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कड़ाके की ठंड बनी बाधा: नासा ने आर्टेमिस मिशन की चंद्र उड़ान टाली, जानें अब कब होगा लॉन्च
Fri, 30 Jan 2026 10:37 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Fri, 30 Jan 2026 10:37 PM IST
सार
नासा ने अत्यधिक ठंड के कारण अपने पहले मानवयुक्त आर्टेमिस चंद्र मिशन को टाल दिया है। अब यह मिशन 8 फरवरी से पहले लॉन्च नहीं होगा। ठंड की वजह से फ्यूलिंग टेस्ट और ड्रेस रिहर्सल प्रभावित हुई है। फरवरी में सीमित लॉन्च विंडो होने से और देरी की आशंका भी जताई गई है।
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नासा
- फोटो : NASA
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विस्तार
चांद पर इंसानों की वापसी के ऐतिहासिक मिशन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अत्यधिक ठंड के कारण अपने पहले मानवयुक्त आर्टेमिस मिशन को फिलहाल टाल दिया है। प्रक्षेपण स्थल पर तापमान शून्य के करीब पहुंचने की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया। अब यह मिशन तय समय से दो दिन बाद लॉन्च किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
नासा के अनुसार, चार अंतरिक्ष यात्रियों को चांद के चारों ओर घुमाकर वापस लाने वाला आर्टेमिस मिशन अब 8 फरवरी से पहले लॉन्च नहीं किया जाएगा। पहले यह मिशन छह फरवरी को प्रस्तावित था। ठंड के चलते 322 फुट लंबे चंद्र रॉकेट की फ्यूलिंग टेस्ट प्रक्रिया भी रद्द करनी पड़ी। नासा ने साफ कहा कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
ये भी पढ़ें- 2012 के UGC नियमों से कितने अलग 2026 के नियम: नए दिशा-निर्देशों और पुराने में क्या अंतर; विरोध क्यों हुआ?
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ठंड से बढ़ी तकनीकी चुनौती
प्रक्षेपण स्थल पर तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंचने से रॉकेट और यान के कई हिस्सों पर असर पड़ सकता है। नासा अधिकारियों ने बताया कि ओरायन कैप्सूल को गर्म रखने के लिए हीटर लगाए गए हैं। साथ ही, रॉकेट के पर्जिंग सिस्टम को भी ठंड के हिसाब से बदला जा रहा है, ताकि किसी तरह की तकनीकी खराबी न आए।
ड्रेस रिहर्सल और सीमित समय
नासा अब सोमवार को फ्यूलिंग की ड्रेस रिहर्सल करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन यह भी मौसम पर निर्भर करेगा। फरवरी महीने में नासा के पास केवल तीन ही ऐसे दिन हैं, जब यह मिशन लॉन्च किया जा सकता है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगर इसमें और देरी हुई, तो मिशन मार्च तक टल सकता है।
अंतरिक्ष यात्री क्वारंटीन में
मिशन के कमांडर रीड वाइजमैन और उनके साथी फिलहाल ह्यूस्टन में क्वारंटीन में हैं। उनकी फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर तक यात्रा को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। लॉन्च की तारीख आगे बढ़ने से अंतरिक्ष यात्रियों की तैयारियों और समय-सारिणी पर असर पड़ सकता है।
आधी सदी बाद चांद की ओर कदम
नासा का यह मिशन इसलिए भी खास है, क्योंकि 1972 में अपोलो-17 के बाद पहली बार इंसान चांद की ओर जाएगा। आर्टेमिस मिशन को भविष्य में स्थायी चंद्र मिशनों और मंगल अभियान की नींव माना जा रहा है। ऐसे में मौसम की यह देरी भले ही छोटी हो, लेकिन मिशन की अहमियत को देखते हुए नासा कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
अन्य वीडियो-
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क्या है पूरा मामला?
नासा के अनुसार, चार अंतरिक्ष यात्रियों को चांद के चारों ओर घुमाकर वापस लाने वाला आर्टेमिस मिशन अब 8 फरवरी से पहले लॉन्च नहीं किया जाएगा। पहले यह मिशन छह फरवरी को प्रस्तावित था। ठंड के चलते 322 फुट लंबे चंद्र रॉकेट की फ्यूलिंग टेस्ट प्रक्रिया भी रद्द करनी पड़ी। नासा ने साफ कहा कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
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ठंड से बढ़ी तकनीकी चुनौती
प्रक्षेपण स्थल पर तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंचने से रॉकेट और यान के कई हिस्सों पर असर पड़ सकता है। नासा अधिकारियों ने बताया कि ओरायन कैप्सूल को गर्म रखने के लिए हीटर लगाए गए हैं। साथ ही, रॉकेट के पर्जिंग सिस्टम को भी ठंड के हिसाब से बदला जा रहा है, ताकि किसी तरह की तकनीकी खराबी न आए।
ड्रेस रिहर्सल और सीमित समय
नासा अब सोमवार को फ्यूलिंग की ड्रेस रिहर्सल करने की तैयारी कर रहा है, लेकिन यह भी मौसम पर निर्भर करेगा। फरवरी महीने में नासा के पास केवल तीन ही ऐसे दिन हैं, जब यह मिशन लॉन्च किया जा सकता है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगर इसमें और देरी हुई, तो मिशन मार्च तक टल सकता है।
अंतरिक्ष यात्री क्वारंटीन में
मिशन के कमांडर रीड वाइजमैन और उनके साथी फिलहाल ह्यूस्टन में क्वारंटीन में हैं। उनकी फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर तक यात्रा को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। लॉन्च की तारीख आगे बढ़ने से अंतरिक्ष यात्रियों की तैयारियों और समय-सारिणी पर असर पड़ सकता है।
आधी सदी बाद चांद की ओर कदम
नासा का यह मिशन इसलिए भी खास है, क्योंकि 1972 में अपोलो-17 के बाद पहली बार इंसान चांद की ओर जाएगा। आर्टेमिस मिशन को भविष्य में स्थायी चंद्र मिशनों और मंगल अभियान की नींव माना जा रहा है। ऐसे में मौसम की यह देरी भले ही छोटी हो, लेकिन मिशन की अहमियत को देखते हुए नासा कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
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