फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Myanmar military court will pronounce the verdict on Tuesday of NLD leader Aung San Suu Kyi

म्यांमार: सू ची के खिलाफ एक मुकदमे में फैसला मंगलवार को, मिलेंगे कई संकेत

Mon, 29 Nov 2021 07:09 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यंगून
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यंगून Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 29 Nov 2021 07:09 PM IST
सार

विशेष सैनिक अदालत में चले मुकदमे की कार्यवाही गोपनीय रखी गई। पत्रकारों को वहां नहीं जाने दिया गया। सू ची के वकीलों पर कड़ा प्रतिबंध है। उनके कोई सार्वजनिक बयान देने पर मनाही है। सू ची पर जो आरोप लगाए गए हैं, उनमें बिना लाइसेंस के वॉकी-टॉकी रखना और कोरोना वायरस महामारी के दौरान लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन करना शामिल है...

विज्ञापन
Myanmar military court will pronounce the verdict on Tuesday of NLD leader Aung San Suu Kyi
आंग सान सू ची - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

मंगलवार म्यांमार के लिए एक महत्त्वपूर्ण दिन होगा। इस साल एक फरवरी को देश में हुए सैनिक तख्ता पलट के बाद नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) की नेता आंग सान सू ची के खिलाफ जो कई मुकदमे शुरू किए गए थे, उनमें से एक का फैसला सैनिक अदालत मंगलवार को सुनाएगी। म्यांमार में निर्वाचित सरकार के सत्ता संभालने से कुछ घंटे पहले ही देश की सेना ने तख्ता पलट दिया था। तब से सू ची जेल में हैं। चुनाव में एनएलडी को बहुमत मिला था।

विज्ञापन

तीन साल तक की हो सकती है कैद

सैनिक तख्ता पलट के विरोध में चले आंदोलन में 1,200 से ज्यादा लोगों की जान गई है। दस हजार से अधिक लोग जेल में डाले गए हैँ। जानकारों के मुताबिक जिस आरोप में चले मुकदमे में फैसला आने वाला है, उसमें सू ची को तीन साल तक की कैद हो सकती है। आलोचकों का कहना है कि सू ची पर थोपे गए मुकदमों का मकसद उन्हें राजनीतिक सीन से हटाना है। सू ची आज भी देश में सबसे लोकप्रिय नेता हैं। उन्हें म्यांमार में लोकतंत्र के लिए संघर्ष का प्रतीक समझा जाता है। गिरफ्तारी के बाद से उन्हें कहां रखा गया है, इस बारे में बाकी दुनिया को कोई जानकारी नहीं है।

विज्ञापन


विशेष सैनिक अदालत में चले मुकदमे की कार्यवाही गोपनीय रखी गई। पत्रकारों को वहां नहीं जाने दिया गया। सू ची के वकीलों पर कड़ा प्रतिबंध है। उनके कोई सार्वजनिक बयान देने पर मनाही है। सू ची पर जो आरोप लगाए गए हैं, उनमें बिना लाइसेंस के वॉकी-टॉकी रखना और कोरोना वायरस महामारी के दौरान लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन करना शामिल है। साथ ही, उन पर सरकारी गोपनीयता कानून के उल्लंघन, भ्रष्टाचार और चुनाव में धोखाधड़ी करने के इल्जाम भी लगाए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सेहत पर पड़ा खराब असर

पिछले हफ्ते सू ची की लीगल टीम ने कहा कि मुकदमों की सुनवाई के सिलसिले में इस 76 वर्षीया नेता को रोजमर्रा के स्तर पर कोर्ट में पेश किया गया। उसका उनकी सेहत पर बहुत खराब असर पड़ा है। इस बीच पहले म्यांमार में रह चुके विश्लेषक डेविड मेथियेसन ने टोक्यो से प्रकाशित होने वाले अखबार जापान टाइम्स से बातचीत में कहा- ‘मेरी राय में सू ची को निश्चित रूप से सख्त सजा मिलेगी। देखने की बात यह है कि सजा होने के बाद उन्हें कहां रखा जाता है। क्या उन्हें भीड़-भाड़ वाली जेलों में रखा जाता है, या किसी सुविधापूर्ण घर में।’


सू ची को 1990 के दशक में भी सैनिक तख्तापलट के बाद गिरफ्तार किया गया था। तब लंबे समय तक उन्हें उनके पारिवारिक घर में नजरबंद रखा गया। वहां वे कभी-कभार अपने गार्डन में अपने समर्थकों के सामने आती भी थीं। लेकिन मौजूदा सैनिक तानाशाह मिन आंग हलायंग के शासनकाल में उन्हें कहां रखा गया है, यह जानकारी भी नहीं दी गई है। बताया जाता है कि इस समय उन्हें गिने-चुने सहायक ही दिए गए हैं।


पिछले दस महीनों से दुनिया से सू ची का संपर्क सिर्फ उनके वकीलों के जरिये रहा है। वकीलों ने कुछ मौकों पर सू ची का संदेश उनके समर्थकों के लिए जारी किया है। बीते जून में सू ची के 76वें जन्मदिन के मौके पर वकीलों ने उनकी तस्वीर और संदेश सोशल मीडिया पर डाले। इसमें सू ची ने कहा था कि एनएलडी का अस्तित्व बना रहेगा और ये पार्टी देश में लोकतंत्र के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed