फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Myanmar junta orders shutdown of wireless internet services says telecom company

म्यांमार : प्रदर्शनों के बीच बंद की गई वायरलैस इंटरनेट सेवा

Fri, 02 Apr 2021 12:35 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नेपिता
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नेपिता Published by: देव कश्यप Updated Fri, 02 Apr 2021 12:35 AM IST
सार

  • अमेरिकी मानवाधिकार संस्था ने कहा, सेना ने सैकड़ों को किया जबरन गायब

विज्ञापन
Myanmar junta orders shutdown of wireless internet services says telecom company
म्यांमार में प्रदर्शनकारियों पर सेना की कार्रवाई - फोटो : पीटीआई

विस्तार

म्यांमार में सेना के आदेश पर वायरलैस ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं शुक्रवार को बंद कर दी गईं हैं। एक स्थानीय सेवा प्रदाता ओरेडू ने बताया कि सत्ता के सैन्य शासन के हाथों में चले जाने के खिलाफ प्रदर्शनकारियों का विरोध लगातार जारी है। इस बीच, अमेरिका की मानवाधिकार संस्था ने कहा कि म्यांमार सेना ने सैकड़ों नागरिकों को जबरन गायब कर दिया है।

विज्ञापन


ओरेडू की ओर से ऑनलाइन पोस्ट किए गए बयान के मुताबिक परिवहन एवं संचार मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी निर्देश में अगले नोटिस तक सभी वायरलैस ब्रॉडबैंड डाटा सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद रखने को कहा गया है। फाइबर आधारित लैंडलाइन इंटरनेट कनेक्शन अब भी काम कर रहे हैं लेकिन बेहद धीमी गति से। शुक्रवार को ही, न्यूयॉर्क स्थित मानवाधिकार निगरानी संस्था ने एक रिपोर्ट जारी कर कहा कि म्यांमार की सेना ने नेताओं, चुनाव अधिकारियों, पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों समेत सैकड़ों लोगों को जबरन गायब कर दिया है। सेना ने वैश्विक कानून तोड़ते हुए वकीलों तथा गायब हुए लोगों के परिजनों को उन तक पहुंच देने से इनकार कर दिया है। मानवाधिकार निगरानी एशिया के निदेशक ब्रेड एडम्स ने कहा, संबंधित सरकारों को प्रत्येक लापता शख्स की रिहाई की मांग करनी चाहिए।
विज्ञापन


सूकी पर एक और आरोप मढ़ा
एक फरवरी को सैन्य तख्तापलट के बाद म्यांमार की नेता आंग सान सू की को हिरासत में लेने के दो माह बाद भी उनकी रिहाई के बजाय सैन्य शासन ने उन पर एक और आरोप जड़ा है। क्योदो न्यूज के मुताबिक उन्हें पांच आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। यह नया आरोप आधिकारिक गोपनीयता कानून के तहत है जिसमें उन पर आधिकारिक सीक्रेट छुपाने का मुकदमा चलेगा। उन्हें चार अन्य लोगों के साथ इस कानून के तहत यंगून की अदालत में आरोपित किया गया जिसकी अगली सुनवाई 8 अप्रैल को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूएनएससी ने की निंदा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने म्यांमार में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हिंसा और सैकड़ों नागरिकों की मौत की निंदा की है। सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्यों के बीच बुधवार को शुरू हुई चर्चा के बाद जारी बयान में म्यांमार में बदतर होते हालात पर गहरी चिंता जताई गई और सेना से अधिक संयम बरतने का आह्वान किया। ब्रिटेन द्वारा तैयार इस संयुक्त बयान को सभी सदस्यों ने मंजूरी दी। हालांकि एक राजनयिक ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि इस बैठक में म्यांमार पर प्रतिबंध लगाने पर भी विचार किया गया लेकिन चीन के जोर देने पर अंतिम बयान बदला गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed