{"_id":"60a854988ebc3edcb51b7fdb","slug":"nepal-president-bidya-devi-bhandari-dissolves-house-of-representatives","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल की सियासत: राष्ट्रपति ने भंग की संसद, मध्यावधि चुनाव का किया एलान ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
नेपाल की सियासत: राष्ट्रपति ने भंग की संसद, मध्यावधि चुनाव का किया एलान
Sat, 22 May 2021 06:38 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 22 May 2021 06:38 AM IST
विज्ञापन
नेपाल की राष्ट्रपति
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल की सियासत ने नई करवट ली है। राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने संसद को भंग करते हुए मध्यावधि चुनाव का एलान किया है। चुनाव 12 और 19 नवंबर को होंगे। राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने शेर बहादुर देउबा और केपी शर्मा ओली दोनों के सरकार बनाने के दावे को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
राष्ट्रपति ने कहा था- मैं कानून भी देखूंगी
149 सांसदों की हस्ताक्षर सहित कांग्रेस सभापति शेर बहादुर देउवाको प्रधानमंत्री बनाने के लिए पत्र लेकर पहुंचे विपक्षी गठबंधन के नेताओं को राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने कहा था कि वह इस विषय में कानून भी देखेंगी।
विज्ञापन
माओवादी केंद्र के प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ के अनुसार राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भी बहुमत का दावा करने के लिए आए थे। इस विषय में कानून देखा जाएगा।
विज्ञापन
विपक्षी गठबंधन ने कहा कि ओली ने सांसदों की हस्ताक्षर प्रस्तुत नहीं किया है इसलिए उनके दावे का कोई अर्थ नहीं है । विपक्षी गठबंधन देउबा को प्रधानमंत्री बनाने केलिए हस्ताक्षर सहित के पत्र राष्ट्रपति कार्यालय में रजिस्टर किया था।
देउबा के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के लिए जुटे थे विपक्षी नेता
नेपाल के विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को पद से हटाने और मौजूदा राजनीतिक संकट को सुलझाने के लिए एक बैठक में आगे की रणनीति तय की थी। विपक्षी दल ने शुक्रवार को राष्ट्रपति बिद्यादेवी भंडारी से मिलकर गठबंधन के नेता शेरबहादुर देउबा के नेतृत्व में नई सरकार का गठन करने के लिए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को शक्ति परीक्षण का मौका देने के प्रति अनिच्छा जताई थी।
शुक्रवार को नेपाली कांग्रेस (एनसी) के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के आवास पर विपक्षी गठबंधन की बैठक हुई। इसमें नेकां, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी केंद्र) और जनता समाजवादी पार्टी के उपेंद्र यादव धड़े के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। सत्तारूढ़ सीपीएन-यूएमएल के वरिष्ठ नेता माधव कुमार नेपाल भी बैठक में शामिल हुए। इन सभी ने पीएम ओली को पद से हटाने के सभी विकल्पों पर विचार किया क्योंकि वह संवैधानिक नियमों का उल्लंघन करने में शामिल रहे थे। नेकां के प्रमुख नेता गगन थापा ने बताया था कि देउबा को प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश के लिए इन राजनीतिक दलों के गठबंधन ने 149 सांसदों का समर्थन होने का दावा भी किया है।
राष्ट्रपति पर महाभियोग को लेकर भी हुआ था विचार
बैठक में इस पर भी विचार किया गया था कि राष्ट्रपति जिस तरह से ओली के असांविधानिक कदमों का समर्थन कर रही है उसे देखते हुए क्या राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव दाखिल किया जाना चाहिए। बता दें कि एक दिन पहले ही नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने देश के सियासी दलों से नई सरकार बनाने का दावा पेश करने को कहा था। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री ओली की सिफारिश पर राजनीतिक दलों के नई सरकार बनाने के लिए शुक्रवार तक की समय-सीमा तय की है। देउबा के आवास पर हुई बैठक में नेकां के 61, माओवादी केंद्र के 48, जेएसपी के 13 और यूएमएल के 27 सांसद शामिल थे।