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Pakistan: भ्रष्टाचार मामले में नवाज शरीफ की याचिका पर सुनवाई टली; इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान को दी राहत
Tue, 21 Nov 2023 07:34 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 21 Nov 2023 07:34 PM IST
सार
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में नवाज शरीफ की याचिका पर सुनवाई टाल दी है। वहीं दूसरी ओर, इमरान खान को 'ज्यूडिशियल लॉकअप' में रखने की अधिसूचना को रद्द कर दिया है। पढ़िए पूरा मामला...
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नवाज शरीफ की याचिका स्थगित
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के दो मामलों में नवाज शरीफ की याचिका पर सुनवाई 27 नवंबर तक के लिए टाल दी है। बता दें नवाज शरीफ ने एवनफील्ड और अल अजीजिया भ्रष्टाचार मामलों में मिली सजा के खिलाफ अपील की थी।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान नवाज शरीफ के वकील आजम तरार और राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की कानूनी टीम को भी सुना। जिसके बाद पीठ ने सुनवाई को 27 नवंबर तक के लिए टाल दिया है। साथ ही कोर्ट ने नवाज शरीफ के वकील को अगली सुनवाई के दौरान दलीलों को पेश करने को कहा है।
बता दें नवाज शरीफ लंदन में लगभग चार वर्ष के आत्म निर्वासन के बाद 21 अक्तूबर को पाकिस्तान लौट आए हैं। सुनवाई के दौरान वह भी मौजूद थे। आठ फरवरी को पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज अपनी पार्टी का नेतृत्व करेंगे। सुनवाई के लिए नवाज शरीफ कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत पहुंचे थे।
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क्या है मामला
पीएमएल-एन प्रमुख को लंदन में अवैध संपत्ति रखने के लिए जुलाई 2018 में एवेनफिल्ड मामले में एक जवाबदेही अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया था और 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। उनकी बेटी मरियम नवाज को भी मामले में सात साल जेल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन सितंबर 2022 में उन्हें बरी कर दिया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री को अल-अजीजिया स्टील मिल्स भ्रष्टाचार मामले में भी दोषी ठहराया गया था और दिसंबर 2018 में सात साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को राहत
वहीं दूसरी ओर, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 'ज्यूडिशियल लॉकअप' में रखने की अधिसूचना रद्द कर दी है। अधिसूचना में जेल अधिकारियों को साइफर मामले में इमरान खान को 'ज्यूडिशियल लॉकअप' में रखने का निर्देश दिया गया था।
कोर्ट ने फैसले के खिलाफ इमरान खान द्वारा दाय एक इंट्रा कोर्ट अपील पर सुनवाई की, जिसके बाद निर्देश जारी करते हुए अधिसूचना को रद्द कर दिया। इससे पूर्व कोर्ट के दो सदस्यीय पीठ ने फैसला शाम तक के लिए सुरक्षित रख दिया था।
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इस्लामाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान नवाज शरीफ के वकील आजम तरार और राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की कानूनी टीम को भी सुना। जिसके बाद पीठ ने सुनवाई को 27 नवंबर तक के लिए टाल दिया है। साथ ही कोर्ट ने नवाज शरीफ के वकील को अगली सुनवाई के दौरान दलीलों को पेश करने को कहा है।
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बता दें नवाज शरीफ लंदन में लगभग चार वर्ष के आत्म निर्वासन के बाद 21 अक्तूबर को पाकिस्तान लौट आए हैं। सुनवाई के दौरान वह भी मौजूद थे। आठ फरवरी को पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज अपनी पार्टी का नेतृत्व करेंगे। सुनवाई के लिए नवाज शरीफ कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत पहुंचे थे।
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क्या है मामला
पीएमएल-एन प्रमुख को लंदन में अवैध संपत्ति रखने के लिए जुलाई 2018 में एवेनफिल्ड मामले में एक जवाबदेही अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया था और 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। उनकी बेटी मरियम नवाज को भी मामले में सात साल जेल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन सितंबर 2022 में उन्हें बरी कर दिया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री को अल-अजीजिया स्टील मिल्स भ्रष्टाचार मामले में भी दोषी ठहराया गया था और दिसंबर 2018 में सात साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को राहत
वहीं दूसरी ओर, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 'ज्यूडिशियल लॉकअप' में रखने की अधिसूचना रद्द कर दी है। अधिसूचना में जेल अधिकारियों को साइफर मामले में इमरान खान को 'ज्यूडिशियल लॉकअप' में रखने का निर्देश दिया गया था।
कोर्ट ने फैसले के खिलाफ इमरान खान द्वारा दाय एक इंट्रा कोर्ट अपील पर सुनवाई की, जिसके बाद निर्देश जारी करते हुए अधिसूचना को रद्द कर दिया। इससे पूर्व कोर्ट के दो सदस्यीय पीठ ने फैसला शाम तक के लिए सुरक्षित रख दिया था।