फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   nirav modi case, British court told former judge Katju arguments grossly insensitive

नीरव मोदी मामला: पूर्व जज काटजू की दलीलों को ब्रिटिश कोर्ट ने बताया घोर असंवेदनशील

Sat, 27 Feb 2021 02:26 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, लंदन।
एजेंसी, लंदन। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 27 Feb 2021 02:26 AM IST
विज्ञापन
nirav modi case, British court told former judge Katju arguments grossly insensitive
मार्कंडेय काटजू - फोटो : Twitter

पीएनबी घोटाले में भगोड़ा घोषित हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को उचित बताते हुए वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के जिला जज सैम्यूल गूजी ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू की दलीलों को घोर असंवेदनशील बताया।

विज्ञापन


काटजू ने नीरव की पैरवी में भाजपा सरकार की तुलना हिटलर से करते हुए कहा था कि सरकार की नजर में नीरव मोदी यहूदी है और वह उसे सभी आर्थिक समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहरायेगी। जज गूजी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज अभय थिप्से की दलीलों को भी खारिज कर दिया। 
विज्ञापन


 नीरव मोदी मामले में काटजू पिछले साल एक विशेषज्ञ गवाह के तौर पर वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने दावा किया था कि भारत में नीरव के खिलाफ निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी। भारत सरकार नीरव मोदी को देश में वित्तीय संकट खड़ा करने के लिए बलि का बकरा बनाना चाहती है। जज सैम्युल गूजी ने अपने आदेश में काटजू को आड़े हाथों लेते हुए कहा, काटजू की जिरह आश्चर्यजनक और अनुचित थी व भारत सरकार की हिटलर से तुलना घोर असंवेदनशील थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ब्रिटिश जज ने अपने आदेश में कहा, ऐसा कोई ठोस या भरोसेमंद सबूत नहीं है, कि भारत में न्यायपालिका अब स्वतंत्र नहीं है या एक निष्पक्ष सुनवाई करने में सक्षम नहीं है। यह एक हाई प्रोफाइल मामला है और मीडिया की इसमें काफी दिलचस्पी है।

काटजू मुखर आलोचक, यह उनका निजी एजेंडा
गूजी ने अपने आदेश में टिप्पणी की कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज काटजू एक मुखर आलोचक हैं और यह उनका निजी एजेंडा है। उनकी गवाही निष्पक्ष नहीं थी और जो उन्होंने कहा उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता।

जज ने कहा, कोर्ट में दी गई उनकी गवाही में, अपने पूर्व वरिष्ठ न्यायिक सहयोगियों के प्रति नाराजगी साफ झलकती है। यह एक ऐसे मुखर आलोचक की टिप्पणी थी, जिसका अपना एक अलग निजी एजेंडा था। गौरतलब है कि काटजू ने पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई की भी आलोचना की थी। काटजू ने देश के 50 फीसदी से अधिक जजों को भ्रष्ट बताया था।

काटजू ने कहा, मेरा कोई निजी एजेंडा नहीं
ब्रिटिश जज गूजी की टिप्पणियों को अनुचित और झूठ करार देते हुए काटजू ने कहा, बेशक जज को अपनी राय व्यक्त करने का अकधािर लेकिन मेरा कोई निजी एजेंडा नहीं है और मेरे लिए ऐसा कहना सरासर झूठ है।


बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज, अभय थिप्से की ओर इशारा करते हुए काटजू ने कहा, जस्टिस थिप्से की तरह मैं किसी राजनीतिक पार्टी का सदस्य न तो हूं, न कभी रहा हूं और न कभी रहने का इरादा रखता हूं। थिप्से अब कांग्रेस के सदस्य हैं, और वो भी नीरव मोदी की ओर से एक विशेषज्ञ गवाह के तौर पर पेश हुए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed