फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Attack in Burkina Faso Barsalogh African Country Al Qaeda Killed 600 People Within Hours Detailed Full Report

Burkina Faso: अलकायदा ने कुछ ही घंटों में 600 लोगों को मार दी थी गोली; उग्रवाद के खिलाफ सेना का दे रहे थे साथ

Sat, 05 Oct 2024 09:21 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वागाडूगू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वागाडूगू Published by: श्वेता महतो Updated Sat, 05 Oct 2024 09:21 AM IST
सार

स्थानीय लोगों को सेना द्वारा शहर के चारों ओर एक विशाल खाई खोदने का आदेश दिया गया था, जिससे कि उन्हें जिहादियों से बचाया जा सके। जेएनआईएम ने नागरिकों को उग्रवाद के खिलाफ सेना का समर्थन न करने की चेतावनी दी थी।

विज्ञापन
Attack in Burkina Faso Barsalogh African Country Al Qaeda Killed 600 People Within Hours Detailed Full Report
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिमी अफ्रीका के बुर्किना फासो के बरसालोघो शहर में अगस्त में अलकायदा से जुड़े सदस्यों द्वारा किए गए हमले में कुछ ही घंटों के भीतर लगभग 600 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं थीं। 24 अगस्त को खाई खोदने के दौरान बरसालोघे के निवासिओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह पश्चिमी देश के इतिहास में सबसे भयानक हमलों में से एक था। दरअसल, अल-कायदा ने उग्रवाद के खिलाफ सेना का समर्थन न करने की चेतावनी दी थी।
विज्ञापन


एक ही झटके में 600 लोगों की मौत
माली के अल कायदा से संबंधित और बुर्किना फासो में सक्रिय जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन (जेएनआईएम) के सदस्यों ने बाइक पर बारसालोघो के बाहरी इलाके में घुसते ही ग्रामीणों को गोली मार दी। संयुक्त राष्ट्र ने लगभग 200 लोगों की मौत का अनुमान लगाया था, लेकिन जेएनआईएम ने दावा किया कि उन्होंने 300 लड़ाकों को मार गिराया। फ्रांसीसी सरकार ने शुक्रवार को सुरक्षा आकलन का हवाला देते हुए 600 लोगों की मौत की पुष्टि की। 
विज्ञापन


लोगों ने सुनाई आपबीती
एक व्यक्ति ने इस हमले को लेकर मीडिया बात की। उन्होंने बताया कि वह उन लोगों में शामिल था, जिन्हें सेना ने खाई खोदने के लिए कहा था। व्यक्ति ने बताया कि वह सुबह के 11 बजे जब उसने पहली बार गोली की आवाज सुनी तो वह शहर से चार किमी दूर था। उन्होंने कहा, "मैं बचने के लिए खाई में रेंगने लगा। ऐसा लग रहा था कि हमलावर खाई का पीछा कर रहे थे, इसलिए मैं खाई से बाहर निकला और खून से लथपथ पीड़ित के पास आया। दरअसल, उस समय हर जगह खून ही थून था। हर जगह से चचीखने की आवाजें आ रही थी। मैं झाड़ियों में पेट के बल लेट गया। मैं दोपहर तक वहां छिपा रहा।"
विज्ञापन
विज्ञापन


इस हमले में अपने दो सदस्यों को खोने वाले पीड़ित ने बताया कि जेएनआईएम ने सभी को मार डाला। उन्होंने कहा, "तीन दिनों तक हम शव एकत्रित करते रहे। हर जगह चीख पुकार मची हुई थी। हम डरे हुए थे। जमीन पर इतने सारे शव पड़े थे कि उन्हें दफनाना मुश्किल था।"


स्थानीय लोगों को सेना द्वारा शहर के चारों ओर एक विशाल खाई खोदने का आदेश दिया गया था, जिससे कि उन्हें जिहादियों से बचाया जा सके। जेएनआईएम ने नागरिकों को उग्रवाद के खिलाफ सेना का समर्थन न करने की चेतावनी दी थी। बता दें कि 2015 के संघर्ष के बाद से बुर्किना फासो में 20,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि करीब 20 लाख लोग  विस्थापित हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed