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Salman Rushdie: 77 वर्षीय भारतीय-ब्रिटिश लेखक को 32 माह बाद मिला इंसाफ, आंख पर हमला करने वाले को 25 साल की जेल
Sat, 17 May 2025 01:20 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मेविल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मेविल
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sat, 17 May 2025 01:20 AM IST
सार
मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर 2022 में न्यूयॉर्क व्याख्यान के मंच पर चाकू से हमला करने के दोषी व्यक्ति को शुक्रवार को 25 साल जेल की सजा सुनाई गई। इस हमले से रुश्दी एक आंख से अंधे हो गए थे। जूरी ने 27 वर्षीय हादी मतार को फरवरी में हत्या के प्रयास और हमले का दोषी करार दिया था। रुश्दी अपने हमलावर को सजा सुनाए जाते वक्त अदालत में मौजूद नहीं थे लेकिन उन्होंने बयान जारी किया।
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सलमान रुश्दी
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
77 वर्षीय भारतीय-ब्रिटिश लेखक सलमान रुश्दी पर 2022 में न्यूयॉर्क व्याख्यान के मंच पर चाकू से हमला करने के दोषी व्यक्ति को शुक्रवार को 25 साल जेल की सजा सुनाई गई। इस हमले में रुश्दी की एक आंख की रोशनी चली गई थी। जूरी ने 27 वर्षीय हादी मतार को फरवरी में हत्या के प्रयास और हमले का दोषी करार दिया था।
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हमलावर हादी मतार को जब जज ने सजा सुनाई तो वह चुपचाप खड़ा रहा। उसने रुश्दी पर हमला करने से इनकार नहीं किया। सजा सुनाए जाने से पहले जज ने मतार को अदालत को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान मतार ने अदालत में मशहूर लेखक रुश्दी को पाखंडी कहा और अपशब्द भी बोले। मतार ने कहा कि वह अभिव्यक्ति की आजादी में विश्वास करता है। उसे रुश्दी की बातें पसंद नहीं हैं। हथकड़ी पहने मतार ने कहा, 'सलमान रुश्दी अन्य लोगों का अनादर करना चाहते हैं।'
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सजा सुनाए जाने के दौरान कोर्ट में मौजूद नहीं थे रुश्दी
मतार को सजा सुनाए जाने के दौरान सलमान रुश्दी कोर्ट में मौजूद नहीं थे। चौटौक्वा काउंटी के जिला अटॉर्नी जेसन श्मिट ने कहा कि रुश्दी ने एक बयान भेजा, जिसमें उन्होंने कहा कि हमले के बाद उन्हें बुरे सपने आते हैं। उनका बयान सार्वजनिक नहीं किया गया। रुश्दी ने अपने एजेंट के माध्यम से सजा सुनाए जाने के बाद टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
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न्ययॉर्क व्याख्यान के मंच पर 2022 में हुआ था हमला
मशहूर लेखक रुश्दी पर 2022 में हमला हुआ था। रुश्दी जब न्यूयॉर्क व्याख्यान के मंच पर बोलने जा रहे थे, तब एक नकाबपोश हमलावर ने मंच पर आकर उनके सिर और शरीर पर चाकू से कई वार किए। यह पूरा मामला कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो में दिखा कि रुश्दी ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावर मतार ने लगातार हमला किया। मुकदमे के दौरान, लेखकर रुश्दी ने बताया कि उन्हें लगा कि वह मर रहे हैं। फरवरी में दो घंटे से भी कम समय तक विचार-विमर्श करने के बाद जूरी ने मतार को हत्या के प्रयास और हमले का दोषी पाया।
एक अन्य व्यक्ति को घायल करने के लिए भी सात साल की सजा सुनाई
न्यायाधीश डेविड फोले ने मतार से कहा कि विचारों की स्वतंत्रता जरूरी है, लेकिन जब कोई हिंसा करता है और दूसरों की आजादी छीनता है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए। जज ने मतार को रुश्दी के साथ मंच पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति को घायल करने के लिए 7 साल की अलग सजा भी दी, लेकिन ये दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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पेंसिल्वेनिया के एक अस्पताल में 17 दिन रहे रुश्दी
हमले के बाद, सलमान रुश्दी पेंसिल्वेनिया के एक अस्पताल में 17 दिन रहे। इसके बाद उन्होंने न्यूयॉर्क के एक पुनर्वास केंद्र में तीन सप्ताह से अधिक समय बिताया। ठीक होने के बाद, रुश्दी ने 2024 में 'नाइफ' नामक एक किताब लिखी, जिसमें उन्होंने हमले का विवरण दिया।
मतार के वकील ने 12 साल की सजा की मांग की
मतार के वकील नाथनियल बैरोन ने सजा सुनाए जाने के दौरान न्यायाधीश से अपने मुव्वकिल के लिए 12 साल की सजा सुनाने की मांग की। इसके पीछे वकील ने मतार का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड न होने का हवाला दिया। हालांकि, अभियोक्ता श्मिट ने कहा कि मतार को 25 साल की सजा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतार ने इस तरह से हमला किया कि वह न केवल रुश्दी, बल्कि वहां मौजूद समाज के 1,400 लोगों को अधिक नुकसान पहुंचा सके।
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