Maternity Leaves: अब 180 दिनों का मातृत्व अवकाश, सरोगेसी से जुड़े नियमों में संशोधन; पिता को भी 15 दिन छुट्टी
मातृत्व अवकाश से जुड़े नियमों पर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नियमों में संशोधन के बाद अब सरोगेट और पालक, दोनों श्रेणी की माताओं को 180 दिनों तक का अवकाश मिल सकेगा। रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार के नए नियम अधिसूचित कर दिए हैं। पिता को भी 15 दिनों की छुट्टी का अधिकार होगा।
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18 जून से लागू हुए छुट्टी के नए नियम; सरोगेट व पालक दोनों मां पा सकेंगी मातृत्व अवकाश
नए नियमों के तहत, सरोगेट मां के साथ दूसरी मां को अधिष्ठाता मां की संज्ञा दी गई है। अधिष्ठाता मां बच्चे के देखभाल के लिए दो साल के चाइल्ड केयर लीव की पात्र होगी, जो बच्चे के 18 साल का होने तक ली जा सकेगी। बच्चे का अधिष्ठाता पिता भी यदि सरकारी कर्मचारी है तो वह भी 15 दिनों के पितृत्व अवकाश का पात्र होगा। नए नियम 18 जून से लागू हो गए हैं।
अब 180 दिनों की छुट्टी ले सकेंगी सरोगेट और अधिष्ठाता माताएं
केंद्र सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक सरोगेसी के जरिए बच्चों को जन्म देने वाली माताओं और बच्चों को अपनाने वाले माता-पिता की छुट्टियों की जरूरत को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कहा है कि अब सरोगेसी के मामलों में मातृत्व अवकाश 180 दिनों तक लिया जा सकेगा। केंद्र की सरकारी कर्मचारी जो सरोगेट है, उसे 180 दिनों तक छुट्टी मिल सकेगी। संशोधित नियमों की अधिसूचना कार्मिक मंत्रालय (DoPT) ने जारी कर दी है। इसके मुताबिक अब सरोगेट के साथ-साथ अधिष्ठाता माता (जैविक मां) को भी 180 दिनों की छुट्टी की सुविधा मिल सकेगी।
मां के अलावा पिता को भी छुट्टी का अधिकार; 15 दिनों के पितृत्व अवकाश का फैसलाBig Decision for mother who gives birth to a child through surrogacy and the parents who adopt those children
— DD News (@DDNewslive) June 23, 2024
Now in cases of surrogacy, the surrogate, a central government employee, will be able to get 180 days of maternity leave
Along with the surrogate, the presiding mother,… pic.twitter.com/WrFnMf0PTU
सरकार ने नए नियमों को प्रभावी बनाने के लिए केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 में संशोधन किया है। अब इसका लाभ केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा। संशोधन के मुताबिक सरोगेसी के लिए कमीशनिंग करने वाली मां, जिसके दो से कम जीवित बच्चे हैं, वह भी चाइल्ड केयर लीव पाने की पात्र होगी। इसके साथ ही सरोगेसी के लिए पितृत्व अवकाश को लेकर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब केंद्रीय कर्मचारी कमीशनिंग करने वाले पिता, जिसके दो से कम जीवित बच्चे हैं, वह बच्चे के जन्म के छह महीने के भीतर 15 दिन का पितृत्व अवकाश पाने का हकदार होगा।