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शोध: अल्ट्रासाउंड से नष्ट किया जा सकता है कोरोना वायरस
Fri, 19 Mar 2021 07:01 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, बॉस्टन
एजेंसी, बॉस्टन
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 19 Mar 2021 07:01 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
अल्ट्रासाउंड से होने वाली वाइब्रेशन से कोरोना वायरस को क्षति पहुंचाई जा सकती है। इसके जरिए वायरस का नए ढंग से इलाज भी तलाशा जा सकता है। यह दावा मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) ने किया है। इसके लिए चिकित्सकीय जांच में सामान्यत: उपयोग होने वाली 25 से 100 मेगाहर्ट्ज की अल्ट्रासाउंड फ्रीक्वेंसी ही काफी होती है।
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एमआईटी के शोधकर्ताओं के अनुसार, उन्हाेंने इसे कंप्यूटर सिम्युलेशन प्रोग्राम के जरिए साबित किया है। एक वैज्ञानिक जर्नल में प्रकाशित इस शोध में एमआईटी के अप्लाइड मैकेनिक्स प्रोफेसर टोमाज विर्जिबिस्की ने दावा किया कि यह अल्ट्रासाउंड से कोविड-19 के नए लेकिन संभावित इलाज का संकेत है।
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प्रयोग में साबित हुआ है कि वाइब्रेशन से कोरोना वायरस के बाहरी खोल को क्षतिग्रस्त किया जा सकता है। इसी पर वायरस के स्पाइक बने होते हैं जिससे वह फैलता है। वाइब्रेशन से उसके भीतर मौजूद आरएनए को भी नुकसान होता है।
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