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US 2028 Presidential Election: नीरव शाह ने सीनेट चुनाव से वापस लिया नाम; जानें क्या है डेमोक्रेट्स की तैयारी
Tue, 21 Jul 2026 08:59 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 21 Jul 2026 08:59 AM IST
सार
भारतवंशी नीरव शाह ने अमेरिकी सीनेट की मेन डेमोक्रेटिक प्राइमरी से नाम वापस लेकर ट्रॉय जैक्सन का समर्थन किया है। वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी 2028 राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्राइमरी कैलेंडर पर इस सप्ताह अहम फैसला ले सकती है, जिसमें कई राज्यों के मतदान क्रम पर चर्चा होगी।
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अमेरिकी संसद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतवंशी नीरव शाह ने मेन राज्य से अमेरिकी सीनेट के डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करके ट्रॉय जैक्सन को अपना समर्थन देने की घोषणा की। शाह ने कहा कि सुसान कॉलिन्स को हराने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का एकजुट होना बहुत जरूरी है। शाह कुछ हफ्ते पहले ही इस चुनाव में उतरे थे। इससे पहले ग्रैहम प्लेटनर के नाम वापस लेने के बाद उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया था। शाह मेन सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के पूर्व निदेशक रह चुके हैं। अब मेन डेमोक्रेटिक पार्टी को 27 जुलाई तक अपना नया उम्मीदवार चुनना है।
2028 प्राइमरी कैलेंडर पर इस हफ्ते हो सकता है मतदान
दूसरी तरफ, अमेरिका में वर्ष 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे शुरू हो गई हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी इस सप्ताह अपने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के चयन के लिए होने वाले प्राइमरी चुनावों और कॉकस के क्रम (प्राइमरी कैलेंडर) पर शुरुआती फैसला ले सकती है। हालांकि, यह फैसला तब तक अंतिम नहीं माना जाएगा जब तक पूरी डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (DNC) इस पर अपनी सहमति नहीं दे देती। पार्टी की वोटिंग का क्रम तय करने वाली समिति शुक्रवार को वाशिंगटन में होने वाली बैठक में यह फैसला ले सकती है। पार्टी की इस प्रक्रिया की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने सोमवार को यह बात साझा की है।
राज्यों की दावेदारी और बैठकों का दौर
नियम और उपनियम समिति 2028 की प्राइमरी के दौरान राज्यों के मतदान के क्रम पर विचार करने के लिए हर महीने बैठकें कर रही है। समिति के सामने 10 से ज्यादा राज्यों ने अपनी प्रस्तुतियां दी हैं। ये राज्य अपने यहां सबसे पहले प्राइमरी और कॉकस चुनाव कराना चाहते हैं। इन राज्यों में आयोवा, मिशिगन, न्यू हैम्पशायर, नेवादा और साउथ कैरोलिना शामिल हैं। यह कैलेंडर अगस्त में होने वाली डीएनसी की पूरी बैठक में मंजूरी मिलने के बाद ही अंतिम माना जाएगा।
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प्रक्रिया में बदलाव की वजह
डेमोक्रेट्स ने साल 2020 में आयोवा कॉकस के दौरान हुई गड़बड़ी के बाद अपनी इस प्रक्रिया में बदलाव किया था। उस समय विजेता के नाम को लेकर कई दिनों तक अनिश्चितता बनी रही थी। इसके बाद से पार्टी उन राज्यों को प्राथमिकता दे रही है जहां की आबादी में अधिक विविधता है। साल 2024 के चुनाव चक्र के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन ने साउथ कैरोलिना को सबसे पहले रखने का प्रयास किया था। उन्होंने तर्क दिया था कि आयोवा और न्यू हैम्पशायर जैसे राज्यों में ज्यादातर आबादी श्वेत है, जबकि साउथ कैरोलिना में नस्लीय विविधता अधिक है।
