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न्यूयॉर्क: 3000 कर्मचारी कांटैक्ट ट्रेसिंग के जरिए लगाएंगे संक्रमितों का पता
Tue, 23 Jun 2020 03:00 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 23 Jun 2020 03:00 PM IST
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कोरोना वायरस
न्यूयॉर्क शहर में कोरोना वायरस के केस पर रोक लगाने के लिए नई पहल की गई है। अब यहां 3,000 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। ये कर्मचारी कोरोना संक्रमित मरीजों का पता लगाने के लिए कांटैक्ट ट्रेसिंग प्रोग्राम के तहत काम करेंगे। दरअसल, शहर में लॉकडाउन को पूरी तरह से खोल दिया गया है। ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि इससे कोरोना वायरस का प्रसार होगा। मगर इस पर रोक के लिए यहां पर कांटैक्ट ट्रेसिंग प्रोग्राम भी लागू किया गया है। इससे यदि किसी मरीज में ऐसे लक्षण पाए जाएं तो उसके संपर्क में आने वालों का भी आसानी से पता लगाया जा सके।
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शहर में अब आउटडोर रेस्टोरेंट खरीदारी और दुकान के साथ कार्यालय फिर से खोल दिए गए हैं। इन जगहों पर काफी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। एक जून से शहर में तमाम ऐसी चीजें खोल दी गई हैं। इस बीच यह भी देखने में आ रहा है कि कई बार ये ट्रैकर्स संक्रमित लोगों का पता लगाने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। पहले दो सप्ताह के दौरान 5,347 में से 35 फीसदी कोरोना वायरस से संक्रमित सामने आए थे। कांटैक्ट ट्रेसिंग एकमात्र टूल है, जिसके जरिए पता लगाया जा सकता है कि कौन-कौन संक्रमित मरीज के संपर्क में आया है। पता चल जाने पर उसके इलाज में थोड़ी सावधानी बरती जा सकती है।
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शहर को पूरी तरह से खोलने पर कांटैक्ट ट्रेसिंग के जरिए ऐसे मरीजों का पता लगाने का पर चिंता व्यक्त की गई है। दरअसल, इससे पहले जब शहर में तपेदिक और खसरा जैसी बीमारियां फैल रही थीं तो इसी तरह से कांटैक्ट ट्रेसिंग का इस्तेमाल करके काम किया गया था। मगर अब कोरोना वायरस से बचाव के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल तो किया जा रहा है मगर बहुत अधिक कामयाबी मिलती नहीं दिख रही है।
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चीन, दक्षिण कोरिया, जर्मनी और अन्य देशों ने व्यापक ट्रेसिंग कार्यक्रमों की स्थापना की है। जिससे अधिकारियों को संक्रमण कम करने में मदद मिली है। उदाहरण के लिए दक्षिण कोरिया में शादियों, अंतिम संस्कार और इंटरनेट गेम पार्लर में लोग अपना नाम और टेलीफोन नंबर लिखते हैं ताकि बाद में उनके बारे में पता लगाया जा सके। न्यूयार्क सिटी के नए टेस्ट और ट्रेस कॉर्प्स के प्रमुख डॉ. टेड लॉन्ग ने जोर देकर कहा कि कार्यक्रम अच्छा है।