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Pakistan: 'अमेरिका-ईरान वार्ता का अगला दौर जल्द शुरू होने की संभावना', पाकिस्तानी रक्षा मंत्री आसिफ का दावा
Tue, 14 Apr 2026 02:33 AM IST
Nirmal Kant
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद।
Published by: Nirmal Kant
Updated Tue, 14 Apr 2026 02:33 AM IST
सार
Pakistan: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि ईरान-अमेरिका वार्ता का अगला दौर जल्द शुरू होने की संभावना है। हालांकि इससे पहले इस्लामाबाद में हुई बातचीत बिना किसी अंतिम समझौते के समाप्त हो गई थी। 21 घंटे चली इस उच्च स्तरीय वार्ता के बाद भी ईरान और अमेरिका किसी स्थायी शांति समझौते तक नहीं पहुंच सके थे। पढ़िए रिपोर्ट-
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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोमवार को कहा कि ईरान-अमेरिका वार्ता का अगला दौर जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। उनका यह बयान तब सामने आया है, जब एक दिन पहले इस्लामाबाद वार्ता विफल हो गई थी।
अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को 21 घंटे लंबी बातचीत चली। यह 1979 के बाद अपनी तरह पहली वार्ता थी, जिसमें दोनों पक्षों के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया था। हालांकि, साप्ताहांत में पाकिस्तान में हुई वार्ता के बाद दोनों पक्ष शत्रुता खत्म करने के लिए किसी स्थायी शांति समझौते पर नहीं पहुंच सके।
ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा?
संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि वार्ता के बाद एक संतोष का माहौल है, क्योंकि अभी तक किसी भी तरह का नकारात्मक घटनाक्रम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, अब तक केवल सकारात्मक प्रगति देखी गई है, जिससे संकेत मिलता है कि जारी कूटनीतिक प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
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उन्होंने आगे कहा, ईरान-अमेरिका वार्ता का अगला दौर जल्द होने की संभावना है। पाकिस्तान के एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के मुताबिक, जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान क्षेत्र के भविष्य को तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा, तो ख्वाजा आसिफ ने कहा, अंतिम फैसले अल्लाह के हाथ में हैं।
वेंस ने किया था अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरानी पक्ष ने वाशिंगटन की शर्तों को स्वीकार नहीं किया, जबकि अमेरिका ने अपना अंतिम और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव पेश किया था। वेंस इस्लामाबाद वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे।
ये भी पढ़ें: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह कितने अमीर?: मंत्रियों की संपत्ति से मचा हंगामा, खुलासे ने बढ़ाई मुश्किलें
घंटों बाद जब वार्ता विफल हो गई, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान के साथ बातचीत विफल रही क्योंकि ईरान अपने परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।
28 फरवरी को शुरू हुई थी जंग
इस संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमले किए, जिसके बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार ठप पड़ने लगे और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ।
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अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को 21 घंटे लंबी बातचीत चली। यह 1979 के बाद अपनी तरह पहली वार्ता थी, जिसमें दोनों पक्षों के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया था। हालांकि, साप्ताहांत में पाकिस्तान में हुई वार्ता के बाद दोनों पक्ष शत्रुता खत्म करने के लिए किसी स्थायी शांति समझौते पर नहीं पहुंच सके।
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ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा?
संसद के बाहर मीडिया से बातचीत में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि वार्ता के बाद एक संतोष का माहौल है, क्योंकि अभी तक किसी भी तरह का नकारात्मक घटनाक्रम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, अब तक केवल सकारात्मक प्रगति देखी गई है, जिससे संकेत मिलता है कि जारी कूटनीतिक प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
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उन्होंने आगे कहा, ईरान-अमेरिका वार्ता का अगला दौर जल्द होने की संभावना है। पाकिस्तान के एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के मुताबिक, जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान क्षेत्र के भविष्य को तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा, तो ख्वाजा आसिफ ने कहा, अंतिम फैसले अल्लाह के हाथ में हैं।
वेंस ने किया था अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरानी पक्ष ने वाशिंगटन की शर्तों को स्वीकार नहीं किया, जबकि अमेरिका ने अपना अंतिम और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव पेश किया था। वेंस इस्लामाबाद वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे।
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घंटों बाद जब वार्ता विफल हो गई, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान के साथ बातचीत विफल रही क्योंकि ईरान अपने परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है।
28 फरवरी को शुरू हुई थी जंग
इस संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को हुई, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमले किए, जिसके बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार ठप पड़ने लगे और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ।
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