ये भी पढ़ें: US-Canada Tensions: ट्रंप के नए टैरिफ से बढ़ा अमेरिका-कनाडा तनाव, 30 दिन बाद लागू होंगे 50% आयात शुल्क
साउथ कैरोलिना की दावेदारी
साल 2020 में साउथ कैरोलिना के एकमात्र डेमोक्रेटिक सांसद जिम क्लाइबर्न ने बाइडन के कमजोर पड़ते अभियान को दोबारा खड़ा करने में मदद की थी। इसके बाद बाइडन ने वहां बड़ी जीत हासिल की और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने। अब साउथ कैरोलिना के नेता फिर से अपने राज्य को पहले स्थान पर रखने की मांग कर रहे हैं। उन्हें पांच दक्षिणी राज्यों के डेमोक्रेटिक पार्टी अध्यक्षों का समर्थन भी मिला है। जनगणना ब्यूरो के अनुसार, साउथ कैरोलिना की आबादी में 25 फीसदी अश्वेत और लगभग 9 फीसदी हिस्पैनिक लोग शामिल हैं।
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2028 प्राइमरी कैलेंडर पर इस हफ्ते हो सकता है मतदान
दूसरी तरफ, अमेरिका में वर्ष 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे शुरू हो गई हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी इस सप्ताह अपने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के चयन के लिए होने वाले प्राइमरी चुनावों और कॉकस के क्रम (प्राइमरी कैलेंडर) पर शुरुआती फैसला ले सकती है। हालांकि, यह फैसला तब तक अंतिम नहीं माना जाएगा जब तक पूरी डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (DNC) इस पर अपनी सहमति नहीं दे देती। पार्टी की वोटिंग का क्रम तय करने वाली समिति शुक्रवार को वाशिंगटन में होने वाली बैठक में यह फैसला ले सकती है। पार्टी की इस प्रक्रिया की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने सोमवार को यह बात साझा की है।
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राज्यों की दावेदारी और बैठकों का दौर
नियम और उपनियम समिति 2028 की प्राइमरी के दौरान राज्यों के मतदान के क्रम पर विचार करने के लिए हर महीने बैठकें कर रही है। समिति के सामने 10 से ज्यादा राज्यों ने अपनी प्रस्तुतियां दी हैं। ये राज्य अपने यहां सबसे पहले प्राइमरी और कॉकस चुनाव कराना चाहते हैं। इन राज्यों में आयोवा, मिशिगन, न्यू हैम्पशायर, नेवादा और साउथ कैरोलिना शामिल हैं। यह कैलेंडर अगस्त में होने वाली डीएनसी की पूरी बैठक में मंजूरी मिलने के बाद ही अंतिम माना जाएगा।
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प्रक्रिया में बदलाव की वजह
डेमोक्रेट्स ने साल 2020 में आयोवा कॉकस के दौरान हुई गड़बड़ी के बाद अपनी इस प्रक्रिया में बदलाव किया था। उस समय विजेता के नाम को लेकर कई दिनों तक अनिश्चितता बनी रही थी। इसके बाद से पार्टी उन राज्यों को प्राथमिकता दे रही है जहां की आबादी में अधिक विविधता है। साल 2024 के चुनाव चक्र के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन ने साउथ कैरोलिना को सबसे पहले रखने का प्रयास किया था। उन्होंने तर्क दिया था कि आयोवा और न्यू हैम्पशायर जैसे राज्यों में ज्यादातर आबादी श्वेत है, जबकि साउथ कैरोलिना में नस्लीय विविधता अधिक है।
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साउथ कैरोलिना की दावेदारी
साल 2020 में साउथ कैरोलिना के एकमात्र डेमोक्रेटिक सांसद जिम क्लाइबर्न ने बाइडन के कमजोर पड़ते अभियान को दोबारा खड़ा करने में मदद की थी। इसके बाद बाइडन ने वहां बड़ी जीत हासिल की और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने। अब साउथ कैरोलिना के नेता फिर से अपने राज्य को पहले स्थान पर रखने की मांग कर रहे हैं। उन्हें पांच दक्षिणी राज्यों के डेमोक्रेटिक पार्टी अध्यक्षों का समर्थन भी मिला है। जनगणना ब्यूरो के अनुसार, साउथ कैरोलिना की आबादी में 25 फीसदी अश्वेत और लगभग 9 फीसदी हिस्पैनिक लोग शामिल हैं।