फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Nepal ruling alliance meeting concludes without agreement on power-sharing

Nepal: नेपाल के सत्तारूढ़ गठबंधन ने पीएम आवास पर की बैठक, सत्ता बंटवारे पर सहमति के बिना ही समाप्त हुई मीटिंग

Thu, 23 Mar 2023 12:52 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, काठमांडू।
पीटीआई, काठमांडू। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 23 Mar 2023 12:52 AM IST
सार

प्रधानमंत्री के प्रेस समन्वयक सूर्य किरण शर्मा ने बताया कि बैठक मुख्य रूप से मंत्रिमंडल विस्तार और संसद में पेश किए जाने वाले विधेयकों को लेकर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी।

विज्ञापन
Nepal ruling alliance meeting concludes without agreement on power-sharing
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड'। - फोटो : ट्विटर/ कॉमरेड प्रचंड (फाइल फोटो)

विस्तार

विज्ञापन

नेपाल में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल चार प्रमुख राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर चर्चा करने के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री पुष्प कुमार दहल ‘प्रचंड’ के आवास पर बैठक की, लेकिन बिना किसी नतीजे के ही बैठक समाप्त हो गई। प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बालुवातार में हुई बैठक सत्तारूढ़ गठबंधन और उनके नेताओं के बीच प्रारंभिक बैठक थी, जिसमें ‘प्रचंड’, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत समाजवादी के अध्यक्ष माधव कुमार नेपाल और जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के अध्यक्ष उपेंद्र यादव शामिल हुए।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री के प्रेस समन्वयक सूर्य किरण शर्मा ने बताया कि बैठक मुख्य रूप से मंत्रिमंडल विस्तार और संसद में पेश किए जाने वाले विधेयकों को लेकर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक, सत्ता साझेदारी और मंत्री पद का बंटवारा सत्तारूढ़ गठबंधन में गतिरोध का सबसे बड़ा कारण है क्योंकि नेताओं द्वारा मांगे जा रहे पद मंत्रिमंडल में उपलब्ध मंत्रालयों से भी अधिक हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रचंड ने नव निर्वाचित उप राष्ट्रपति के 20 मार्च को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में आश्वासन दिया था कि अगले चार दिन में मंत्रिमंडल का विस्तार कर लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, नेपाली कांग्रेस ने 10 मंत्रालयों की मांग की है, सीपीएन-माओवादी केंद्र ने प्रधानमंत्री सहित पांच, सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट और जनता समाजवादी पार्टी नेपाल ने तीन-तीन, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी और जनमत पार्टी ने दो-दो, और नेपाल समाजवादी पार्टी, आम जनता पार्टी समेत नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने एक-एक मंत्रालय की मांग की है। जबकि उपलब्ध मंत्रालयों की कुल संख्या 25 तक ही सीमित है।

प्रचंड के नेतृत्व वाली सरकार में वर्तमान में केवल छह कैबिनेट मंत्री हैं, जिनमें प्रधानमंत्री और एक राज्यमंत्री शामिल हैं। सीपीएन-यूएमएल, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के मंत्रियों ने सात दलों के गठबंधन के टूटने के बाद पदों से इस्तीफा दे दिया था। प्रचंड के पास गृह, वित्त, विदेश, उद्योग और वाणिज्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और कृषि मंत्रालयों सहित लगभग 16 मंत्रिस्तरीय विभागों का बोझ है।


इस बीच नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन थापा ने कहा कि कैबिनेट विस्तार के कार्य को पूरा करने में कुछ दिन और लगेंगे क्योंकि कई पार्टियां हैं जिन्होंने विश्वास मत के दौरान प्रचंड के नेतृत्व वाली सरकार के पक्ष में वोट डाले हैं और कई सरकार में शामिल होने के इच्छुक हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed