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न्यूजीलैंड हमला: दहशत का वो दौर और सोशल मीडिया को लेकर पैदा हुआ डर

Fri, 15 Mar 2019 09:29 PM IST
अमित मंडल न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अमित मंडल Updated Fri, 15 Mar 2019 09:29 PM IST
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New Zealand attack: wrong use of social media may set new trend
न्यूजीलैंड - मस्जिद पर हमला - फोटो : PTI

न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर में शुक्रवार को जो हुआ उसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। ये देश कभी भी गलत वजहों से चर्चा में नहीं रहा है। इस शांत देश की नैसर्गिक सुंदरता का आनंद उठाने हर साल लाखों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। यहां आपसी सौहार्द की मिसाल देखी जाती है और यहां के लोग बेहद शांतिप्रिय माने जाते हैं। लेकिन एक घटना ने इस देश की छवि को गहरा आघात पहुंचाया है। इसके साथ ही इस घटना ने सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर फिर चर्चा छेड़ दी है। 

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49 की मौत 

शुक्रवार को बंदूकधारियों ने दो मस्जिदों पर हमला कर 49 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। हमलावरों ने महिलाओं और बच्चो को भी नहीं बख्शा। इस वारदात को अंजाम देने वाले एक हमलावर की पहचान ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के रूप में हुई है, जो अति दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रभावित है। घटना के बाद हर कोई सकते में है। इस देश में इस तरह की वारदात कभी नहीं हुई है। 
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पूरी दुनिया में निंदा 

जो भी इस हमले का गवाह बना वो ताउम्र इसे भुला नहीं पाएगा। घटना की पूरी दुनिया में निंदा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित दुनिया के तमाम बड़े नेताओं ने कड़े शब्दों में इस हमले की निंदा की। पोप फ्रांसिस ने इसे हिंसा का अर्थहीन कृत्य करार दिया। उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम समुदाय और पूरे न्यूजीलैंड के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। 
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एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने मस्जिद से खून से लथपथ लोगों को बाहर आते देखा। जो बच गए उनके चेहरे की दहशत सब कुछ बयां कर रही थी। बांग्लादेश के क्रिकेटर इस हमले में बाल-बाल बच गए। तमीम इकबाल ने उस वाकये को बयां किया है कि उन्होंने कितने मुश्किल पल गुजारे।  

कई लापता 

हमले के बाद कई लोग लापता भी हैं। परिजन इनकी तलाश में परेशान घूम रहे हैं। अफगान एसोसिएशन चलाने वाले हाजी दाऊद नबी भी शुक्रवार की नमाज के लिए मस्जिद अल नूर पहुंचे थे लेकिन लापता हो गए। उनके बेटे उमर नबी ने कहा कि उसने अपने पिता को कई बार फोन किया पर कोई जवाब नहीं मिला।  कामिल दरवेश भी इस हमले के बाद से लापता है। उनके भाई जुहैर दरवेश लगातार उनकी तलाश में हैं।  

चार गिरफ्तार 

न्यूजीलैंड के पुलिस कमिश्नर माइक बुश ने बताया कि इस मामले में चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं। न्यूजीलैंड पुलिस के मुताबिक, हमलावर एक ऑस्ट्रेलियाई युवक ब्रेंटन टैरेंट (28) था। उसने मस्जिद में घुसने से पहले फेसबुक पर लाइव स्ट्रीमिंग शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फुटेज में हमलावर को मस्जिद के अंदर घुसकर लोगों पर गोलियां बरसाते देखा गया। 


सोशल मीडिया पर लाइव 

हमले का ये वीडियो कुछ ही देर में वायरल हो गया। वॉट्सएप के जरिए ये वीडियो दुनियाभर में फैल गया। लेकिन अमर उजाला ऐसे किसी वीडियो को नहीं दिखा रहा क्यों हम मानते हैं कि इस तरह का कृत्य निंदनीय है और इससे जुडे़ वीडियो लोगों तक नहीं पहुंचाए जाने चाहिए। आज के दौर में सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे गलत तरीके से भी हो रहा है, ये उसकी मिसाल माना जा सकता है। ये पहला मौका था जब किसी हमलावर ने फेसबुक के जरिए हमले को लाइव दिखाया। इतने बड़े हमले को दुनिया ने पहली बार लाइव स्ट्रीमिंग पर देखा है। डर है कि ये घटना भविष्य में कहीं सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर गलत ट्रेंड न सेट कर दे। इस घटना ने डर पैदा कर दिया है कि भविष्य में सोशल मीडिया पर ऐसी खौफनाक वारदातों को न दिखाया जाने लगे।  

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