्ती और उनके पूरे परिवार की हाल में हुई हत्या का जिक्र करते हुए पार्टी ने कहा कि इस घटना के बाद सत्ताधारी बीएनपी सरकार की कोई कार्रवाई न करना, धार्मिक अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के उस बड़े पैटर्न को दिखाता है जो पिछली यूनुस-अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के समय से ही जारी है।

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