फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   One percent of woOne percent of the world's vehicles in India, 10 percent of injured people in accidentsrlds vehicles in India, 10 percent of injured people in accidents

भारत में दुनिया के एक फीसदी वाहन लेकिन हादसों में घायलों की संख्या 10 प्रतिशत

Sun, 14 Feb 2021 08:38 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन Published by: Kuldeep Singh Updated Sun, 14 Feb 2021 08:38 AM IST
विज्ञापन
One percent of woOne percent of the world's vehicles in India, 10 percent of injured people in accidentsrlds vehicles in India, 10 percent of injured people in accidents
सड़क दुर्घटना - सांकेतिक तस्वीर

विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में दुनिया के केवल एक फीसदी वाहन हैं। इसके बावजूद पूरी दुनिया के हादसे में घायल होने वालों में 10 फीसदी देश से होते हैं। विश्व बैंक की इस रिपोर्ट में हादसे कम करने के लिए सड़क सुरक्षा संबंधी उपाय बढ़ाने के लिए कहा गया है।

विज्ञापन


विश्व बैंक में दक्षिण एशिया के उपाध्यक्ष हार्टविग स्कफर ने शनिवार को यह रिपोर्ट जारी करते हुए बताया सड़क हादसों की बड़ी संख्या के कारण अस्पतालों में 10 फीसदी बिस्तर सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों से भरे होते हैं।
विज्ञापन


स्कफर ने ये भी स्पष्ट किया है कि सड़क हादसों का शिकार होने वाले अधिकतर लोग गरीब होते हैं। अधिकतर परिवारों को दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल होता है। ऐसे में हादसे के शिकार होने वाले का परिवार पूरी तरह तबाह हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


देश की जानलेवा खूनी सड़कें
केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी कह चुके हैं कि देश में रोजाना 415 लोगों की मौत सड़क हादसों में होती है जो दुनिया में सबसे अधिक हैं। रोड एक्सीडेंट रिपोर्ट 2019 के अनुसार, वर्ष 2019 में देश में कुल 4,49,002 सड़क हादसे दर्ज किए गए।

इसमें से 1,51,113 लोगों की मौत हो गई जबकि 4,51,361 लोग घायल हो गए। रिपोर्ट की मानें तो सड़क हादसों की मुख्य वजह लापरवाही से गाड़ी चलाना और रफ्तार है, जिस पर नियंत्रण संभव है।

हादसे के एक घंटे में मिले इलाज
विश्व बैंक के अनुसार, तमिलनाडु में सड़क दुर्घटनाओं में 25 फीसदी की कमी आई है। बैंक के अनुसार, असुरक्षित वाहन जब तक सड़कों पर दौड़ते रहेंगे तब तक ऐसे हादसे होंगे।

सड़क हादसों के बाद लोगों की जान बचाने के लिए राजमार्गों पर इस तरह के सुविधाओं को विकसित करना होगा जिससे पीड़ितों को हादसे के पहले घंटे ही बेहतर उपचार मिल सके। वर्ष 2030 तक सड़क हादसों की संख्या को आधा करने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें हर किसी की अहम भूमिका है।

भारत में वाहनों की सुरक्षा मानक सख्त हों
हार्टविग स्कफर ने ये भी कहा है कि वाहन निर्माता कंपनी से बात चल रही है कि जिस तरह की सुविधा सुरक्षा वह अमेरिका और यूरोपीय देशों में बिकने वाले वाहनों में देते हैं। इसी तरह की सुरक्षा भारत में बिकने वाले वाहनों में दी जाए।


लोगों के लिए सुरक्षा के दोहरे मानदंड को स्वीकार करना नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस दिशा में काम कर रही है और उम्मीद है कि वैश्विक स्तर के मानकों के आधार पर ही वाहनों का निर्माण और बिक्री होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed