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PM Modi Maldives Visit: 'भारत न होता तो कर्ज चुकाने में डिफॉल्टर हो जाते'; पूर्व राष्ट्रपति नशीद का बड़ा बयान
Thu, 24 Jul 2025 01:19 AM IST
शिव शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले
Published by: शिव शुक्ला
Updated Thu, 24 Jul 2025 01:19 AM IST
सार
इस दौरान नशीद ने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी के मालदीव आने के बाद भारतीय पर्यटक भी फिर से मालदीव आना शुरू करेंगे। नशीद ने कहा, जब संबंध मजबूत होते हैं तो इससे सभी का फायदा होता है। मेरा भरोसा है कि प्रधानमंत्री की यात्रा से मालदीव आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
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पीएम मोदी और मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद।
- फोटो : ani
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25-26 जुलाई को मालदीव यात्रा से पहले मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कहा कि हालिया समय में उनके देश की आर्थिक दुश्वारी के दौरान भारत ने मदद की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से पहले नशीद ने कहा, अगर भारत ने मदद न की होती तो कर्ज चुकाने में हम डिफॉल्टर हो जाते। चुनौतीपूर्ण समय में भारत की मदद ने मालदीव की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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नशीद ने कहा, मालदीव में भारतीय सहायता और साझेदारी का गहरा महत्व है और इसने हमारे मुश्किल समय में अहम भूमिका निभाई है। मालदीव की बढ़ती वित्तीय कठिनाइयों और भारी कर्ज भुगतान दायित्वों के बीच, भारत के समय पर दिए गए समर्थन ने हमें ऋण भुगतान में चूक से बचने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में मदद की। नशीद ने कहा, यह आर्थिक साझेदारी केवल वित्तीय सहायता से कहीं अधिक है। यह विश्वास और क्षेत्रीय एकजुटता पर कायम है। इस प्रकार की साझेदारी पड़ोसी देशों के बीच लचीलेपन और विश्वास को मजबूत करती है।
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विदेश नीति के बारे में नशीद ने कहा, हमने मालदीव में हमेशा 'भारत-प्रथम' की विदेश नीति अपनाई है। लेकिन अतीत में, चुनाव चक्रों के कारण हमारी विदेश नीति कभी चीन और कभी भारत समर्थक रुख के बीच झूलती रहती है। हालांकि मालदीव में लोकतंत्र अब एक अधिक स्थिर और सुसंगत विदेश नीति दृष्टिकोण की अनुमति देता है। पहले के उलट आज मालदीव की राजनीति के सभी क्षेत्रों में, राजनीतिक दृष्टिकोण पूरी तरह से भारत-प्रथम है। नशीद ने कहा, पीएम मोदी की यात्रा हिंद महासागर में मालदीव की महत्वपूर्ण स्थिति को देखते हुए, भारत के रणनीतिक हितों की पुष्टि करती है।
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भारत के साथ दीर्घकालिक संबंधों को महत्व देता है मालदीव
नशीद ने कहा, मालदीव हिंद महासागर के सबसे नौगम्य जलक्षेत्रों में से एक में स्थित है। मालदीव उत्तर से दक्षिण तक 1,000 किलोमीटर और पूर्व से पश्चिम तक 600 किलोमीटर तक फैला है। प्रधानमंत्री मोदी की मालदीव यात्रा भारत के साथ अपने दीर्घकालिक संबंधों को दिए जाने वाले रणनीतिक महत्व की पुष्टि करती है। हम इस सहयोग का स्वागत करते हैं, क्योंकि यह हमारी राष्ट्रीय स्थिरता में सार्थक योगदान देता है और साझा समृद्धि के नए रास्ते खोलता है।
पीएम मोदी की यात्रा के बाद भारतीय पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी
नशीद ने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी के मालदीव आने के बाद भारतीय पर्यटक भी फिर से मालदीव आना शुरू करेंगे। नशीद ने कहा, जब संबंध मजबूत होते हैं तो इससे सभी का फायदा होता है। मेरा भरोसा है कि प्रधानमंत्री की यात्रा से मालदीव आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। दरअसल, मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों के बीच आए तनाव और मुइज्जू के कुछ मंत्रियों की पीएम मोदी पर की गई टिप्पणियों के बाद भारत से मालदीव जाने वाले पर्यटकों की संख्या में तेज गिरावट आ गई थी। इससे मालदीव की अर्थव्यवस्था को झटका लगा था।