Nepal: नेपाल में पैठ बनाने की अमेरिकी कोशिश जारी, डॉनल्ड लू की काठमांडू की तीसरी यात्रा
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अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री डॉनल्ड लू शुक्रवार रात काठमांडू पहुंचे। 2021 में यह पद संभालने के बाद लू की यह तीसरी नेपाल यात्रा है। उनकी इस यात्रा को नेपाल में अमेरिका की बढ़ती दिलचस्पी का संकेत बताया गया है। समझा जाता है कि गुजरे वर्षों में नेपाल की चीन से बनी नजदीकी के कारण अब अमेरिका नेपाल में अपने पांव फिर से जमाने की कोशिश में जुटा हुआ है।
औपचारिक रूप से बताया गया है कि डॉनल्ड लू अमेरिकी संस्था मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन (एमसीसी) से नेपाल को मिली मदद से बनने वाली परियोजनाओं पर बातचीत के लिए यहां आए हैं। इस संस्था से नेपाल को विकास परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ डॉलर की सहायता मिली है।
लू की यहां विदेश मंत्री एनपी सउद से बातचीत हुई है। इसके अलावा उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों नेपाली कांग्रेस के शेर बहादुर देउबा और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) के केपी शर्मा ओली से भी मुलाकात की। वे प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल के निवास पर गए और उनकी पत्नी सीता दहल के निधन पर शोक जताया। सीता दहल का बुधवार को निधन हो गया था।
काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक बयान में कहा है कि लू नियमित कूटनीतिक यात्रा पर नेपाल आए हैँ। यहां उन्होंने नेपाली नेताओं के साथ मानव अधिकारों की स्थिति और लोकतंत्र शिखर सम्मेलन में नेपाल की भागीदारी से हासिल हुई उपलब्धियों पर चर्चा की है। लोकतंत्र शिखर सम्मेलन का आयोजन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने किया था, जिसमें नेपाल को भी आमंत्रित किया गया था।
यूएमएल के विदेश संबंध विभाग के प्रमुख राजन भट्टराई के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री ओली से मुलाकात के दौरान लू ने एमसीसी करार में नेपाल के शामिल होने को लेकर उन्हें बधाई दी। एमसीसी करार को संसदीय मंजूरी देने का यूएमएल ने कड़ा विरोध किया था। बाद में तत्कालीन शेर बहादुर देउबा सरकार के साथ पार्टी के हुए एक समझौते के तहत यूएमएल इसका समर्थन करने को तैयार हुई थी। संसदीय प्रस्ताव फरवरी 2022 में पारित हुआ था।
पर्यवेक्षकों के मुताबिक एमसीसी करार को लेकर चीन और नेपाल के रिश्तों में कड़वाहट बनी रही है। जिन दिनों इस समझौते के मंजूरी को लेकर नेपाल में विवाद छिड़ा हुआ था, चीन ने इस बारे में सार्वजनिक बयान जारी किया था। उसने आरोप लगाया था कि अमेरिका इस करार को मानने के लिए नेपाल पर दबाव डाल रहा है। लेकिन नेपाली राजनीतिक दलों ने इस करार को स्वीकार कर लिया। इसे अमेरिका की कूटनीतिक जीत के रूप में देखा गया था।
शुक्रवार रात लू ने काठमांडू स्थित अमेरिकी राजदूत के निवास पर एक भोज का आयोजन किया, जिसमें नेपाल के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को बुलाया गया। वहां नेपाली नेताओं की मुलाकात अमेरिकन चैंबर और कॉमर्स के सदस्यों से कराई गई। अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की नेपाली शाखा का गठन दो साल पहले किया गया था। तब बताया गया था कि इसका मकसद नेपाली नागरिकों को आधुनिक कारोबार के कौशल की ट्रेनिंग देना होगा। अमेरिकी राजदूत ने दावा किया कि इसके गठन से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत हुए हैं।