Axiom-4: शुभांशु के साथ अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचा 'जॉय', बेटे से है खास रिश्ता; इस परंपरा का हिस्सा
Axiom-4: एक्सिओम-4 मिशन के 'चालक दल' के नये सदस्य ‘जॉय’ नाम के एक हंस खिलौने को उस वक्त ड्रैगन अंतरिक्ष यान में तैरते हुए देखा गया। यह खिलौना एक्सिओम-4 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा ले जाया जाने वाला शून्य गुरुत्वाकर्षण (भारहीनता) सूचक है।
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एक्सिओम-4 मिशन के दौरान एक खास दृश्य ने सबका ध्यान खींचा, जब अंतरिक्ष यात्री गुरुवार को पृथ्वी से वीडियो कॉल पर थे, तब उनके साथ ड्रैगन यान में एक छोटा हंस का खिलौना हवा में तैरता हुआ दिखाई दिया। यह खिलौना सिर्फ एक सजावटी वस्तु नहीं, बल्कि शून्य गुरुत्वाकर्षण संकेतक है। जिसे अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के बेटे कियाश के पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम को ध्यान में रखते हुए चुना गया था।
इस परंपरा का हिस्सा है जॉय
एक्सिओम-4 मिशन के 'चालक दल' के नये सदस्य का नाम 'जॉय' है। भारहीनता के क्षण को चिह्नित करने के लिए खिलौना ले जाने की परंपरा अंतरिक्ष में जाने वाले पहले मानव यूरी गगारिन के साथ शुरू हुई थी और तब से यह अंतरिक्ष मिशन में एक रस्म बन गई है।
शुभांशु शुक्ला ने कहा कि हंस ज्ञान का प्रतीक है और साथ ही भटकाव के दौरान इसमें विवेक का उपयोग करने की भी क्षमता होती है। शुक्ला ने कहा, इसका मतलब सिर्फ शून्य गुरुत्वाकर्षण संकेतक से कहीं अधिक है। मुझे लगता है कि पोलैंड, हंगरी और भारत में भी हम चीजों का प्रतीकात्मक उपयोग करते हैं।
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एक्सिओम स्पेस ने एक बयान में कहा कि जॉय नामक यह खिलौना भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) और हंगेरियन टू ऑर्बिट प्रोग्राम (एचयूएनओआर) द्वारा अंतरिक्ष की उड़ान भरने के साझा प्रयास का प्रतीक है। बयान में कहा गया कि इस तरह, जॉय सांस्कृतिक एकता का प्रतिनिधित्व करता है क्योंकि तीन राष्ट्र एक दल के रूप में मानव अंतरिक्ष उड़ान पर हैं।
#WATCH | "Namaskar from space! I am thrilled to be here with my fellow astronauts. What a ride it was," says Indian astronaut Group Captain Subhanshu, who is piloting #AxiomMission4, as he gives details about his journey into space.
Carrying a soft toy Swan, he says, in Indian… pic.twitter.com/Z09Mkxhfdj
— ANI (@ANI) June 26, 2025
क्यों चुना हंस को?
भारत में हंस ज्ञान और पवित्रता का प्रतीक है, जो सत्य की खोज का प्रतिनिधित्व करता है। पोलैंड में, हंस पवित्रता, निष्ठा और मुश्किल परिस्थितियों में उबरने का प्रतीक है, जबकि हंगरी में, यह निष्ठा, अनुग्रह और प्रकृति की सुंदरता का प्रतीक है। एक्सिओम स्पेस ने कहा, शून्य गुरुत्वाकर्षण संकेतक के रूप में हंस को चुनकर, एक्स-4 चालक दल ने अपनी संस्कृतियों की विविधता को एक सूत्र में पिरोया है।