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उपलब्धि: भारतवंशी सत्य नडेला बने माइक्रोसॉफ्ट के चैयरमैन, पहले थे कंपनी के सीईओ
Thu, 17 Jun 2021 08:41 AM IST
दीप्ति मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Thu, 17 Jun 2021 08:41 AM IST
सार
भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला नित नए सफलता के सोपान पर चढ़ते जा रहे हैं।अब माइक्रोसॉफ्ट ने सत्या नडेला को कंपनी का चैयरमैन बनाया है।
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सत्या नडेला
- फोटो : PTI
विस्तार
भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला नित नए सफलता के सोपान पर चढ़ते जा रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने बुधवार को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सत्या नडेला को कंपनी का अध्यक्ष नामित किया है। सत्या नडेला जॉन थॉम्पसन का स्थान लेंगे। कंपनी ने बयान जारी कर यह जानकरी दी।
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सत्या नडेला वर्ष 2014 में माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बने थे। इसके बाद सत्या नडेला ने लिंकडइन, न्यूनस कम्युनिकेशंस और जेनीमैक्स जैसी कई कंपनियों के अरबों डॉलर के अधिग्रहण में अहम भूमिका निभाई।
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माइक्रोसॉफ्ट ने एक बयान जारी सत्या नडेला को कंपनी का चैयरमैन बनाए जाने की जानकारी दी। इसमें कहा है कि सीईओ सत्या नडेला अब माइक्रोसॉफ्ट के नए चैयरमैन होंगे। नडेला से पहले थॉम्पसन कंपनी के चैयरमैन थे। थॉम्पसन अब प्रमुख स्वतंत्र निदेशक रहेंगे। वर्ष 2014 में थॉम्पसन ने बिल गेट्स के बाद माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन का पद संभाला था।
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बता दें कि माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स अब कंपनी के बोर्ड में नहीं हैं। वे बिल एवं मेलिंडा गेट्स के परोपकारी कार्यों पर ध्यान दे रहे हैं। कंपनी ने हाल में ही प्रति शेयर 56 सेंट का तिमाही लाभांश देने का निर्णय लिया है।
हैदराबाद से हुई नडेला की स्कूली शिक्षा
सत्या नडेला का जन्म भारत के हैदराबाद में साल 1967 में हुआ था। उनके पिता एक प्रशासनिक अधिकारी और मां संस्कृत की लेक्चरर थीं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा हैदराबाद पब्लिक स्कूल से करने के बाद साल 1988 में मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। इसके बाद वे कंप्यूटर साइंस में परास्नातक करने के लिए अमेरिका चले गए। उन्होंने 1996 में शिकागो के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए किया।