फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Nepal Politics Rashtriya Prajatantra Party decides to withdraw support from Prachanda led govt

Nepal Politics: प्रचंड के नेतृत्व वाली सरकार को बड़ा झटका, सहयोगी पार्टी RPP का समर्थन वापस लेने का फैसला

Sun, 26 Feb 2023 06:03 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 26 Feb 2023 06:03 PM IST
सार

आरपीपी की केंद्रीय कार्यकारी समिति और सांसदों के बीच शनिवार को संयुक्त बैठक हुई। बैठक में प्रचंड नीत सरकार और प्रांतीय सरकारों से अपना समर्थन वापस लेने का फैसला किया गया। 

विज्ञापन
Nepal Politics Rashtriya Prajatantra Party decides to withdraw support from Prachanda led govt
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' - फोटो : cmprachanda.com

विस्तार

राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने राजनीतिक समीकरण में बदलाव का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस लेने का फैसला किया है। आरपीपी नेपाल में सत्तारूढ़ सात दलों के गठबंधन में प्रमुख साझेदार है। शनिवार को आरपीपी के चार मंत्रियों ने प्रचंड को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इनमें पार्टी के अध्यक्ष और उप प्रधानमंत्री राजेंद्र लिंगडेन भी शामिल थे।  

विज्ञापन

आरपीपी की केंद्रीय कार्य समिति और सांसदों के बीच हुई बैठक
नेपाल के एक प्रमुख समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी की केंद्रीय कार्यकारी समिति और सांसदों के बीच शनिवार को संयुक्त बैठक हुई। बैठक में प्रचंड नीत सरकार और प्रांतीय सरकारों से अपना समर्थन वापस लेने का फैसला किया गया। आरपीपी के प्रवक्ता मोहन कुमार श्रेष्ठ की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, राजनीतिक समीकरणों में अचानक आए बदलाव और सत्तारूढ़ सरकार के भीतर सहयोग को देखते हुए आरपीपी ने सरकार को छोड़ने का फैसला किया है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

पार्टी का केंद्र और प्रांतीय सरकारों से समर्थन वापस लेने का फैसला
रिपोर्ट में उनके बयान के हवाले से कहा गया, "हमने सरकार को दिए गए समर्थन को वापस लेने का फैसला किया है, और आज से सरकार छोड़ दी है। पार्टी प्रांतीय सरकारों के मामले में भी यही विश्वास रखती है, इसलिए सरकारों को दिए गए समर्थन को वापस लेने का फैसला किया है।"
 

विज्ञापन

राष्ट्रपति पद के लिए गठबंधन से बाहर के उम्मीदवार का चयन
275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा (संसद) में आरपीपी 14 सीटों के साथ पांचवीं सबसे बड़ी पार्टी है। माओवादी केंद्र के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री प्रचंड ने सत्तारूढ़ गठबंधन के बाहर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का चयन कर सत्तारूढ़ गठबंधन को झटका दिया है। अगले महीने की शुरूआत में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव ने सात दलों के सत्तारूढ़ गंठबंधन के भविष्य पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिया है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed