चीनी राष्ट्रपति और ट्रंप की मुलाकात: जिनपिंग का 23-25 सितंबर तक अमेरिका दौरा; टैरिफ से ताइवान तक कई मुद्दे अहम
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से शिखर वार्ता होगी। बातचीत में व्यापार और टैरिफ, एआई, ताइवान, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
विस्तार
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शिखर वार्ता करेंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को शी के दौरे की आधिकारिक घोषणा की। चीन ने दोनों नेताओं की इस मुलाकात को ‘ऐतिहासिक महत्व का पड़ाव’ बताया है।
यह चार महीने के भीतर दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात होगी। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन के मुताबिक, शी और ट्रंप चीन-अमेरिका संबंधों से जुड़े अहम मुद्दों के साथ-साथ विश्व शांति और विकास से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा करेंगे। रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रंप शी जिनपिंग का वाशिंगटन पहुंचने पर व्यक्तिगत रूप से स्वागत कर सकते हैं। दोनों नेताओं की बैठक 24 सितंबर को होने की उम्मीद है।
छह महीने में दोनों नेताओं की दूसरी पारस्परिक यात्रा
गुओ जियाकुन ने कहा कि छह महीने के भीतर दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की पारस्परिक यात्राएं ऐतिहासिक महत्व रखती हैं। चीन ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ संवाद और सहयोग को मजबूत करने, मतभेदों को उचित तरीके से संभालने और दोनों देशों के लोगों को अधिक लाभ पहुंचाने के लिए काम करेगा। शी और ट्रंप की पिछली मुलाकात मई में बीजिंग में हुई थी। उस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार समेत कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई थी।
व्यापार से एआई और ताइवान तक कई मुद्दों पर होगी चर्चा
शी और ट्रंप की आगामी बैठक में व्यापार शुल्क, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सैन्य संबंध, ताइवान और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। रूस-यूक्रेन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा भी बातचीत का हिस्सा हो सकती है। अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक मुद्दे भी अहम रहेंगे। दोनों देश एक-दूसरे के उत्पादों पर लगाए गए शुल्क को लेकर बातचीत कर रहे हैं। इससे पहले दोनों पक्षों के अधिकारियों के बीच आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर बातचीत हुई है।
एआई पर भी बढ़ रहा सहयोग का दबाव
शी के दौरे से पहले चीन के उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीयर के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक मुद्दों पर बातचीत हुई। इसमें एआई से जुड़े जोखिम और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित घटनाओं पर जानकारी साझा करने की व्यवस्था जैसे मुद्दे भी उठे। बेसेंट ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच एआई के क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना महत्वपूर्ण है। दोनों देश एआई को लेकर वैश्विक स्तर पर प्रमुख शक्तियां हैं।
रूस और ईरान का मुद्दा भी अहम
बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान-अमेरिका तनाव पर भी चर्चा हो सकती है। ट्रंप चीन से रूस पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की दिशा में भूमिका निभाने का आग्रह कर सकते हैं। वहीं, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को लेकर चीन ने बातचीत और कूटनीतिक समाधान का समर्थन किया है। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पिछले सप्ताह बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की थी। इस दौरान क्षेत्रीय संघर्ष और कूटनीतिक समाधान को लेकर चर्चा हुई।
ताइवान पर भी बनी हुई है असहमति
चीन और अमेरिका के बीच ताइवान का मुद्दा लंबे समय से प्रमुख विवादों में शामिल है। बीजिंग ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियारों की बिक्री का विरोध करता रहा है। वहीं, अमेरिका ताइवान को सैन्य उपकरण उपलब्ध कराता रहा है। ऐसे में शी की ट्रंप से मुलाकात के दौरान ताइवान को लेकर दोनों देशों के रुख पर भी चर्चा होने की संभावना है।