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Madhes Pradesh: नेपाल ने भारतीय सीमा से जुड़े प्रांत का नाम मधेश प्रदेश रखा, जनकपुर होगी राजधानी
Tue, 18 Jan 2022 07:47 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 18 Jan 2022 07:47 PM IST
सार
नेपाल ने भारतीय सीमा से सटे अपने प्रांत 2 का नाम 'मधेश प्रदेश' तय करते हुए सालों से चली आ रही बहस को समाप्त कर दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
नेपाल के भारतीय सीमा से जुड़े दक्षिण-पूर्वी प्रांत 2 का नाम मधेश प्रदेश रखा गया है और प्रांत की राजधानी जनकपुर तय की गई है। इसके साथ ही प्रांत की आधिकारिक पहचान को लेकर लंबे समय से चली आ रही बहस का अंत हो गया। इस प्रांत का गठन साल 2015 में किया गया था।
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इसे लेकर सोमवार को प्रांतीय विधानसभा ने दोनों फैसलों के समर्थन में दो तिहाई बहुमत से मतदान किया था। मतदान करने वाले 99 सदस्यों में से 78 ने राजधानी के तौर पर जनकपुर में समर्थन में वोट किया। वहीं, 80 लोगों ने प्रांत का नाम मधेश प्रदेश रखने के समर्थन में मतदान किया।
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क्षेत्रफल के मामले में सबसे छोटा लेकिन आबादी के मामले में दूसरा सबसे बड़ा प्रांत
क्षेत्रफल के मामले में यह नेपाल का सबसे छोटा प्रांत है लेकिन जनसंख्या के मामले में यह दूसरा सबसे बड़ा प्रांत है। इसकी सीमा दक्षिण में बिहार से लगती है। भारत के साथ सीमा पर इसके आठ जिले हैं। ये जिले बारा, परसा, रौताहाट, सरलाही, महोत्तरी, धनुष, सिराहा और सप्तरी हैं।
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मधेश प्रांत की प्रमुख आबादी भारतीय मूल है और मैथिली भाषा प्रमुखता से बोली जाती है। इस प्रांत के नए नाम को लेकर लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र महतो ने कहा कि प्रांत का नया नाम देना पूर्ण संघवाद की ओर नेपाल के इतिहास में एक मील के पत्थर की तरह है।