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Myanmar: म्यांमार भूकंप में मृतकों की संख्या में हुआ इजाफा, 3145 लोगों की मौत; करीब चार हजार घायल और 341 लापता
Thu, 03 Apr 2025 03:39 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 03 Apr 2025 03:39 PM IST
सार
म्यांमार में आए भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या गुरुवार को बढ़कर 3145 हो गई, क्योंकि खोज और बचाव दलों को और शव मिले हैं। वहीं सैन्य नेतृत्व वाली सरकार ने बताया कि मानवीय सहायता समूह जीवित बचे लोगों को चिकित्सा देखभाल और आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।
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म्यांमार भूकंप में बढ़ा मृतकों का आंकड़ा
- फोटो : ANI
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विस्तार
म्यांमार में करीब एक हफ्ते पहले आए भूकंप में मृतकों की संख्या में इजाफा हुआ है। बता दें कि, राहत और बचाव दल ने मलबे कई अन्य लोगों के शव बरामद किए हैं, इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 3145 हो गई है। वहीं इस विनाशकारी भूकंप के बाद अभी चार हजार से ज्यादा लोग घायल है और कुल 341 लोग लापता हैं। ये आंकड़े म्यांमार की सेना की तरफ से जारी किए गए हैं।
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7.7 तीव्रता के भूकंप ने मचाई तबाही
बीते शुक्रवार यानी 28 मार्च को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप का केंद्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के पास था। जिससे हजारों इमारत जमींदोज हो गए और सड़कें बड़े-बड़े खाई में बदल गईं। स्थानीय मीडिया में हताहतों की संख्या की रिपोर्ट आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक है और दूरसंचार के व्यापक रूप से बंद होने और कई स्थानों तक पहुंचना मुश्किल होने के कारण, ऐसा माना जाता है कि ज्यादा जानकारी मिलने पर हताहतों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो सकती है।
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डब्ल्यूएचओ और यूएन ने मदद की अपील की
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि उसके प्रारंभिक आकलन के अनुसार, चार अस्पताल और एक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं जबकि अन्य 32 अस्पताल और 18 स्वास्थ्य केंद्र आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने कहा, 'बुनियादी ढांचे के नुकसान और रोगियों की बढ़ती संख्या के कारण, सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच लगभग असंभव हो गई है।' 'हजारों लोगों को देखभाल, चिकित्सा और बीमारी के प्रकोप के लिए उपचार की तत्काल आवश्यकता है।'
यह भी पढ़ें - शिक्षक भर्ती मामला: SC के फैसले पर ममता बोलीं- न्यायपालिका के प्रति सम्मान है, लेकिन फैसला स्वीकार नहीं
चौतरफा संकट से जूझ रहा म्यांमार
म्यांमार की सेना ने 2021 में आंग सान सू की की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार से सत्ता छीन ली, जिससे गृहयुद्ध छिड़ गया। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, भूकंप ने पहले से ही गंभीर मानवीय संकट को और बढ़ा दिया है, जिसमें तीन मिलियन से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं और लगभग 20 मिलियन लोग भूकंप से पहले ही जरूरतमंद थे। इसी बीच सेना ने बुधवार को 22 अप्रैल तक अस्थायी युद्ध विराम की घोषणा की। यह घोषणा सैन्य शासन का विरोध करने वाले सशस्त्र प्रतिरोध समूहों की तरफ से घोषित एकतरफा अस्थायी युद्ध विराम के बाद की गई है।
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बीते शुक्रवार यानी 28 मार्च को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप का केंद्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के पास था। जिससे हजारों इमारत जमींदोज हो गए और सड़कें बड़े-बड़े खाई में बदल गईं। स्थानीय मीडिया में हताहतों की संख्या की रिपोर्ट आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक है और दूरसंचार के व्यापक रूप से बंद होने और कई स्थानों तक पहुंचना मुश्किल होने के कारण, ऐसा माना जाता है कि ज्यादा जानकारी मिलने पर हताहतों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो सकती है।
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डब्ल्यूएचओ और यूएन ने मदद की अपील की
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि उसके प्रारंभिक आकलन के अनुसार, चार अस्पताल और एक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं जबकि अन्य 32 अस्पताल और 18 स्वास्थ्य केंद्र आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने कहा, 'बुनियादी ढांचे के नुकसान और रोगियों की बढ़ती संख्या के कारण, सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच लगभग असंभव हो गई है।' 'हजारों लोगों को देखभाल, चिकित्सा और बीमारी के प्रकोप के लिए उपचार की तत्काल आवश्यकता है।'
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चौतरफा संकट से जूझ रहा म्यांमार
म्यांमार की सेना ने 2021 में आंग सान सू की की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार से सत्ता छीन ली, जिससे गृहयुद्ध छिड़ गया। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, भूकंप ने पहले से ही गंभीर मानवीय संकट को और बढ़ा दिया है, जिसमें तीन मिलियन से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं और लगभग 20 मिलियन लोग भूकंप से पहले ही जरूरतमंद थे। इसी बीच सेना ने बुधवार को 22 अप्रैल तक अस्थायी युद्ध विराम की घोषणा की। यह घोषणा सैन्य शासन का विरोध करने वाले सशस्त्र प्रतिरोध समूहों की तरफ से घोषित एकतरफा अस्थायी युद्ध विराम के बाद की गई है।
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