फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Nepal Gen Z Movement: Interim PM Karki Says Government Committed to Youth-Led Reforms and Historic Change

Nepal: ‘नए बदलाव के लिए प्रतिबद्ध है सरकार’, अंतरिम PM सुशीला कार्की ने युवाओं के आंदोलन को बताया ऐतिहासिक

Fri, 10 Oct 2025 12:40 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम गर्ग Updated Fri, 10 Oct 2025 12:40 AM IST
सार

Nepal Gen Z Movement: नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा कि सरकार युवाओं के बदलाव की मांगों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जेन-जेड आंदोलन के एक माह पूरे होने पर उन्होंने कहा कि यह क्रांति देश में नई सोच और सुधार की दिशा दिखा रही है।

विज्ञापन
Nepal Gen Z Movement: Interim PM Karki Says Government Committed to Youth-Led Reforms and Historic Change
सुशीला कार्की, अंतरिम प्रधानमंत्री, नेपाल - फोटो : ANI

विस्तार

नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार उस बदलाव के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिसकी मांग देश की नई पीढ़ी कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछली सरकारों ने युवाओं की आवाज और उनकी भावनाओं को नजरअंदाज किया, जो उनकी कमजोरी थी।
विज्ञापन


‘नए बदलाव के लिए प्रतिबद्ध है सरकार’
जेन-जेड आंदोलन के एक माह पूरे होने पर जारी वीडियो संदेश में कार्की ने कहा कि सरकार उन सभी सुधारों और परिवर्तनों को अपनाने के लिए तैयार है, जिन्हें युवा पीढ़ी चाहती है। हमें इस क्रांति को सकारात्मक नजरिए से स्वीकार करना चाहिए।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- UN: 'निष्पक्ष और पारदर्शी वैश्विक व्यापार प्रणाली ही विकास का इंजन'; भारतीय सांसद वामसी कृष्णा गद्दाम बोले
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व मुख्य न्यायाधीश और अंतरिम पीएम सुशीला कार्की ने कहा कि एक ओर हमारे युवाओं में निराशा है, तो दूसरी ओर उनमें देश के प्रति अपार प्रेम भी है। हमें अपनी गलतियों और कमियों को विनम्रता से स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने और हिंसा से दूर रहने की अपील की। साथ ही राजनीतिक दलों से भी खुद में सुधार लाने का आग्रह किया।

कार्की ने जेन-जेड आंदोलन में जान गंवाने वाले युवाओं को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा इस आंदोलन में कई युवाओं ने अपनी जान दी है और सैकड़ों घायल हुए हैं। मैं सभी शहीदों को नमन करती हूं और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करती हूं।


जेन-जेड विरोध के चलते के.पी. शर्मा ओली ने दिया इस्तीफा
गौरतलब है कि 8 और 9 सितंबर को काठमांडू में हुए जेन-जेड विरोध प्रदर्शन में 76 लोगों की मौत हुई थी। यह आंदोलन तत्कालीन प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के विरोध में शुरू हुआ था। हिंसक प्रदर्शनों के बाद ओली ने सितंबर की शुरुआत में इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद सुशीला कार्की ने 12 सितंबर को अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला। उनके सुझाव पर राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संसद भंग कर दी और अगला आम चुनाव 5 मार्च 2026 को तय किया गया है।

ये भी पढ़ें:- Gaza Peace Plan: 'गाजा में जंग खत्म, अब आएगी स्थायी शांति..', अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

इस बीच, हटाए गए प्रधानमंत्री ओली ने संसद को बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और राजनीतिक स्थिरता के लिए यह कदम आवश्यक है। वहीं, पुलिस ने गुरुवार को जेन-जेड समूह के 18 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया, जिनमें डॉ. निकोलस भूषल भी शामिल हैं। ये लोग मैतीघर में ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed